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Wednesday, November 17, 2010

....सिर्फ कॉल करो और कुछ नहीं

इस समय बाजार में एक से एक खूबियों वाले मोबाइल फोन उपलब्ध हैं। इनकी भीड़ में यह तय करना मुश्किल है कि किसे खरीदा जाए और किसे नहीं। लेकिन अब आपको इस दुविधा से बचाने के लिए आ गया है एक ऐसा मोबाइल जिसमें कोई फीचर नहीं है। जी हां यकीन मानिए कि इसमें कुछ भी नहीं है।
इस फोन को नाम दिया गया है ऐंटी फोन का और इसमें एक ही सुविधा है और वह यह कि इससे सिर्फ किसी को फोन कर सकते हैं या किसी की कॉल ले सकते हैं। इसके अलावा इसमें कुछ भी नहीं है। यहां तक कि इसमें फोन ऐड्रेस के लिए कागज का पैड और पतला सा पेन पीछे लगा हुआ है।
इस फोन में म्यूजिक की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही एसएमएस की। यह उनके लिए बनाया गया है जो मोबाइल फोन के झंझटों से दूर रहना चाहते हैं। इसकी एक खासियत जरूर है कि इसकी बैटरी तीन हफ्ते चलती है। यह 10.5 सेंटीमीटर से जरा छोटा है और इसे नाम दिया गया है-ऐंटी फोन। इसकी कीमत है सफेद की 59 पाउंड ( 4284 रुपए) और रंगीन की 67 पाउंड(4865 रुपए)।
लांच हो गया दुनिया का पहला तैरने वाला मोबाइल

जापानी कंपनी शार्प भी उतरी मोबाइल बाजार में

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर शुरू हुआ मोबाइल से कारोबार

एमवीएल मोबाइल जी 81

दुनिया का सबसे सस्ता मोबाइल, कीमत सिर्फ 71 रु.

अब चुराया मोबाइल नहीं चल सकेगा

मात्र 19 रुपए में बदलो मोबाइल कंपनी





17-18 की रात आसमान में लग जाएगी आग

नई दिल्ली. आसमान में 17 नवंबर की रात उल्का पिंडों की बरसात होगी, लेकिन चंद्रमा की मौजूदगी के चलते लोगों को इस आकाशीय आतिशबाजी का नजर देखने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। एनजीओ स्पेस के अध्यक्ष सीबी देवगन ने बताया कि लियोनिड उल्का या शूटिंग स्टार 60 से 100 की दर से गिरते दिख सकते हैं।
लियोनिड एक उल्का आतिशबाजी है और यह धूमकेतु 55 पी टेंपल से जुड़ा है। उन्हांेने बताया, ‘रात बीतने के साथ ही उल्कापिंडों की संख्या बढ़ने की संभावना है। अगर उल्कापिंडों के गिरने के समय का अनुमान सही रहा तो 18 नवंबर की सुबह एक घंटे में 100 तक की संख्या हो सकती है।’ देवगन ने वैसे धुंधले होते चंद्रमा की वजह से यह नजारा देखने में मुश्किल होने की संभावना जताई।
सन् 1833 में लियोनिड उल्का की आतिशबाजी ऐतिहासिक रही थी। इसके बाद 1866 और 1867 की आतिशबाजी उल्लेखनीय रही। वैसे, 1998 की आतिशबाजी उम्मीदों से कम रही। दरअसल, इस धूमकेतु की कक्षा ऐसी है जो धरती की क क्षा को काटती है, जिससे धरती इस धूमकेतु के बिल्कुल पास आ जाती है।
कल बेहतर नजारा
इस माह की 18 तारीख को रात 2:45 बजे आतिशबाजी का सबसे अच्छा लुत्फ उठाया जा सकता है। बशर्ते आसमान साफ हो।’



Tuesday, November 16, 2010

राखी की नाइंसाफी (राखी सावंत का इंसाफ)

मुज़फ्फरनगर- राखी सावंत का इंसाफ एक ऐसा रिअलिटी शो जो केवल झूठ के पुलिंदा बनाया गया शो है, जिसका खुलासा उस टाइम हुआ जब सनिवार को इस शो में कराइ गई सुनीता और देव की शादी को चेतावनी देने के लिए सुनीता का पति नरेंद्र अचानक से सामने आ खड़ा हुआ. रिअलिटी शो में कराइ गयी शादी राखी का इंसाफ के बजाय सुरेंदर के लिए ना इंसाफी बन गयी है, जिसने चैनल और राखी सावंत को कोर्ट में घसीटने की पूरी तरह से तय्यारी कर ली है
दरअसल मुज़फ्फरनगर के जानसठ कोतवाली के राजपुर निवासी नरेंदर की २००३ में मोडल/एक्ट्रेस सुनीता की शादी २००३ में गाजिआबाद में हुई थी. शादी के बाद सुनीता और नरेंदर गाजिआबाद में ही बस गये और सुनीता ने इसी दौरान एक बेटी को जनम दिया, जो की इस टाइम सात साल की हो चुकी है, सुनीता की इच्छा थी कि वह फ़िल्मी दुनिया में अपना कैरिएर बनाये, जिसके लिए नरेंदर ने उसकी इच्छा को, अपने जीवन का एक हिस्सा बना लिया और हर मौड़ पर सुनीता का साथ दिया.
सुनीता ने जहा कई देहाती फिल्मो और अलबमो में काम किया, वही नरेंद्र ने उसकी कई फिल्मो में बतौर डारेक्टर की की भूमिका निभाई. देहाती फिल्मो के बाद सुरेंदर की पत्नी सुनीता बॉम्बे चली गयी तो नरेंद्र फिर से मुज़फ्फरनगर आ गया और छोटा- मोटा बिजनेस के साथ-साथ खेती-बाड़ी करने लगा. नरेंद्र की माने तो कभी वो सुनीता से मिलने बोम्बे चला जाता था तो कभी सुनीता मिलने मुज़फ्फरनगर आ जाया करती थी.
 नरेंद्र ने सनिवार को Immagine Channle पर दिखाए जा रहे *राखी का इंसाफ* रिअलिटी शो देखा तो देख कर दांग रह गया, जिसमे राखी सावंत द्वारा नरेंद्र की पत्नी सुनीता की बड़े ही नाटकीय ढंग से देव से शादी कराते हुए दिखाया गया... शो को देखते ही नरेंद्र ने सुनीता को फोन किया और रिअलिटी शो में दिखे गये रियल के बारे में पूछा, जिस पर सुनीता ने उसको बताया कि शो में दिखाया गया सब कुछ झूट है और वह एक कलाकार है, जिसके चलते उसने रिअलिटी शो के जरिए से कला का पर्दर्शन कर पैसा कमाया है
सुनीता ने नरेंद्र को बताया कि राखी सावंत के इंसाफ में काम करने के उसको 50 हज़ार रुपए का मेहनताना दिया गया गया है, जबकि रिअलिटी शो में भाई कि भूमिका निभाने वाले दीपक को भी उसके किरदार का मेहनताना दिया गया है. नरेंद्र को राखी के इस इंसाफ ने पूरी तरह से झक-झोर कर रेख दिया है, नरेंद्र को इस कदर झटका लगा कि वह आत्म हत्या करने जा था जिसको उसके एकदोस्त ने रोका. आहत सुरेंदर ने चैनल एवं राखी के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद कर दी है और वह अब दोनों को कोर्ट में घसीटने कि तय्यारी में लगा हुआ है.
नरेंद्र के लिए राखी का इंसाफ .....इंसाफ नही बल्कि ना इंसाफी साबित हुआ. रिअलिटी शो के नाम पर जनता को इस तरह के शो के मद्धायाम से झूट परोषा जा रहा है, जिन पर लगाम लगनी अति आवशक है. जहा तक राखी सावंत का सवाल है, वो हर टाइम किसी ना किसी मामले को लेकर चर्चो में रहती है और रही बात रिअलिटी शो राखी के इंसाफ कि तो पहले भी इसके खिलाफ एक मामला दर्ज हो चूका है... अब देखना ये है कि सुरेन्द्र को इंसाफ मिलता है या नही

अमित सैनी
मुज़फ्फरनगर
9837739873

Monday, November 15, 2010

सगोत्र विवाह पर मौत का फरमान

मुज़फ्फरनगर- उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में दो दिनों तक चली सर्व खाप पंचायत में १४ प्रस्ताव पर पंचायत ने अपनी सहमति पेश की जिसमे पंचायत का फरमान फिर से प्रेमी जोड़ों के लिए खतरे से भरा ही रहा साथ ही सगोत्र विवाह पर मौत का फरमान भी जारी कर दिया
गयापंचायत का मुख्य मुद्दा सगोत्र विवाह रहा , सगोत्र विवाह को लेकर जहा सभी खापो के मुखयाओ ने इसका पुर जोर विरोध करने की बात है वही पंचायत में मौजूद जनसमूह ने भी इसका समर्थन किया
अंत में जब महेंदर सिंह टिकैत ने इज्जत के लिए मज़बूरी में क़त्ल करने की बात को दोहराया तो मानो पूरी पंचायत का स्वर इस मुद्दे पर एक हो गया ........ मुज़फ्फरनगर में दो दिन से चल रही सर्व खाप महापंचायत यु तो कई सामाजिक मुद्दों को लेकर थी और लगभग 14 प्रस्ताव भी पास किये गए जिसमे सगोत्रीय विवाह पर रोक , हिन्दू विवाह अधिनियम में बदलाव समलैंगिक विवाह पर रोक और भ्रूण हत्या पर रोक सहित कई सामाजिक मुद्दे शामिल थे लेकिन पंचायत का मुख्य केंद्र बिंदु सगोत्रीय विवाह ही रहा पंचायत के अंत में चौधरी महेंदर सिंह टिकैत ने मंच से हरियाणा के चर्चित प्रेमी जोड़े बबली और मनोज का उदहारण देते हुए कहा की मज़बूरी में ऐसा कदम उठाना पड़ता है , शहरों में तो घरो के सामने दामाद का घर हो जाता है मगर गाँव में कौन बर्दास्त करेगा उन्होंने अपने चिट परिचित अंदाज में कहा की अगर सगोत्रीय विवाह होंगे तो मजबूरन इसका जवाब गोली से देना पड़ेगा , दोषी लोगो को समाज से और गाँव से बाहर भी किया जायेगा दो दिन की इस पंचायत में देश के कई राज्यों से लगभग 50 से ज्यादा खापो के चौधरियो ने हिस्सा लिया और लगभग हजारो लोगो ने पंचायत में भागीदारी की मंच से टिकैत के आह्वान का सभी ने समर्थन भी किया टिकैत के इस गोली मरने के आदेश के बाद पंचायत में शामिल लोगो ने भी तल्ख़ लब्जो में सगोत्र विवाह करने वाले प्रेमी जोड़ो को मौत के घाट उतार देने की सहमति दी ....... .

............बेशर्मों को समाज से बाहर कर दो'

भोपाल. टेलीविजन कार्यक्रम 'बिग बॉस-4' में निकाह करने वाली सारा खान और अली मर्चेंट को एक मुस्लिम संगठन ने मुस्लिम समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुनाया है।
इस संगठन का नाम 'ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी' है। संगठन के अध्यक्ष डॉ. औसाफ शाहमीरी खुर्रम ने सोमवार को आईएएनएस को बताया, "शनिवार को मजलिस-ए-शूरा की लखनऊ में बैठक हुई। इस बैठक में कहा गया कि सारा और अली ने दोबारा निकाह कर इस्लाम का मजाक उड़ाया है, लिहाजा दोनों को मुस्लिम समाज से बहिष्कृत किया जाता है।"
खुर्रम का आगे कहना है कि दोनों को अपने इस कृत्य के लिए लिखित में माफी मांगनी होगी। वे ऐसा करते हैं इस बारे में उन पर आगे कार्यवाही संभव है। फिलहाल उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 'बिग बॉस 4' में सारा और अली का निकाह हुआ था। सारा के माता-पिता का दावा है कि उनकी बेटी का निकाह दो साल पहले ही हो चुका था और टीवी कार्यक्रम में उसका दोबारा विवाह हुआ है।

तनख्वाह मांगने पर.......जिस्म में ठोक दी कीलें

क्रूरता की सारी हदों को पार करते हुए अरब (मिडिल इस्ट) में श्रीलंका से आई दो घरेलू नौकरानियों के साथ अमानवीय बर्ताव किया गया है। अंग्रेजी समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार अरब में काम कर रहीं श्रीलंका की इन नौकरानियों के जिस्म में न सिर्फ कीलें ठोंकी गई हैं, बल्कि इनके मालिकों ने इन्हें कई सारी कीलें निगलने पर भी मजबूर किया है।
समाचार एजेंसी एएफपी ने एक 38 वर्षीया नौकरानी के हवाले से बताया कि उसने अपने मालिकों से जब पिछले छह महीनों की तनख्वाह मांगी तो उन्होने उसके हाथ और पैरों में कीलें ठोंक दी। यह नौकरानी कुवैत में काम करती थी, समाचार एजेंसी द्वारा इस नौकरानी का नाम नहीं बताया गया है।
वहीं दूसरे मामले में जोर्डन में रह रही एक दूसरी नौकरानी ने आरोप लगाया है कि उसके मालिकों ने भी उसे कीलें निगलने के लिए मजबूर किया। इस नौकरानी ने भी पिछले माह की तनख्वाह अपने मालिकों से मांगी थी बहरहाल श्रीलंका पुलिस इस सारे मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

Wednesday, November 17, 2010

....सिर्फ कॉल करो और कुछ नहीं

इस समय बाजार में एक से एक खूबियों वाले मोबाइल फोन उपलब्ध हैं। इनकी भीड़ में यह तय करना मुश्किल है कि किसे खरीदा जाए और किसे नहीं। लेकिन अब आपको इस दुविधा से बचाने के लिए आ गया है एक ऐसा मोबाइल जिसमें कोई फीचर नहीं है। जी हां यकीन मानिए कि इसमें कुछ भी नहीं है।
इस फोन को नाम दिया गया है ऐंटी फोन का और इसमें एक ही सुविधा है और वह यह कि इससे सिर्फ किसी को फोन कर सकते हैं या किसी की कॉल ले सकते हैं। इसके अलावा इसमें कुछ भी नहीं है। यहां तक कि इसमें फोन ऐड्रेस के लिए कागज का पैड और पतला सा पेन पीछे लगा हुआ है।
इस फोन में म्यूजिक की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही एसएमएस की। यह उनके लिए बनाया गया है जो मोबाइल फोन के झंझटों से दूर रहना चाहते हैं। इसकी एक खासियत जरूर है कि इसकी बैटरी तीन हफ्ते चलती है। यह 10.5 सेंटीमीटर से जरा छोटा है और इसे नाम दिया गया है-ऐंटी फोन। इसकी कीमत है सफेद की 59 पाउंड ( 4284 रुपए) और रंगीन की 67 पाउंड(4865 रुपए)।
लांच हो गया दुनिया का पहला तैरने वाला मोबाइल

जापानी कंपनी शार्प भी उतरी मोबाइल बाजार में

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर शुरू हुआ मोबाइल से कारोबार

एमवीएल मोबाइल जी 81

दुनिया का सबसे सस्ता मोबाइल, कीमत सिर्फ 71 रु.

अब चुराया मोबाइल नहीं चल सकेगा

मात्र 19 रुपए में बदलो मोबाइल कंपनी





17-18 की रात आसमान में लग जाएगी आग

नई दिल्ली. आसमान में 17 नवंबर की रात उल्का पिंडों की बरसात होगी, लेकिन चंद्रमा की मौजूदगी के चलते लोगों को इस आकाशीय आतिशबाजी का नजर देखने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। एनजीओ स्पेस के अध्यक्ष सीबी देवगन ने बताया कि लियोनिड उल्का या शूटिंग स्टार 60 से 100 की दर से गिरते दिख सकते हैं।
लियोनिड एक उल्का आतिशबाजी है और यह धूमकेतु 55 पी टेंपल से जुड़ा है। उन्हांेने बताया, ‘रात बीतने के साथ ही उल्कापिंडों की संख्या बढ़ने की संभावना है। अगर उल्कापिंडों के गिरने के समय का अनुमान सही रहा तो 18 नवंबर की सुबह एक घंटे में 100 तक की संख्या हो सकती है।’ देवगन ने वैसे धुंधले होते चंद्रमा की वजह से यह नजारा देखने में मुश्किल होने की संभावना जताई।
सन् 1833 में लियोनिड उल्का की आतिशबाजी ऐतिहासिक रही थी। इसके बाद 1866 और 1867 की आतिशबाजी उल्लेखनीय रही। वैसे, 1998 की आतिशबाजी उम्मीदों से कम रही। दरअसल, इस धूमकेतु की कक्षा ऐसी है जो धरती की क क्षा को काटती है, जिससे धरती इस धूमकेतु के बिल्कुल पास आ जाती है।
कल बेहतर नजारा
इस माह की 18 तारीख को रात 2:45 बजे आतिशबाजी का सबसे अच्छा लुत्फ उठाया जा सकता है। बशर्ते आसमान साफ हो।’



Tuesday, November 16, 2010

राखी की नाइंसाफी (राखी सावंत का इंसाफ)

मुज़फ्फरनगर- राखी सावंत का इंसाफ एक ऐसा रिअलिटी शो जो केवल झूठ के पुलिंदा बनाया गया शो है, जिसका खुलासा उस टाइम हुआ जब सनिवार को इस शो में कराइ गई सुनीता और देव की शादी को चेतावनी देने के लिए सुनीता का पति नरेंद्र अचानक से सामने आ खड़ा हुआ. रिअलिटी शो में कराइ गयी शादी राखी का इंसाफ के बजाय सुरेंदर के लिए ना इंसाफी बन गयी है, जिसने चैनल और राखी सावंत को कोर्ट में घसीटने की पूरी तरह से तय्यारी कर ली है
दरअसल मुज़फ्फरनगर के जानसठ कोतवाली के राजपुर निवासी नरेंदर की २००३ में मोडल/एक्ट्रेस सुनीता की शादी २००३ में गाजिआबाद में हुई थी. शादी के बाद सुनीता और नरेंदर गाजिआबाद में ही बस गये और सुनीता ने इसी दौरान एक बेटी को जनम दिया, जो की इस टाइम सात साल की हो चुकी है, सुनीता की इच्छा थी कि वह फ़िल्मी दुनिया में अपना कैरिएर बनाये, जिसके लिए नरेंदर ने उसकी इच्छा को, अपने जीवन का एक हिस्सा बना लिया और हर मौड़ पर सुनीता का साथ दिया.
सुनीता ने जहा कई देहाती फिल्मो और अलबमो में काम किया, वही नरेंद्र ने उसकी कई फिल्मो में बतौर डारेक्टर की की भूमिका निभाई. देहाती फिल्मो के बाद सुरेंदर की पत्नी सुनीता बॉम्बे चली गयी तो नरेंद्र फिर से मुज़फ्फरनगर आ गया और छोटा- मोटा बिजनेस के साथ-साथ खेती-बाड़ी करने लगा. नरेंद्र की माने तो कभी वो सुनीता से मिलने बोम्बे चला जाता था तो कभी सुनीता मिलने मुज़फ्फरनगर आ जाया करती थी.
 नरेंद्र ने सनिवार को Immagine Channle पर दिखाए जा रहे *राखी का इंसाफ* रिअलिटी शो देखा तो देख कर दांग रह गया, जिसमे राखी सावंत द्वारा नरेंद्र की पत्नी सुनीता की बड़े ही नाटकीय ढंग से देव से शादी कराते हुए दिखाया गया... शो को देखते ही नरेंद्र ने सुनीता को फोन किया और रिअलिटी शो में दिखे गये रियल के बारे में पूछा, जिस पर सुनीता ने उसको बताया कि शो में दिखाया गया सब कुछ झूट है और वह एक कलाकार है, जिसके चलते उसने रिअलिटी शो के जरिए से कला का पर्दर्शन कर पैसा कमाया है
सुनीता ने नरेंद्र को बताया कि राखी सावंत के इंसाफ में काम करने के उसको 50 हज़ार रुपए का मेहनताना दिया गया गया है, जबकि रिअलिटी शो में भाई कि भूमिका निभाने वाले दीपक को भी उसके किरदार का मेहनताना दिया गया है. नरेंद्र को राखी के इस इंसाफ ने पूरी तरह से झक-झोर कर रेख दिया है, नरेंद्र को इस कदर झटका लगा कि वह आत्म हत्या करने जा था जिसको उसके एकदोस्त ने रोका. आहत सुरेंदर ने चैनल एवं राखी के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद कर दी है और वह अब दोनों को कोर्ट में घसीटने कि तय्यारी में लगा हुआ है.
नरेंद्र के लिए राखी का इंसाफ .....इंसाफ नही बल्कि ना इंसाफी साबित हुआ. रिअलिटी शो के नाम पर जनता को इस तरह के शो के मद्धायाम से झूट परोषा जा रहा है, जिन पर लगाम लगनी अति आवशक है. जहा तक राखी सावंत का सवाल है, वो हर टाइम किसी ना किसी मामले को लेकर चर्चो में रहती है और रही बात रिअलिटी शो राखी के इंसाफ कि तो पहले भी इसके खिलाफ एक मामला दर्ज हो चूका है... अब देखना ये है कि सुरेन्द्र को इंसाफ मिलता है या नही

अमित सैनी
मुज़फ्फरनगर
9837739873

Monday, November 15, 2010

सगोत्र विवाह पर मौत का फरमान

मुज़फ्फरनगर- उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में दो दिनों तक चली सर्व खाप पंचायत में १४ प्रस्ताव पर पंचायत ने अपनी सहमति पेश की जिसमे पंचायत का फरमान फिर से प्रेमी जोड़ों के लिए खतरे से भरा ही रहा साथ ही सगोत्र विवाह पर मौत का फरमान भी जारी कर दिया
गयापंचायत का मुख्य मुद्दा सगोत्र विवाह रहा , सगोत्र विवाह को लेकर जहा सभी खापो के मुखयाओ ने इसका पुर जोर विरोध करने की बात है वही पंचायत में मौजूद जनसमूह ने भी इसका समर्थन किया
अंत में जब महेंदर सिंह टिकैत ने इज्जत के लिए मज़बूरी में क़त्ल करने की बात को दोहराया तो मानो पूरी पंचायत का स्वर इस मुद्दे पर एक हो गया ........ मुज़फ्फरनगर में दो दिन से चल रही सर्व खाप महापंचायत यु तो कई सामाजिक मुद्दों को लेकर थी और लगभग 14 प्रस्ताव भी पास किये गए जिसमे सगोत्रीय विवाह पर रोक , हिन्दू विवाह अधिनियम में बदलाव समलैंगिक विवाह पर रोक और भ्रूण हत्या पर रोक सहित कई सामाजिक मुद्दे शामिल थे लेकिन पंचायत का मुख्य केंद्र बिंदु सगोत्रीय विवाह ही रहा पंचायत के अंत में चौधरी महेंदर सिंह टिकैत ने मंच से हरियाणा के चर्चित प्रेमी जोड़े बबली और मनोज का उदहारण देते हुए कहा की मज़बूरी में ऐसा कदम उठाना पड़ता है , शहरों में तो घरो के सामने दामाद का घर हो जाता है मगर गाँव में कौन बर्दास्त करेगा उन्होंने अपने चिट परिचित अंदाज में कहा की अगर सगोत्रीय विवाह होंगे तो मजबूरन इसका जवाब गोली से देना पड़ेगा , दोषी लोगो को समाज से और गाँव से बाहर भी किया जायेगा दो दिन की इस पंचायत में देश के कई राज्यों से लगभग 50 से ज्यादा खापो के चौधरियो ने हिस्सा लिया और लगभग हजारो लोगो ने पंचायत में भागीदारी की मंच से टिकैत के आह्वान का सभी ने समर्थन भी किया टिकैत के इस गोली मरने के आदेश के बाद पंचायत में शामिल लोगो ने भी तल्ख़ लब्जो में सगोत्र विवाह करने वाले प्रेमी जोड़ो को मौत के घाट उतार देने की सहमति दी ....... .

............बेशर्मों को समाज से बाहर कर दो'

भोपाल. टेलीविजन कार्यक्रम 'बिग बॉस-4' में निकाह करने वाली सारा खान और अली मर्चेंट को एक मुस्लिम संगठन ने मुस्लिम समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुनाया है।
इस संगठन का नाम 'ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी' है। संगठन के अध्यक्ष डॉ. औसाफ शाहमीरी खुर्रम ने सोमवार को आईएएनएस को बताया, "शनिवार को मजलिस-ए-शूरा की लखनऊ में बैठक हुई। इस बैठक में कहा गया कि सारा और अली ने दोबारा निकाह कर इस्लाम का मजाक उड़ाया है, लिहाजा दोनों को मुस्लिम समाज से बहिष्कृत किया जाता है।"
खुर्रम का आगे कहना है कि दोनों को अपने इस कृत्य के लिए लिखित में माफी मांगनी होगी। वे ऐसा करते हैं इस बारे में उन पर आगे कार्यवाही संभव है। फिलहाल उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 'बिग बॉस 4' में सारा और अली का निकाह हुआ था। सारा के माता-पिता का दावा है कि उनकी बेटी का निकाह दो साल पहले ही हो चुका था और टीवी कार्यक्रम में उसका दोबारा विवाह हुआ है।

तनख्वाह मांगने पर.......जिस्म में ठोक दी कीलें

क्रूरता की सारी हदों को पार करते हुए अरब (मिडिल इस्ट) में श्रीलंका से आई दो घरेलू नौकरानियों के साथ अमानवीय बर्ताव किया गया है। अंग्रेजी समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार अरब में काम कर रहीं श्रीलंका की इन नौकरानियों के जिस्म में न सिर्फ कीलें ठोंकी गई हैं, बल्कि इनके मालिकों ने इन्हें कई सारी कीलें निगलने पर भी मजबूर किया है।
समाचार एजेंसी एएफपी ने एक 38 वर्षीया नौकरानी के हवाले से बताया कि उसने अपने मालिकों से जब पिछले छह महीनों की तनख्वाह मांगी तो उन्होने उसके हाथ और पैरों में कीलें ठोंक दी। यह नौकरानी कुवैत में काम करती थी, समाचार एजेंसी द्वारा इस नौकरानी का नाम नहीं बताया गया है।
वहीं दूसरे मामले में जोर्डन में रह रही एक दूसरी नौकरानी ने आरोप लगाया है कि उसके मालिकों ने भी उसे कीलें निगलने के लिए मजबूर किया। इस नौकरानी ने भी पिछले माह की तनख्वाह अपने मालिकों से मांगी थी बहरहाल श्रीलंका पुलिस इस सारे मामले की तफ्तीश में जुट गई है।