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Sunday, December 5, 2010

सेन के खिलाफ महाभियोग मौजूदा सत्र में नहीं!

नई दिल्ली। संसद का लगभग पूरा शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ जाने के कारण कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौमित्र सेन के खिलाफ महाभियोग चलाना इस सत्र में असंभव सा है। अब अगामी बजट सत्र में ही यह संभव हो पाएगा। न्यायमूर्ति सेन पर सार्वजनिक धन के बेजा इस्तेमाल का आरोप है।
नियमों का हवाला देते हुए संसद के सूत्रों ने बताया कि महाभियोग की प्रक्रिया शुरू कर दिए जाने के बाद लोकसभा और राज्यसभा को एक ही सत्र में संबंधित मुद्दे को लेना होगा। संसद में जारी गतिरोध के चलते अब इसकी संभावना नहीं दिखती। संसद का वर्तमान शीतकालीन सत्र नौ नवंबर से शुरू हुआ था और उसके दूसरे दिन से ही टू जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की विपक्ष की मांग को लेकर हो रहे हंगामे के कारण उसकी कार्यवाही ठप पड़ी है। इस सत्र के समापन में मुश्किल से एक हफ्ता रह गया है, ऐसे में सेन के खिलाफ महाभियोग को इस सत्र में चलाने की संभावना न न के बराबर है। इससे पहले माकपा नेता सीताराम येचुरी सहित राज्यसभा के 58 सदस्यों ने सेन के खिलाफ महाभियोग चलाने का प्रस्ताव पेश किया था। येचुरी का कहना था कि महाभियोग इसी सत्र में शुरू होगा लेकिन जेपीसी के गठन को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के अपने अपने रुख पर अड़े रहने के कारण संसद में दस नवंबर से जारी गतिरोध के समाप्त होने की संभावना नहीं है। गतिरोध समाप्त हुए बिना यह सत्र संभवत: 13 दिसंबर को संपन्न हो जाएगा। सूत्रों ने कहा कि ऐसे में न्यायमूर्ति सेन के खिलाफ महाभियोग अब बजट सत्र में ही संभव हो पाएगा।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी द्वारा गठित तीन सदस्ईय समिति ने पिछले महीने न्यायमूर्ति सेन को सार्वजनिक धन की बड़ी रकम का बेजा इस्तेमाल करने, गलत बयानी करने और तथ्यों को गलत ढंग से रखने का दोषी पाया था। उन पर आरोप है कि कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा रिसीवर नियुक्त किए जाने पर उन्होंने 33 लाख रुपयों की बड़ी रकम का बेजा इस्तेमाल किया। न्यायमूर्ति सेन के खिलाफ अगर महाभियोग की कार्यवाही शुरू होती है तो वह देश में पहले न्यायाधीश होंगे जिन्हें संसद में महाभियोग के जरिए हटाया जाएगा, बशर्ते उन्हें हटाने के पक्ष में बहुमत जुटाया जा सके। महाभियोग की पहली प्रक्रिया 1993 में न्यायमूर्ति वी रामास्वामी के खिलाफ शुरू की गई थी लेकिन कांग्रेस के पीछे हट जाने से लोकसभा में प्रस्ताव के पक्ष में बहुमत नहीं जुट पाया और वह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

व्यक्ति ने की 'नागिन' से शादी

दमोह. भले ही यह अंधविश्वास हो लेकिन बटियागढ़ ब्लाक के बरखेरा नाहर गांव में जो कुछ हुआ वह चौकाने वाला है। गांव के शादीशुदा बिरजू आदिवासी को तीन माह में दो बार नागिन डस चुकी और स्वप्न में आकर अपने साथ विवाह करने को कह रही थी। उसने ऐसा करने को मना किया तो नागिन ने एक अन्य महिला की मांग भरने को कहा। नागिन का कहना था कि महिला उसकी बहन है। यदि वह उस महिला की मांग भर देता है तो उसे मुक्ति मिल जाएगी।
तांत्रिक ने बताया महिला का पता : बिरजू आदिवासी ने स्वप्न में आने वाली नागिन की बात जब तांत्रिक को बताई तो उन्होंने उस महिला का पता बता दिया,जो बिरजू के पास के ही गांव भटेरा की एक शादीशुदा आशारानी है। युवक की परेशानी देखते हुए गांव के कुछ लोगों ने तय किया कि बिरजू से उस महिला की मांग भरवा दी जाए। तांत्रिक की बात और बिरजू की परेशानी से परिवार वालों ने महिला अवगत कराया और मांग भराई का कार्यक्रम भी तय हो गया। 29 नवंबर को भटेर से आशारानी भी बरखेरा हजारों की भीड़ में भाव खेलते पहुंच गई। भीड़ ज्यादा होने से दिन में इस कार्यक्रम को टाल दिया लेकिन उसी रात गुपचुप तरीके से रस्म पूरी कर ली गई।
तांत्रिक ने बताया था : बिरजू आदिवासी के भाई सुरेश आदिवासी ने बताया कि नागिन के पिछले जन्म की कहानी का पता उस समय चला जब नागिन ने बिरजू को दूसरी बार पैर में डसा था। वह बिरजू को नोहटा के पास तांत्रिक से झड़वाने ले गए थे। तांत्रिक ने बताया कि नागिन बिरजू को डसने नहीं उसके पैर पडऩे के लिए आती है। पैर खींचने के कारण बिरजू को नागिन के दांत लग गए। सुरेश के अनुसार तांत्रिक ने यह भी बताया था कि पिछले जन्म में बिरजू कोलकाता के विकास नगर का राजा था। जहां की एक गरीब लड़की बिरजू से प्यार करती थी और बिरजू भी उसे चाहता था।
लड़की के गरीब होने के कारण दोनों शादी नहीं कर पाए थे और लड़की की मौत हो गई थी। इस जन्म में वह अपने प्रेमी को पहचान गई है और उसे पाना चाहती है। तांत्रिक को सुरेश ने बताया था कि बिरजू को किसी महिला की मांग भरने के स्वप्न भी आते हैं। लेकिन पता नहीं कि वह महिला कौन है तो तांत्रिक ने ही उस महिला (आशारानी भटेरा) का पता बताया और उसके बाद यह कार्यक्रम तय किया।
दोनों ने भाव खेलते हुए स्वीकारा
29 नवंबर को हजारों की जमा भीड़ में अपने घर से निकले बिरजू ने भाव खेलते हुए कहा कि पिछले जन्म वह राजा था उस समय की उसकी प्रेमिका इस जन्म में नागिन बन गई है जिसकी उसे मांग भरना है। भटेरा गांव से आशारानी भी बरखेरा पहुंची और उसने भी भाव खेलते हुए कहा कि वह नागिन की बहन है और उसकी बहन ने कहा है कि वह बिरजू से मांग भरवा ले, तभी उसे मुक्ति मिलेगी।
इनका कहना है
गांव के ताराचंद सेन ने बताया कि बिरजू व उसके परिवार के लोग नागिन से डर रहे थे। भाव खेलने के दौरान बिरजू के बताए अनुसार महिला को बुलाकर ऐसा किया गया। महिला अकेली ही बिरजू के पास आई थी। बिरजू का कहना है कि मांग भरने के बाद अब स्वप्न में नागिन नहीं दिख रही।
बटियागढ़ टीआई सुमन धुर्वे ने बताया कि 29 नवंबर की शाम को वह गांव गए थे। बिरजू के घर के पास उसके परिवार के दो-चार लोग थे बाकी कोई नहीं था। श्री धुर्वे ने बताया कि मांग भरने जैसा कोई कार्यक्रम नहीं हुआ।

(भास्कर से)

DPS स्कूल कांड पर बनेगी फिल्म : एकता कपूर

एकता कपूर 2004 में दिल्ली के डीपीएस स्कूल में हुए एमएमएस सेक्स स्कैंडल पर फिल्म बनाएंगी, 'लव सेक्स और धोखा 'जैसी बोल्ड फिल्म प्रोड्यूस करने के बाद अब इस नई कहानी पर फिल्म बनाने पर एकता कपूर ने पूरा मन बना लिया है.
सूत्रों की माने तो यह पूरी फिल्म डीपीएस स्कूल में हुए एमएमएस सेक्स स्कैंडल पर आधारित होगी हालांकि यह कहना मुश्किल होगा कि फिल्म में सेक्स स्कैंडल की क्लिपिंग जैसे बोल्ड दृश्य होंगे या नहीं
डीपीएस स्कूल में हुए एमएमएस सेक्स स्कैंडल में  MMS में एक लड़की के काफी आपत्तिजनक क्लिप्स थे जिसे बाद में पोर्न फिल्म बनाकर इंटरनेट पर डाल दिया गया था यह मामला उस समय बहुत चर्चा में आया था यह फिल्म दिसंबर में बनना शुरू होगी इसके अलावा एकता एक और फिल्म भी बनाने जा रही हैं जो की एक थ्रिलर होगी




आत्महत्या -ज़िंदा जल गई तीन जिन्दगिया

मुज़फ्फरनगर में दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आयी एक माँ ने अपनी दो माशुम बच्चियों और खुद पर मिटटी का तेल छिड़क कर आग लगा ली जिसमे तीनो ज़िंदा जल गई पुलिस ने मौके पर पहुचकर घटना की छानबीन कर तीनो शवो का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया
मुज़फ्फरनगर के थाना मंसूरपुर इलाके के गाँव बोपाडा में एक माँ ने अपनी दो माशुम बच्चियों और खुद पर मिटटी का तेल छिड़क कर आग लगा ली जिसमे तीनो जिन्दगीया ज़िंदा जल गई
घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई
मृतक महिला का नाम रेनू है जिसकी शादी 5 साल पहले नीरज के साथ हुई थी इस दंपत्ति को ४ साल की चिंकी और २ साल की रिंकी दो बेटिया थी मृतक रेनू कई दिनों से बीमार चल रही थी जिस वजह से उसकी दिमागी हालत सही नहीं थी
रविवार की सुबह रेनू ने अचानक अपनी दोनों बेटियों और खुद मिटटी का तेल छिड़क कर आग लगा ली उस समय परिवार के सभी लोग पशुओ को चारा डालने घेर में गए हुए थे जैसे ही घर से चिल्लाने की आवाज सुनाई दी तो पडोसी घटना स्थल की और दौड़े जहा पर देखा की कमरे से आग की लपते आ रही है पानी से आग बुझाने की कौशिश की गई मगर तब तक देर हो चुकी थी
इस घटना में माँ सहित दोनों बेटी की जलने से मौत हो गई
पुलिस ने घटनास्थल पहुचकर मामले की जाच पड़ताल की और तीनो शवो का पंचनामा भर शवो को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया पुलिस ने लड़की के परिजनों और ससुराल पक्ष के बयान दर्ज कर लिए है और जाच में जुट गई है
अमित सैनी

Saturday, December 4, 2010

विकी खुलासा: नाक बचाने में जुटा शर्मसार अमेरिका

नई दिल्‍ली. विकीलीक्स के खुलासों से शर्मसार अमेरिका ने अपनी नाक बचाने और भारत को मनाने की पहल तेज कर दी है। विकीलीक्‍स ने ऐसे खुलासे किए हैं, जिनके बाद भारत-अमेरिका संबंधों पर बुरा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इसके मद्देनजर अमेरिका ने सफाई दी है कि वह संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्‍थायी सदस्‍यता के भारत के दावे को अहमियत देता है और उसका समर्थन करता है। खुलासे से बेपर्दा हो गए अमेरिका ने दुनिया के कई देशों से इस बारे में अफसोस भी जताया है।
शुक्रवार को विकीलीक्स द्वारा सामने लाए गए गोपनीय दस्तावेज में कहा गया था कि भारत सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य बनने के लिए 'खुद-ब-खुद दावेदार' बन गया है। अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के हवाले से कहा गया था कि भारत अपने तीन साझेदारों- ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट का स्वयंभू दावेदार बन गया है। भारत इस समय सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है। यही नहीं, विकीलीक्‍स के खुलासे से यह बात भी सामने आई कि मुंबई हमलों के बाद अमेरिका पाकिस्‍तान और आईएसआई की मदद करते दिखा था।
इस खुलासे के बाद चेन्‍नई में अमेरिकन इंटरनेशनल स्कूल के एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से मुखातिब टिमोथी जे. रोमर (भारत में अमेरिकी राजदूत) ने कहा कि आप जो कहते हैं वह ज्यादा मायने नहीं रखता है, आप जो करते हैं वह मायने रखता है। उन्होंने कहा, सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के मुद्दे पर भारत की दावेदारी को समर्थन देने के राष्ट्रपति ओबामा के फैसले से पता चलता है कि अमेरिका इस मुद्दे पर कितना गंभीर है।
रोमर ने अमेरिका की नज़र में भारत की अहमियत जताने के लिए आगे कहा, ओबामा ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों बिल क्लिंटन, जॉर्ज बुश की नकल नहीं की जो भारत यात्रा के बाद पाकिस्तान जाते थे। रोमर ने यह भी कहा कि ओबामा ने अपने कार्यकाल के दौरान विदेश में सबसे लंबा वक्त भारत में गुजारा है, जिससे भारत के साथ अमेरिका की लंबे समय तक चलने वाली रणनीतिक साझेदारी के प्रति अमेरिकी गंभीरता साफ हो जाती है।
सीटीबीटी, एनपीटी पर दस्तखत का दावे से संबंध नहीं
उधर, वाशिंगटन में भी अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अमेरिका अब भी चाहता है कि भारत परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) और कॉम्प्रीहेंसिव टेस्ट बैन ट्रीटी (सीटीबीटी) पर हस्ताक्षर करे, लेकिन अगर भारत इससे इनकार करता है तो भी सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता की राह में कोई अड़चन नहीं आएगी।
भारत ने इन दोनों संधियों को भेदभाव भरा बताया है। भारत एनपीटी पर हस्ताक्षर करना चाहता है, लेकिन उसकी शर्त है कि भारत को परमाणु हथियार संपन्न देश के तौर पर मान्यता दी जाए। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय समझौते के मुताबिक परमाणु हथियार संपन्न देश परमाणु हथियार बना और उसे रख सकता है लेकिन गैर परमाणु हथियार संपन्न देश को इसकी इजाजत नहीं है। ऐसे देश अगर परमाणु हथियार लेना चाहते हैं तो उन्हें अपनी योजना की पूरी जानकारी देनी होगी। हालांकि उत्तरी कोरिया इसका अपवाद रहा है।
आपकी राय
दुनिया के देशों की जासूसी और उनके प्रति अमेरिका की सोच एक-एक कर सामने आ रही है। भारत इस पूरे मसले पर फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है जबकि अमेरिका इस कोशिश में जुटा है कि उसके 'साथी' देश नाराज न हो जाएं। इतना कुछ होने के बाद क्‍या भारत को आंख मूंदकर यकीन कर लेना चाहिए कि अमेरिका भारत का हितैषी है? इस बारे में आप क्‍या सोचते हैं? khabrilal4u.blogspot.com के दुनियाभर के पाठकों से अपनी बात साझा करने के लिए नीचे कमेंट बॉक्‍स में अपनी राय लिखकर सबमिट कीजिए।





ताजमहल में कुछ पल 'अकेले' बिताना चाहते हैं फ्रांस के राष्‍ट्रपति निकोलस सरकोजी और उनकी ग्‍लैमरस पत्‍नी कार्ला ब्रूनी

नई दिल्‍ली. फ्रांस के राष्‍ट्रपति निकोलस सरकोजी और उनकी ग्‍लैमरस पत्‍नी कार्ला ब्रूनी प्रेम के प्रतीक ताजमहल में कुछ पल 'अकेले' बिताना चाहते हैं। सरकोजी दंपती इन दिनों चार दिनों की भारत यात्रा पर हैं। रविवार को उनका ताज नगरी आगरा जाने का कार्यक्रम है।
फ्रांस के राष्‍ट्रपति सरकोजी और वहां की प्रथम महिला जब ताजमहल के दौरे पर आगरा जाएंगी तो वे मीडिया की चकाचौंध से दूर रहना चाहती हैं। इसलिए भारतीय विदेश मंत्रालय ने मीडिया के लिए एडवायजरी जारी कर कहा है कि सरकोजी दंपती की ताजमहल यात्रा को कवर नहीं किया जाए।
इससे पहले सरकोजी दंपति भारत की चार दिवसीय यात्रा पर शनिवार को बेंगलुरु पहुंचे। स्‍थानीय हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड एयरपोर्ट पर जबर्दस्त सुरक्षा इंतजाम के बीच सरकोजी-कार्ला ने सुबह करीब दस बजे कदम रखे। सरकोजी ने बेंगलुरू में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के उपग्रह केंद्र का दौरा किया। यहां से सरकोजी दंपती आगरा के लिए रवाना होगा।
सरकोजी और कार्ला ब्रूनी आगरा के ऐतिहासिक शानदार अमर विलास होटल में ठहरेंगे। यह दंपति रविवार शाम ढले ताजमहल का दीदार करेगा। अगले महीने 56 साल के होने जा रहे सरकोजी जनवरी 2008 में भारत यात्रा के दौरान ताजमहल देखने गए थे। सरकोजी और उनकी गर्लफ्रेंड रहीं कार्ला ब्रूनी के बीच रोमांस के चर्चे मीडिया की सुर्खियों में रहे है।
हालांकि गणतंत्र दिवस के मुख्‍य अतिथि के तौर पर भारत आए सरकोजी प्रोटोकॉल की पाबंदियों के चलते उस समय कार्ला ब्रूनी को साथ लेकर नहीं आ सके थे लेकिन यहां से लौटने के बाद उन्‍होंने कार्ला से वादा किया था कि वह अगली बार भारत यात्रा पर उन्‍हें साथ लेकर जाएंगे और ताजमहल घुमाएंगे।
हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय सरकोजी-कार्ला की आगरा यात्रा को मीडिया के चकाचौंध से दूर रखना चाहता है लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि फ्रांस के राष्‍ट्रपति के साथ आए वहां के पत्रकारों को ताजमहल यात्रा को कवर करने का मौका मिलेगा या नहीं। वास्‍तुकला के नायाब नमूने के तौर पर दुनिया भर में मशहूर ताजमहल को मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था।

Sunday, December 5, 2010

सेन के खिलाफ महाभियोग मौजूदा सत्र में नहीं!

नई दिल्ली। संसद का लगभग पूरा शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ जाने के कारण कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौमित्र सेन के खिलाफ महाभियोग चलाना इस सत्र में असंभव सा है। अब अगामी बजट सत्र में ही यह संभव हो पाएगा। न्यायमूर्ति सेन पर सार्वजनिक धन के बेजा इस्तेमाल का आरोप है।
नियमों का हवाला देते हुए संसद के सूत्रों ने बताया कि महाभियोग की प्रक्रिया शुरू कर दिए जाने के बाद लोकसभा और राज्यसभा को एक ही सत्र में संबंधित मुद्दे को लेना होगा। संसद में जारी गतिरोध के चलते अब इसकी संभावना नहीं दिखती। संसद का वर्तमान शीतकालीन सत्र नौ नवंबर से शुरू हुआ था और उसके दूसरे दिन से ही टू जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की विपक्ष की मांग को लेकर हो रहे हंगामे के कारण उसकी कार्यवाही ठप पड़ी है। इस सत्र के समापन में मुश्किल से एक हफ्ता रह गया है, ऐसे में सेन के खिलाफ महाभियोग को इस सत्र में चलाने की संभावना न न के बराबर है। इससे पहले माकपा नेता सीताराम येचुरी सहित राज्यसभा के 58 सदस्यों ने सेन के खिलाफ महाभियोग चलाने का प्रस्ताव पेश किया था। येचुरी का कहना था कि महाभियोग इसी सत्र में शुरू होगा लेकिन जेपीसी के गठन को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के अपने अपने रुख पर अड़े रहने के कारण संसद में दस नवंबर से जारी गतिरोध के समाप्त होने की संभावना नहीं है। गतिरोध समाप्त हुए बिना यह सत्र संभवत: 13 दिसंबर को संपन्न हो जाएगा। सूत्रों ने कहा कि ऐसे में न्यायमूर्ति सेन के खिलाफ महाभियोग अब बजट सत्र में ही संभव हो पाएगा।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी द्वारा गठित तीन सदस्ईय समिति ने पिछले महीने न्यायमूर्ति सेन को सार्वजनिक धन की बड़ी रकम का बेजा इस्तेमाल करने, गलत बयानी करने और तथ्यों को गलत ढंग से रखने का दोषी पाया था। उन पर आरोप है कि कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा रिसीवर नियुक्त किए जाने पर उन्होंने 33 लाख रुपयों की बड़ी रकम का बेजा इस्तेमाल किया। न्यायमूर्ति सेन के खिलाफ अगर महाभियोग की कार्यवाही शुरू होती है तो वह देश में पहले न्यायाधीश होंगे जिन्हें संसद में महाभियोग के जरिए हटाया जाएगा, बशर्ते उन्हें हटाने के पक्ष में बहुमत जुटाया जा सके। महाभियोग की पहली प्रक्रिया 1993 में न्यायमूर्ति वी रामास्वामी के खिलाफ शुरू की गई थी लेकिन कांग्रेस के पीछे हट जाने से लोकसभा में प्रस्ताव के पक्ष में बहुमत नहीं जुट पाया और वह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

व्यक्ति ने की 'नागिन' से शादी

दमोह. भले ही यह अंधविश्वास हो लेकिन बटियागढ़ ब्लाक के बरखेरा नाहर गांव में जो कुछ हुआ वह चौकाने वाला है। गांव के शादीशुदा बिरजू आदिवासी को तीन माह में दो बार नागिन डस चुकी और स्वप्न में आकर अपने साथ विवाह करने को कह रही थी। उसने ऐसा करने को मना किया तो नागिन ने एक अन्य महिला की मांग भरने को कहा। नागिन का कहना था कि महिला उसकी बहन है। यदि वह उस महिला की मांग भर देता है तो उसे मुक्ति मिल जाएगी।
तांत्रिक ने बताया महिला का पता : बिरजू आदिवासी ने स्वप्न में आने वाली नागिन की बात जब तांत्रिक को बताई तो उन्होंने उस महिला का पता बता दिया,जो बिरजू के पास के ही गांव भटेरा की एक शादीशुदा आशारानी है। युवक की परेशानी देखते हुए गांव के कुछ लोगों ने तय किया कि बिरजू से उस महिला की मांग भरवा दी जाए। तांत्रिक की बात और बिरजू की परेशानी से परिवार वालों ने महिला अवगत कराया और मांग भराई का कार्यक्रम भी तय हो गया। 29 नवंबर को भटेर से आशारानी भी बरखेरा हजारों की भीड़ में भाव खेलते पहुंच गई। भीड़ ज्यादा होने से दिन में इस कार्यक्रम को टाल दिया लेकिन उसी रात गुपचुप तरीके से रस्म पूरी कर ली गई।
तांत्रिक ने बताया था : बिरजू आदिवासी के भाई सुरेश आदिवासी ने बताया कि नागिन के पिछले जन्म की कहानी का पता उस समय चला जब नागिन ने बिरजू को दूसरी बार पैर में डसा था। वह बिरजू को नोहटा के पास तांत्रिक से झड़वाने ले गए थे। तांत्रिक ने बताया कि नागिन बिरजू को डसने नहीं उसके पैर पडऩे के लिए आती है। पैर खींचने के कारण बिरजू को नागिन के दांत लग गए। सुरेश के अनुसार तांत्रिक ने यह भी बताया था कि पिछले जन्म में बिरजू कोलकाता के विकास नगर का राजा था। जहां की एक गरीब लड़की बिरजू से प्यार करती थी और बिरजू भी उसे चाहता था।
लड़की के गरीब होने के कारण दोनों शादी नहीं कर पाए थे और लड़की की मौत हो गई थी। इस जन्म में वह अपने प्रेमी को पहचान गई है और उसे पाना चाहती है। तांत्रिक को सुरेश ने बताया था कि बिरजू को किसी महिला की मांग भरने के स्वप्न भी आते हैं। लेकिन पता नहीं कि वह महिला कौन है तो तांत्रिक ने ही उस महिला (आशारानी भटेरा) का पता बताया और उसके बाद यह कार्यक्रम तय किया।
दोनों ने भाव खेलते हुए स्वीकारा
29 नवंबर को हजारों की जमा भीड़ में अपने घर से निकले बिरजू ने भाव खेलते हुए कहा कि पिछले जन्म वह राजा था उस समय की उसकी प्रेमिका इस जन्म में नागिन बन गई है जिसकी उसे मांग भरना है। भटेरा गांव से आशारानी भी बरखेरा पहुंची और उसने भी भाव खेलते हुए कहा कि वह नागिन की बहन है और उसकी बहन ने कहा है कि वह बिरजू से मांग भरवा ले, तभी उसे मुक्ति मिलेगी।
इनका कहना है
गांव के ताराचंद सेन ने बताया कि बिरजू व उसके परिवार के लोग नागिन से डर रहे थे। भाव खेलने के दौरान बिरजू के बताए अनुसार महिला को बुलाकर ऐसा किया गया। महिला अकेली ही बिरजू के पास आई थी। बिरजू का कहना है कि मांग भरने के बाद अब स्वप्न में नागिन नहीं दिख रही।
बटियागढ़ टीआई सुमन धुर्वे ने बताया कि 29 नवंबर की शाम को वह गांव गए थे। बिरजू के घर के पास उसके परिवार के दो-चार लोग थे बाकी कोई नहीं था। श्री धुर्वे ने बताया कि मांग भरने जैसा कोई कार्यक्रम नहीं हुआ।

(भास्कर से)

DPS स्कूल कांड पर बनेगी फिल्म : एकता कपूर

एकता कपूर 2004 में दिल्ली के डीपीएस स्कूल में हुए एमएमएस सेक्स स्कैंडल पर फिल्म बनाएंगी, 'लव सेक्स और धोखा 'जैसी बोल्ड फिल्म प्रोड्यूस करने के बाद अब इस नई कहानी पर फिल्म बनाने पर एकता कपूर ने पूरा मन बना लिया है.
सूत्रों की माने तो यह पूरी फिल्म डीपीएस स्कूल में हुए एमएमएस सेक्स स्कैंडल पर आधारित होगी हालांकि यह कहना मुश्किल होगा कि फिल्म में सेक्स स्कैंडल की क्लिपिंग जैसे बोल्ड दृश्य होंगे या नहीं
डीपीएस स्कूल में हुए एमएमएस सेक्स स्कैंडल में  MMS में एक लड़की के काफी आपत्तिजनक क्लिप्स थे जिसे बाद में पोर्न फिल्म बनाकर इंटरनेट पर डाल दिया गया था यह मामला उस समय बहुत चर्चा में आया था यह फिल्म दिसंबर में बनना शुरू होगी इसके अलावा एकता एक और फिल्म भी बनाने जा रही हैं जो की एक थ्रिलर होगी




आत्महत्या -ज़िंदा जल गई तीन जिन्दगिया

मुज़फ्फरनगर में दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आयी एक माँ ने अपनी दो माशुम बच्चियों और खुद पर मिटटी का तेल छिड़क कर आग लगा ली जिसमे तीनो ज़िंदा जल गई पुलिस ने मौके पर पहुचकर घटना की छानबीन कर तीनो शवो का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया
मुज़फ्फरनगर के थाना मंसूरपुर इलाके के गाँव बोपाडा में एक माँ ने अपनी दो माशुम बच्चियों और खुद पर मिटटी का तेल छिड़क कर आग लगा ली जिसमे तीनो जिन्दगीया ज़िंदा जल गई
घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई
मृतक महिला का नाम रेनू है जिसकी शादी 5 साल पहले नीरज के साथ हुई थी इस दंपत्ति को ४ साल की चिंकी और २ साल की रिंकी दो बेटिया थी मृतक रेनू कई दिनों से बीमार चल रही थी जिस वजह से उसकी दिमागी हालत सही नहीं थी
रविवार की सुबह रेनू ने अचानक अपनी दोनों बेटियों और खुद मिटटी का तेल छिड़क कर आग लगा ली उस समय परिवार के सभी लोग पशुओ को चारा डालने घेर में गए हुए थे जैसे ही घर से चिल्लाने की आवाज सुनाई दी तो पडोसी घटना स्थल की और दौड़े जहा पर देखा की कमरे से आग की लपते आ रही है पानी से आग बुझाने की कौशिश की गई मगर तब तक देर हो चुकी थी
इस घटना में माँ सहित दोनों बेटी की जलने से मौत हो गई
पुलिस ने घटनास्थल पहुचकर मामले की जाच पड़ताल की और तीनो शवो का पंचनामा भर शवो को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया पुलिस ने लड़की के परिजनों और ससुराल पक्ष के बयान दर्ज कर लिए है और जाच में जुट गई है
अमित सैनी

Saturday, December 4, 2010

विकी खुलासा: नाक बचाने में जुटा शर्मसार अमेरिका

नई दिल्‍ली. विकीलीक्स के खुलासों से शर्मसार अमेरिका ने अपनी नाक बचाने और भारत को मनाने की पहल तेज कर दी है। विकीलीक्‍स ने ऐसे खुलासे किए हैं, जिनके बाद भारत-अमेरिका संबंधों पर बुरा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इसके मद्देनजर अमेरिका ने सफाई दी है कि वह संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्‍थायी सदस्‍यता के भारत के दावे को अहमियत देता है और उसका समर्थन करता है। खुलासे से बेपर्दा हो गए अमेरिका ने दुनिया के कई देशों से इस बारे में अफसोस भी जताया है।
शुक्रवार को विकीलीक्स द्वारा सामने लाए गए गोपनीय दस्तावेज में कहा गया था कि भारत सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य बनने के लिए 'खुद-ब-खुद दावेदार' बन गया है। अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के हवाले से कहा गया था कि भारत अपने तीन साझेदारों- ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट का स्वयंभू दावेदार बन गया है। भारत इस समय सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है। यही नहीं, विकीलीक्‍स के खुलासे से यह बात भी सामने आई कि मुंबई हमलों के बाद अमेरिका पाकिस्‍तान और आईएसआई की मदद करते दिखा था।
इस खुलासे के बाद चेन्‍नई में अमेरिकन इंटरनेशनल स्कूल के एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से मुखातिब टिमोथी जे. रोमर (भारत में अमेरिकी राजदूत) ने कहा कि आप जो कहते हैं वह ज्यादा मायने नहीं रखता है, आप जो करते हैं वह मायने रखता है। उन्होंने कहा, सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के मुद्दे पर भारत की दावेदारी को समर्थन देने के राष्ट्रपति ओबामा के फैसले से पता चलता है कि अमेरिका इस मुद्दे पर कितना गंभीर है।
रोमर ने अमेरिका की नज़र में भारत की अहमियत जताने के लिए आगे कहा, ओबामा ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों बिल क्लिंटन, जॉर्ज बुश की नकल नहीं की जो भारत यात्रा के बाद पाकिस्तान जाते थे। रोमर ने यह भी कहा कि ओबामा ने अपने कार्यकाल के दौरान विदेश में सबसे लंबा वक्त भारत में गुजारा है, जिससे भारत के साथ अमेरिका की लंबे समय तक चलने वाली रणनीतिक साझेदारी के प्रति अमेरिकी गंभीरता साफ हो जाती है।
सीटीबीटी, एनपीटी पर दस्तखत का दावे से संबंध नहीं
उधर, वाशिंगटन में भी अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अमेरिका अब भी चाहता है कि भारत परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) और कॉम्प्रीहेंसिव टेस्ट बैन ट्रीटी (सीटीबीटी) पर हस्ताक्षर करे, लेकिन अगर भारत इससे इनकार करता है तो भी सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता की राह में कोई अड़चन नहीं आएगी।
भारत ने इन दोनों संधियों को भेदभाव भरा बताया है। भारत एनपीटी पर हस्ताक्षर करना चाहता है, लेकिन उसकी शर्त है कि भारत को परमाणु हथियार संपन्न देश के तौर पर मान्यता दी जाए। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय समझौते के मुताबिक परमाणु हथियार संपन्न देश परमाणु हथियार बना और उसे रख सकता है लेकिन गैर परमाणु हथियार संपन्न देश को इसकी इजाजत नहीं है। ऐसे देश अगर परमाणु हथियार लेना चाहते हैं तो उन्हें अपनी योजना की पूरी जानकारी देनी होगी। हालांकि उत्तरी कोरिया इसका अपवाद रहा है।
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दुनिया के देशों की जासूसी और उनके प्रति अमेरिका की सोच एक-एक कर सामने आ रही है। भारत इस पूरे मसले पर फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है जबकि अमेरिका इस कोशिश में जुटा है कि उसके 'साथी' देश नाराज न हो जाएं। इतना कुछ होने के बाद क्‍या भारत को आंख मूंदकर यकीन कर लेना चाहिए कि अमेरिका भारत का हितैषी है? इस बारे में आप क्‍या सोचते हैं? khabrilal4u.blogspot.com के दुनियाभर के पाठकों से अपनी बात साझा करने के लिए नीचे कमेंट बॉक्‍स में अपनी राय लिखकर सबमिट कीजिए।





ताजमहल में कुछ पल 'अकेले' बिताना चाहते हैं फ्रांस के राष्‍ट्रपति निकोलस सरकोजी और उनकी ग्‍लैमरस पत्‍नी कार्ला ब्रूनी

नई दिल्‍ली. फ्रांस के राष्‍ट्रपति निकोलस सरकोजी और उनकी ग्‍लैमरस पत्‍नी कार्ला ब्रूनी प्रेम के प्रतीक ताजमहल में कुछ पल 'अकेले' बिताना चाहते हैं। सरकोजी दंपती इन दिनों चार दिनों की भारत यात्रा पर हैं। रविवार को उनका ताज नगरी आगरा जाने का कार्यक्रम है।
फ्रांस के राष्‍ट्रपति सरकोजी और वहां की प्रथम महिला जब ताजमहल के दौरे पर आगरा जाएंगी तो वे मीडिया की चकाचौंध से दूर रहना चाहती हैं। इसलिए भारतीय विदेश मंत्रालय ने मीडिया के लिए एडवायजरी जारी कर कहा है कि सरकोजी दंपती की ताजमहल यात्रा को कवर नहीं किया जाए।
इससे पहले सरकोजी दंपति भारत की चार दिवसीय यात्रा पर शनिवार को बेंगलुरु पहुंचे। स्‍थानीय हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड एयरपोर्ट पर जबर्दस्त सुरक्षा इंतजाम के बीच सरकोजी-कार्ला ने सुबह करीब दस बजे कदम रखे। सरकोजी ने बेंगलुरू में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के उपग्रह केंद्र का दौरा किया। यहां से सरकोजी दंपती आगरा के लिए रवाना होगा।
सरकोजी और कार्ला ब्रूनी आगरा के ऐतिहासिक शानदार अमर विलास होटल में ठहरेंगे। यह दंपति रविवार शाम ढले ताजमहल का दीदार करेगा। अगले महीने 56 साल के होने जा रहे सरकोजी जनवरी 2008 में भारत यात्रा के दौरान ताजमहल देखने गए थे। सरकोजी और उनकी गर्लफ्रेंड रहीं कार्ला ब्रूनी के बीच रोमांस के चर्चे मीडिया की सुर्खियों में रहे है।
हालांकि गणतंत्र दिवस के मुख्‍य अतिथि के तौर पर भारत आए सरकोजी प्रोटोकॉल की पाबंदियों के चलते उस समय कार्ला ब्रूनी को साथ लेकर नहीं आ सके थे लेकिन यहां से लौटने के बाद उन्‍होंने कार्ला से वादा किया था कि वह अगली बार भारत यात्रा पर उन्‍हें साथ लेकर जाएंगे और ताजमहल घुमाएंगे।
हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय सरकोजी-कार्ला की आगरा यात्रा को मीडिया के चकाचौंध से दूर रखना चाहता है लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि फ्रांस के राष्‍ट्रपति के साथ आए वहां के पत्रकारों को ताजमहल यात्रा को कवर करने का मौका मिलेगा या नहीं। वास्‍तुकला के नायाब नमूने के तौर पर दुनिया भर में मशहूर ताजमहल को मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था।