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Wednesday, July 23, 2014

अमित सैनी: जिंदगी जैसे ठहर सी गई है...

अमित सैनी: जिंदगी जैसे ठहर सी गई है...: जिंदगी मेरी जैसे ठहर सी गई है, दरिया के किसी ठहरे हुए पानी की तरह शून्य हो गई है। दिल-ओ-दिमाग में केवल एक ही ख्याल रहने लगा है। ना सोचने की...

अमित सैनी: जिंदगी जैसे ठहर सी गई है...

अमित सैनी: जिंदगी जैसे ठहर सी गई है...: जिंदगी मेरी जैसे ठहर सी गई है, दरिया के किसी ठहरे हुए पानी की तरह शून्य हो गई है। दिल-ओ-दिमाग में केवल एक ही ख्याल रहने लगा है। ना सोचने की...

Saturday, June 7, 2014

खिसयानी बिल्ली खंभा नोंचे....

खिसयानी बिल्ली खंभा नोंचे....
बिल्कुल यही हाल इस वक्त यूपी की सत्ताधारी पार्टी सपा का है... सूबे में बढ़ते अपराध की लगाम कसने में पूरी तरह से नाकाम पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह, सीएम अखिलेश यादव और शीर्ष नेताओं में शुमार रामगोपाल यादव अब पूरा ठिंकरा मीडिया पर फोड़ रहे है। अपराधियों पर तो कोई पार बसती नही ंतो मीडिया को ही कोसने लगे। 

लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती भी खोपचे से बाहर निकल आई है...बदायूं पहुंचकर वो भी मीडिया से मुखातिब हुई...वरना सत्ता पर काबिज़ होने के बाद तो जैसे मीडिया से पूरी तरह से ही मुंह मोड लिया था। सभी जानते है कि आज भी बसपा नेता कैमरे से ऐसे बचते नज़र आते है जैसे बुदके को देखकर बकरी...इसके पीछे कारण कुछ और नहीं, बल्कि खुद बसपा सुप्रीमो मायावती की ओर से अपने कारिदों को दिशा-निर्देश किए हुए है कि कैमरे से दूर रहा....भूत है इसमें...मगर चुनाव में अक्ल ठिकाने आई तो कैमरा ही डूबते को तिनके का सहारा नजर आया।

Demo Pic


भई टीपू, चच्चा मुलायम और रामू...दिखावे पे मत जाओ, थोड़ी-बहुत अपनी भी अक्ल लगाओं....बोलने से पहले कुछ तो सोच-समझ लिया करो कि क्या बोल रहे हो? सबसे पहले तो नारी जाति का सम्मान करना सीखों और उसके बाद भाषण देना...क्योंकि भाषण तो कोई भी दे सकता है...दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने भी दिया था...हुआ क्या घर लौटते है तो खा-पीकर.....थप्पड। ़...ऐसा मत करो कि यूपी में आपका, आपके चटुकार, ठाठ और मंच से लेकर गली-मोहल्लों में आपके नाम की कसीदें पढ़ने वाले उन नेताओं को भी वही हाल न हो जाएं जो थानों में बैठकर थानेदारी कर रहे है। 

अपना और अपने इन ठेकेदारों का हाल सुधारिए, सूबे का हुलिया सुधर जाएगा। खाकी वर्दी में लिपटे जिन मामा, फूफी, चाचा-चाची, बहन की नंद के देवर का साला, उसका बहनोई, उसके रिश्ते का साला, उसके भी मामा के चाचा का बेटा आदि-आदि को जो थानों-कोतवाली, जिलों और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी सौंपी है ना उनमें छटनी कर दो। रिश्तेदारी तो बाद में भी निभाई जा सकती है...पहले प्रदेश तो बचा लो। वरना पुरानी कहावत चरितार्थ हो जाएगी कि तन पर नहीं लत्ता और अम्मा चली कलकत्ता...मैं तो भई मुफत की सलाह दे सकता हंू, बाकी काम आपका। हां, अगर इससे भी काम ना चले तो एक बार फिर से मीडिया को कोस लेना...इससे भी अच्छी सलाह दूंगा फिर....ये तो यकास ही दे रहा हूं, इबकी बार सोच्चे बिणा ना दूं।

Wednesday, August 28, 2013

मुजफ्फरनगर में हिंसा

मुजफ्फरनगर :

जानसठ थाना क्षेत्र के कवाल में हुई तीन हत्याओं के मामले में दूसरे दिन भी गांव में सांप्रदायिक आग सुलगती रही। दो दर्जन मकानों में तोड़फोड़ की, आग लगा दी। लोगों ने जाम लगाकर दो बाइक फूंक डालीं। राहगीरों पर हमला बोल दिया, जिसमें एक महिला व बच्ची समेत पांच लोग घायल हो गए। पुलिस ने गोलियां हवा में दागीं और लाठियां फटकारकर लोगों को खदेड़ा। एडीजी कानून- व्यवस्था अरुण कुमार समेत तमाम आला अधिकारियों ने हालात पर बमुश्किल काबू पाया।
मलिकपुरा निवासी गौरव व सचिन और कवाल निवासी शाहनवाज की मंगलवार को कवाल में हत्या कर दी गई थी। मंगलवार की रात्रि पोस्टमार्टम के बाद हजारों लोग सचिन व गौरव के शवों को लेकर मलिकपुरा पहुंचे। शव देखते ही परिजनों में हाहाकार मच गया। मंजर देख लोगों में आक्रोश भर गया और वह कवाल गांव की ओर दौड़ लिए। कुछ लोगों ने उन्हें किसी तरह समझाकर अंतिम संस्कार कराया। इस दौरान तय हुआ कि 31 अगस्त को कवाल स्थित स्कूल में पंचायत कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
अंतिम संस्कार के बाद एक बार फिर भीड़ बेकाबू हो गई और कवाल की और बढ़नी शुरू हो गई। इस दौरान पुलिस बेबस रही। हजारों लोगों ने कवाल पहुंचते ही कई मकानों व दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की। भीड़ ने कई राहगीरों को मारपीट कर घायल कर दिया। इस दौरान पुलिस ने करीब एक दर्जन हवाई फायर करते हुए जमकर लाठी भांजी। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई।
तोड़फोड़ करती हुई भीड़ पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर पहुंची और तीन जगह जाम लगा दिया। एक बस में तोड़फोड़ की, जिससे कई यात्री घायल हो गए। एक दंपती को मारपीट कर घायल कर दिया। लोगों ने दो अलग-अलग स्थानों पर वहां से गुजर रहे दो लोगों की बाइक फूंक दी। बस अड्डे के सामने स्थित एक मकान में आग लगा दी। पानीपत-खटीमा मार्ग पर एक दुकान को फूंक डाला। मारपीट में एक महिला और बच्ची समेत कुल पांच लोग घायल हो गए।
मौके पर पहुंचे बिजनौर भाजपा विधायक कुंवर भारतेंदु सिंह व भाजपा नेता संजीव बालियान आदि ने जाम लगा रहे लोगों को समझाया। इधर नेता लोगों को समझा रहे थे और उधर कुछ युवकों ने निकट ही एक झोपड़ी में आग लगा दी। एडीजी कानून-व्यवस्था अरुण कुमार, नवागत डीएम कौशलराज शर्मा, नवागत एसएसपी सुभाष चंद दुबे व एडीएम ई इंद्रमणि त्रिपाठी ने बमुश्किल हालात पर काबू पाया।

Wednesday, July 23, 2014

अमित सैनी: जिंदगी जैसे ठहर सी गई है...

अमित सैनी: जिंदगी जैसे ठहर सी गई है...: जिंदगी मेरी जैसे ठहर सी गई है, दरिया के किसी ठहरे हुए पानी की तरह शून्य हो गई है। दिल-ओ-दिमाग में केवल एक ही ख्याल रहने लगा है। ना सोचने की...

अमित सैनी: जिंदगी जैसे ठहर सी गई है...

अमित सैनी: जिंदगी जैसे ठहर सी गई है...: जिंदगी मेरी जैसे ठहर सी गई है, दरिया के किसी ठहरे हुए पानी की तरह शून्य हो गई है। दिल-ओ-दिमाग में केवल एक ही ख्याल रहने लगा है। ना सोचने की...

Saturday, June 7, 2014

खिसयानी बिल्ली खंभा नोंचे....

खिसयानी बिल्ली खंभा नोंचे....
बिल्कुल यही हाल इस वक्त यूपी की सत्ताधारी पार्टी सपा का है... सूबे में बढ़ते अपराध की लगाम कसने में पूरी तरह से नाकाम पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह, सीएम अखिलेश यादव और शीर्ष नेताओं में शुमार रामगोपाल यादव अब पूरा ठिंकरा मीडिया पर फोड़ रहे है। अपराधियों पर तो कोई पार बसती नही ंतो मीडिया को ही कोसने लगे। 

लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती भी खोपचे से बाहर निकल आई है...बदायूं पहुंचकर वो भी मीडिया से मुखातिब हुई...वरना सत्ता पर काबिज़ होने के बाद तो जैसे मीडिया से पूरी तरह से ही मुंह मोड लिया था। सभी जानते है कि आज भी बसपा नेता कैमरे से ऐसे बचते नज़र आते है जैसे बुदके को देखकर बकरी...इसके पीछे कारण कुछ और नहीं, बल्कि खुद बसपा सुप्रीमो मायावती की ओर से अपने कारिदों को दिशा-निर्देश किए हुए है कि कैमरे से दूर रहा....भूत है इसमें...मगर चुनाव में अक्ल ठिकाने आई तो कैमरा ही डूबते को तिनके का सहारा नजर आया।

Demo Pic


भई टीपू, चच्चा मुलायम और रामू...दिखावे पे मत जाओ, थोड़ी-बहुत अपनी भी अक्ल लगाओं....बोलने से पहले कुछ तो सोच-समझ लिया करो कि क्या बोल रहे हो? सबसे पहले तो नारी जाति का सम्मान करना सीखों और उसके बाद भाषण देना...क्योंकि भाषण तो कोई भी दे सकता है...दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने भी दिया था...हुआ क्या घर लौटते है तो खा-पीकर.....थप्पड। ़...ऐसा मत करो कि यूपी में आपका, आपके चटुकार, ठाठ और मंच से लेकर गली-मोहल्लों में आपके नाम की कसीदें पढ़ने वाले उन नेताओं को भी वही हाल न हो जाएं जो थानों में बैठकर थानेदारी कर रहे है। 

अपना और अपने इन ठेकेदारों का हाल सुधारिए, सूबे का हुलिया सुधर जाएगा। खाकी वर्दी में लिपटे जिन मामा, फूफी, चाचा-चाची, बहन की नंद के देवर का साला, उसका बहनोई, उसके रिश्ते का साला, उसके भी मामा के चाचा का बेटा आदि-आदि को जो थानों-कोतवाली, जिलों और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी सौंपी है ना उनमें छटनी कर दो। रिश्तेदारी तो बाद में भी निभाई जा सकती है...पहले प्रदेश तो बचा लो। वरना पुरानी कहावत चरितार्थ हो जाएगी कि तन पर नहीं लत्ता और अम्मा चली कलकत्ता...मैं तो भई मुफत की सलाह दे सकता हंू, बाकी काम आपका। हां, अगर इससे भी काम ना चले तो एक बार फिर से मीडिया को कोस लेना...इससे भी अच्छी सलाह दूंगा फिर....ये तो यकास ही दे रहा हूं, इबकी बार सोच्चे बिणा ना दूं।

Wednesday, August 28, 2013

मुजफ्फरनगर में हिंसा

मुजफ्फरनगर :

जानसठ थाना क्षेत्र के कवाल में हुई तीन हत्याओं के मामले में दूसरे दिन भी गांव में सांप्रदायिक आग सुलगती रही। दो दर्जन मकानों में तोड़फोड़ की, आग लगा दी। लोगों ने जाम लगाकर दो बाइक फूंक डालीं। राहगीरों पर हमला बोल दिया, जिसमें एक महिला व बच्ची समेत पांच लोग घायल हो गए। पुलिस ने गोलियां हवा में दागीं और लाठियां फटकारकर लोगों को खदेड़ा। एडीजी कानून- व्यवस्था अरुण कुमार समेत तमाम आला अधिकारियों ने हालात पर बमुश्किल काबू पाया।
मलिकपुरा निवासी गौरव व सचिन और कवाल निवासी शाहनवाज की मंगलवार को कवाल में हत्या कर दी गई थी। मंगलवार की रात्रि पोस्टमार्टम के बाद हजारों लोग सचिन व गौरव के शवों को लेकर मलिकपुरा पहुंचे। शव देखते ही परिजनों में हाहाकार मच गया। मंजर देख लोगों में आक्रोश भर गया और वह कवाल गांव की ओर दौड़ लिए। कुछ लोगों ने उन्हें किसी तरह समझाकर अंतिम संस्कार कराया। इस दौरान तय हुआ कि 31 अगस्त को कवाल स्थित स्कूल में पंचायत कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
अंतिम संस्कार के बाद एक बार फिर भीड़ बेकाबू हो गई और कवाल की और बढ़नी शुरू हो गई। इस दौरान पुलिस बेबस रही। हजारों लोगों ने कवाल पहुंचते ही कई मकानों व दुकानों में जमकर तोड़फोड़ की। भीड़ ने कई राहगीरों को मारपीट कर घायल कर दिया। इस दौरान पुलिस ने करीब एक दर्जन हवाई फायर करते हुए जमकर लाठी भांजी। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई।
तोड़फोड़ करती हुई भीड़ पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर पहुंची और तीन जगह जाम लगा दिया। एक बस में तोड़फोड़ की, जिससे कई यात्री घायल हो गए। एक दंपती को मारपीट कर घायल कर दिया। लोगों ने दो अलग-अलग स्थानों पर वहां से गुजर रहे दो लोगों की बाइक फूंक दी। बस अड्डे के सामने स्थित एक मकान में आग लगा दी। पानीपत-खटीमा मार्ग पर एक दुकान को फूंक डाला। मारपीट में एक महिला और बच्ची समेत कुल पांच लोग घायल हो गए।
मौके पर पहुंचे बिजनौर भाजपा विधायक कुंवर भारतेंदु सिंह व भाजपा नेता संजीव बालियान आदि ने जाम लगा रहे लोगों को समझाया। इधर नेता लोगों को समझा रहे थे और उधर कुछ युवकों ने निकट ही एक झोपड़ी में आग लगा दी। एडीजी कानून-व्यवस्था अरुण कुमार, नवागत डीएम कौशलराज शर्मा, नवागत एसएसपी सुभाष चंद दुबे व एडीएम ई इंद्रमणि त्रिपाठी ने बमुश्किल हालात पर काबू पाया।