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Saturday, April 30, 2011

भाजपाइयो और पुलिस में झड़प

मुज़फ्फरनगर, अमित सैनी :
लखनऊ के बाद मुज़फ्फरनगर में भाजपाइयो और पुलिस के बीच जमकर झड़प और हाथापाई हुई ! जिसमे कई भाजपाइ चोटिल हो गये! पुलिस के इस रविये से भाजपाइयो में रोष व्याप्त है!


भाजपाइओ और पुलिस की झड़प देखने के लिए यहाँ क्लिक करे

दरशल ये नज़ारा है मुज़फ्फरनगर के सबसे व्यस्तम चोराहे शिव चोराहे का, जहा पर भाजपा कार्यकर्ता लखनऊ में भाजपाइयो पर राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस द्वरा किये गये लाठी चार्ज के विरोध में नगर के पर परदर्शन करते हुए हंगामा कर रहे थे, जिसकी सूचना पर पुलिस भी मौके पर जा पहुची! भाजपाइयो ने पुलिस के सामने ही मुख्य मंत्री मायावती के पुतले में आग लानी चाही तो पुलिस भड़क उठी! पुलिस चाहती थी की भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करके चुपचाप वापिस लोट जाये, मगर भाजपाइयो ने पुलिस की मौजूदगी को नज़र अंदाज़ करते हुए पुतले में आग लगाने का प्रयास किया , जिस पर पुलिस अधिकारी स्तब्ध रह गये और आनन्-फानन में पुतले को छिनने के आदेश दे दिए! जिसको लेकर पुलिस और भाजपाइयो के बीच जमकर हाथापाई हुई! पुलिस ने लाठी के बल पर भी अपनी जोर आजमाइश करने का प्रयत्न किया! पुलिस और भाजपाइयो के बीच हुई इस झड़प में कई भाजपा कार्यकर्ता चोटिल हो गये! इस घटना से भाजपा कार्यकर्ताओ में रोष व्याप्त है!


ट्राईसिटी के छात्र मिले जॉर्डन के राजदूत

संजय पाहवा :
ट्राईसिटी के 45 छात्रों और 5 अध्यापकों का स्वागत करते हुए जॉर्डन के राजदूत श्री मोहम्मद अलफायेज़ ने बताया कि हज़ारों वर्षों से जॉर्डन और भारत के बीच गहरे सांस्कृतिक और व्यापारिक सम्बन्ध हैं. छात्रों और अध्यापकों के लिए जॉर्डन के राजदूत ने अपने निवास में एक भव्य समारोह का आयोजन किया और उन्हें शानदार भोजन परोसा.
इन छात्रों के लिए यह एक सपना सच होने से कम नहीं था कि उन्हें राजदूत के साथ अनन्य निजी समय मिला. छात्रों ने बीस से अधिक सवाल पूछे. जॉर्डन के राजदूत ने भारत – जॉर्डन के दोस्ताना रिश्तों, जॉर्डन की संस्कृति व परम्पराओं तथा मशहूर पर्यटक स्थलों के बारे में भरपूर जानकारी दी.
श्री मोहम्मद अलफायेज़ ने भारत में जॉर्डन के राजदूत का कार्यभार फ़रवरी 2011 में संभाला है. वह हमेशा से भारत आना चाहते थे.
उन्हें पंजाबी खाना बहुत पसंद है और वह लगभग रोज़ वही खाते हैं. वह खुद बहुत अच्छा ज़ॉर्डनी खाना बनाते हैं.
जॉर्डन के राजदूत श्री मोहम्मद अलफायेज़ ने बताया की भारत की तरह जॉर्डन में भी पारिवारिक संभंधों पर बहुत ज़ोर दिया जाता है. उन्होने कहा कि भारत और जॉर्डन में नब्बे प्रतिशत समानता है.
जॉर्डन की राजनीति में महिलाओं के स्थान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जॉर्डन की संसद में 12 महिला सदस्य हैं. जॉर्डन की संसद में कुल 120 सीटें हैं.
भारतीय छात्रों को अपना सन्देश देते हुए उन्होंने शान्ति और सामंजस्य के मूल्यों पर ज़ोर दिया. राजनयिक बनने के रहस्य बताते हुए उन्होंने बताया कि छात्रों को अधिकाधिक पढ़ना चाहिए और विनम्रता एवम उत्पादकता को अपने अन्दर विकसित करना चाहिए. उन्होंने इच्छा जताई कि उनकी तरह वहां आए छात्रों में से कुछ भविष्य में राजदूत बनें.
हिंदी फिल्मों में उनकी रुचि के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें शशि कपूर और अमिताभ बच्चन पसंद हैं. उन्होंने नवीनतम हिंदी फिल्म देखी है “नो वन किल्ड जेसिका”. उन्होंने कहा कि जॉर्डन में लोग भारतीय फिल्मों और भारतीय फिल्म कलाकारों के बारे में बहुत रूचि रखते हैं.
जॉर्डन के राजदूत श्री मोहम्मद अलफायेज़ ने बताया कि वह भारत की विविधता से मोहित हैं. उन्होंने कहा कि वह आज तक चंडीगढ़ नहीं आए हैं परन्तु, इतने प्यारे छात्रों से मिलने के बाद अब वह शीघ्र ही चंडीगढ़ आएँगे.
छात्रों ने इस अवसर पर राजदूत को अपने हाथों से बने हुए समृतिचिन्ह भेंट किए जिन्हें पाकर राजदूत अभिभूत हो उठे. मैं इन सभी उपहारों को अपने कार्यालय में सजाऊंगा उनहोंने कहा.
5 स्कूलों में से हर स्कूल के एक छात्र ने अपने स्कूल के बारे में राजूत को बताया जिससे वह बहुत प्रभावित हुए. छात्रों ने समृतिचिन्ह के रूप में राजदूत के साथ बहुत सारी तस्वीरें खींची.
इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्कूलों कि सूची:
सेंट सोल्जर इंटरनेशनल स्कूल, सैक्टर 28, चंडीगढ़

सेंट पीटर्स स्कूल, सैक्टर 37, चंडीगढ़

स्टेप्पिंग स्टोन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सैक्टर 37, चंडीगढ़



सेंट जेवियर हाई स्कूल, सैक्टर 20, पंचकुला

हंसराज पब्लिक स्कूल, सैक्टर 6, पंचकुला



यह छात्र जॉर्डन के राजदूत के साथ समय बिताने के बाद दिल्ली हाट भी गए. दिल्ली से वापसी में छात्रों ने खूब गाने गा कर मज़ा किया.

एक और ऑनर किलिंग:जिन्दा जला दिया बेटी

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
21 साल की लड़की का जला जिस्म भले ही छित्तनपुरा के फखरूद्दीन बाबा क्रबिस्तान में मिट्टी के ढेर के नीचे बेजान दबा पड़ा हो लेकिन उसकी रूह तो इंसाफ चाह रही होगी। यकीन मानिए बीते शुक्रवार तक नजमा हमारी ही दुनियां का हिस्सा बनी हुई थी अपने तमाम सपनों और हसरतों के साथ। लेकिन शनिवार की सुबह तक वो इस दुनियां को अलविदा कह चुकी थी। वो घर जिसमें से उसे डोली में विदा होना था उसकी अर्थी निकली। घर जैसी महफूज जगह नजमा के लिए जन्न्त नहीं जहन्नुम साबित हुई उसे मौत देने वाले कोई गैर नहीं थे उसके घरवाले ही थे। सूत्रों का कहना है कि उसके घरवालों ने उसे जलाकर मार डाला।
जिस इलाके में एक घर की छत दूसरे घर से इस कदर जुड़ी हो कि आने वाली हवा का झोंका किसी एक घर में पकने वाली पकवानों की खुश्बू हर एक घर में ले जाती हो, ऐसी घनी आबादी वाले इलाके सलेमपुरा कोयलाबाजार थाना आदमपुरा में अस्सी फीसदी जली नजमा की चीखें तक पड़ोसियों को तो छोड़े खुद घर के नीचले हिस्से में रहने वाले घर के दूसरे लोगो तक को नहीं सुनाई देना हैरत में डालने वाली बात है। सूत्रों के अनुसार नजमा का किसी को चाहना उसके लिए सबसे बड़ा गुनाह बन गया। बाप मजीद ''टेन्ट वाले'' भाई शेरू, गुड्डू और उसे पैदा करने वाली मां को भी बिटिया की चाहत रास नहीं आई सो उसे मार डाला गया।
जरा खुद सोचिए कि क्या ये संभव है कि अस्सी फीसदी तक जलने वाला चीखा-चिल्लाया न हो। तो फिर क्या वजह है कि उसकी चीख किसी को सुनाई नहीं दी। कहीं ऐसा तो नहीं कि जलाने से पहले ही उसकी हत्या कर दी गई हो और उसके बाद हत्या को हादसे में बदलने के लिए उसके जिस्म को आग के हवाले किया गया हो। लेकिन इसका पता तो तब चलता जब लाश का पोस्टमार्टम हुआ होता, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूरी खामोशी के साथ मौत के कारणों को दरकिनार करते हुए उसके जले जिस्म को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। घरवालों का कहना है कि नजमा चाय बनाते रसोई में जल गई और ऐसी जली की उसकी सांसे उखड़ गई। लेकिन रात के ढाई बजे चाय बनाने की बात भी किसी के गले से उतरने लायक नहीं है।
जिस जगह नजमा जली वहां किसी भी तरह का कोई निशान तक नहीं पाया गया। जलने के बाद नजमा को पास के कबीरचौरा स्थित मण्डलीय अस्पताल न ले जाकर उसे रात में ही बुनकर अस्पताल ले जाया गया। इस बारे में जब बुनकर अस्पताल में जाकर पूछताछ की गई तो पहले तो अस्पताल वालों ने इस तरह के किसी जली लड़की के अस्पताल में ले आने की बात से ही इनकार कर दिया, लेकिन जब दबाब बना तो बताया गया कि रात को कोई डा. नसीम अख्तर मौजूद थे, जब नजमा को जली हालत में अस्पताल लाया गया। वही डा. नसीम अख्तर का कहना है कि मैंने तो लड़की की हालत को देखते हुए उसे फौरन मण्डलीय अस्पताल ले जाने को कहा था, लेकिन घरवाले तीन घंटे तक न जाने किस का इंजतार करते रहे। अंत में सुबह नजमा की लाश लेकर घरवाले घर लौटे।
गौर करने लायक बात ये है कि अस्पताल में नजमा को लाये जाने या उसके इलाज से संबधित कोई भी रिकार्ड कागज पर मौजूद नहीं है। नजमा के घरवालों से ये पूछे जाने पर पुलिस को इस हादसे की सूचना क्यों नहीं दी उनकी बोलती बंद हो गई। शनिवार की शाम जब इस बारे में जब 100 नम्बर पर फोन कर पुलिस कंट्रोल रूम को इस बात की सूचना दी गई तो उनका जवाब हैरत में डालने वाला था। कहा गया कि संबधित थाने में सम्पर्क कीजिए। इसके बाद थाना आदमपुरा से लगायत एसपी सिटी तक को नजमा की मौत के बारे में फोन पर जानकारी देते हुए मामले में हस्तक्षेप करने को कहा गया, लेकिन पुलिस ने मौके पर जाना तक जरूरी नहीं समझा। और असमय संदिग्ध हालत में हुई नजमा की मौत का राज उसके साथ क्रब में ही दफन हो गया। लेकिन नजमा की मौत की हकीकत सवाल बनकर हमारी सामाजिक व्यवस्था से लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर गई कि आखिर वो कौन सी जगह है, जहां हमारी बेटियां हिफाजत के साथ अपनी जिदंगी बसर कर सकती हैं? नजमा के लिए जीते जी उसके घरवाले अपने नहीं हुए और न तो उसके मौत के कारणों का पता लगाने में कानून ने कोई दिलचस्पी ली। इस समय भले ही नजमा का जिस्म क्रबिस्तान में खामोश खुद के साथ हुए हैवानियत और नाइंसाफी की कहानी नहीं कह सकता लेकिन उस रूह का क्या जो इंसाफ के लिए तड़प रही होगी? कह रही होगी

दफना दिया गया मेरी ख्वाइश को क्रब में
मैं जिसको चाहती थी वो लड़का गरीब था।

जेल में सैंध : 12 बाल कैदी फरार

अमित सैनी, मुज़फ्फरनगर :
मुज़फ्फरनगर की बच्चा जेल ( बाल सम्प्रेक्षण गृह ) जंग का मैदान बनती जा रही है ! अब से कुछ दिनों पहले ही बाल बंदियों ने यातनाओं से तंग आकर जेलर की जमकर पिटाई कर दी थी जिसमे जेलर का सर फट गया और कई गंभीर चोटे आई थी ! बाल बंदियों के शारीर पर भी यातनाओं के नीशान मौजूद मिले थे और जेलर के कार्यालय से शराब की खाली बोतले बरामद हुई थी ! आज शनिवार को उसी बच्चा जेल में बाल बंदियों ने जेल में सैंध लगाकर जेल की दिवार तोड़कर जेल से बारह बाल कैदी फरार हो गए ! फरार हुए सभी एक दर्जन कैदी चोरी और मार पिट के मामलो में जेल में बंद थे !
दरअसल जनपद मुज़फ्फरनगर के कोतवाली थाना छेत्र में छोटी उम्र में अपराध करने वाले बच्चो के लिए बाल सुधर गृह ( बाल सम्प्रेक्षण गृह ) बनाया गया है जिसे बच्चा जेल भी कहा जाता है ! इस बल सुधर गृह में नो साल से लेकर १६ साल तक के बच्चो को सुधरने का मोका दिया जाता है इसी महीने के कुछ दिन पहले भी यही बच्चा जेल सुर्खियों में आया था जब बल बंदियों ने जेलर का सर फाड़ दिया था जिस में कुछ बच्चो को भी चोट लगी थी !
उस मामले में जेलर की अमित्ताओ को देखते हुए जेलर को उनके पड़ से हटा दिया गया था और उनके स्थान पार जिला प्रोबेसन अधिकारी को चार्ज दिया गया है आज सुबह जब जेल की सुरक्षा में तैनात सिपाही ने जेल की दिवार में एक बड़ा होल देखा तो उसने तत्काल अधिकारियो को सुचना दी ! जब जेल के अंदर जा कर देखा तो जेल से १२ बाल कैदी जेल की चारदीवारी में सैंध लगाकर फरार हो चुके थे ! कैदियों के फरार होने की सुचना मिलते ही पुलिस और प्रसासनिक अधिकारियो ने बाल सम्प्रेक्षण गृह पार पहुँच कर मोके का मुआयना किया ! बच्चो को पढाने वाले शिक्षक का कहना है की यंहा बंद बाल कैदी मानसिक रूप से परेसान दिखाई दे रहे थे जिस कारण कैदी यंहा से भाग गए ! कैदियों के भागने से ये बाट तो स्पस्ट है की जेल की सुरक्षा में कितनी खामिया बरती जा रही है जेल में बंदी अपने ही जेलर का सर फोड़ देते है और मका मिलाने पार जेल की दिवार को तोड़ कर फरार भी हो जाते है !

Friday, April 29, 2011

Who are Followers? - Blogger Help

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हादसों को न्योता देती बच्चों से खचाखच भरी स्कूल और कॉलिज बसें

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
आजकल देश में आये दिन कोई न कोई सडक हादसा सुनने में आता रहता है! कई हादसे तो इतने दर्दनाक होते हैं कि किसी का भी दिल ढल जाये! ऐसा ही एक हादसा हुआ यमुनानगर में,जिसकी आहट देश के कोने कोने में सुनाई दी।हर कोई बिलख रहा था अपनों के लिए यह दर्दनाक हादसा किस की लापरवाही की देन था यह तो छानबीन के बाद ही पता चल पायेगा। लेकिन हमारे अभिभावक इस तरह के हादसों से सबक लेते नही दिख रहे! इस तरह के हादसों की आहट कंही भी किसी भी स्थान पर भी सुनाई दे सकती है।देश के कई शहरों में अनेक स्कूलों की बसों की स्थिति पर अगर नजर डाले तो स्थिति साफ तौर पर खतरें की घंटी बजाती नजर आती है। लेकिन अपने पैसा कमाने कि धुन में अंधे स्कूल संचालको को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है। न ही हमारे अभिभावक इस खतरें से वाकिफ हैं! स्कूलों की बसों व वैनों को खचाखच भरकर सड़को पर दौड़ाया जा रहा है। छुट्टी के समय तो स्थिति उस और भी गंभीर हो जाती है, जब अध्यापको को भी इन्हीं बसों के द्वारा उनके गंतव्य तक छोड़ा जाता है। जबकि ये बसे पहले से ही बच्चों से खचाखच भरी होती है। अगर प्रशासन ने जल्द ही इस पर कोई सख्त नियम लागू नहीं किए तो गंभीर परिणाम सामने आ सकते है।
स्कूल संचालक अभिभावको से बस सुविधा के नाम पर मोटी कमाई तो कर रहे है। लेकिन अभिभावको द्वारा दी गई इस रकम का पूरा फायदा उन्हें नहीं दिया जा रहा है। स्कूल संचालक अपनी मनमर्जी से आवयकता से अधिक बच्चे बसों में भरकर उन्हें उनके घर तक पहुंचा रहे है। दोपहर के समय गर्मी अधिक होने के कारण बच्चों का इतनी भीड़ में सांस लेना भी मुश्किल होता है। लेकिन स्कूल संचालको का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। बच्चों से लदी ये बसे कभी भी ड्राइवर द्वारा नियंत्रण खो देने से कई जिंदगियों को अपनी चपेट में ले सकती है। लेकिन स्कूल संचालको के साथ साथ अभिभावको को भी इसका कसूरवार कहा जाए तो कुछ गलत नहीं होगा। क्योंकि अभिभावक कभी इस बारे में स्कूल संचालको को शिकायत तक नही करते। जिस कारण उनके हौंसले इतने बुलंद हो चुके है। कमाई के चक्कर में संचालक सीधे सीधे बच्चों की जिंदगी से खेल रहे है। इतना ही नहीं अगर प्रशासन नियामानुसार जांच करे तो कई प्रकार की बाते सामने आ सकती है। जो बच्चों के लिए हानिकारक सिद्ध होती है। नियमों का ताक पर रखकर स्कूल संचालक बेखौफ अपने इस कार्य को अंजाम दे रहे है। लेकिन प्रशासन को कोई ध्यान इस ओर नहीं है। जरूरत है स्कूल संचालको की बसों की व्यवस्था की समय-समय जांच किये जाने की बस के ड्राइवरों की योग्यता को भी परखा जाना चाहिए! ताकि इस तरह के हादसों पर नियंत्रण रखा जा सके । साथ ही जो स्कूल संचालक बच्चों को आवश्यकता से अधिक बसों में सवार कर रहे हो उनके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाए। ताकि जगाधरी-पावंटासाहिब मार्ग पर हुआ हादसा फिर से न दोहराया जाए।




Chandigarh, Sanjay Pahwa :
Bharatiya Janata Party Colony Cell today supported the Chain Hunger Strike of Bapudham residents and took the responsibility of agitation and assured that this agitation would be concluded with the victory of the public.
Bharatiya Janata Party Colony Cell President Dalip Sharma said that a group of 15 activists under the leadership of former Union Minister Sh.Harmohan Dhawan sat on Hunger Strike including Smt. Sarita Sharma, Dalip Sharma, Salim Khan, Naushad Ali, Sajid, Mewaram, Vinay Dubey, former Deputy Mayor Shyama Negi, Santosh Bhatt, Rajesh Pehalwan, Ashok Gupta, Balbir Singh, Neena Soni and Sh. Sham Lal.
Former Union Minister Sh. Harmohan Dhawan said the Chandigarh Administration is harassing the residents of city. The labour welfare building made for the residents of Bapu Dham Colony is illegally occupied by Chandigarh Police and ITBP. The residents of various villages are being harassed by the Administration on the name of Lal Dora. The poor people have invested their earning of whole life in these houses and the Administration is hell-bent upon to demolish these houses. Local Member Parliament Pawan Kumar Bansal have nothing to do with the problems of general public as he himself is indicted in Booth Allotment scam.

टीबी के प्रति जागरूकता पर आधारित है दो कहानियां: गुलशन सचदेवा

प्रेमबाबू शर्मा, दिल्ली  : आपकी अदालत शो से सुर्खियों में आए प्रसिद्व निर्माता निर्देशक गुलशन सचदेवा से हाल में फिल्म दो कहानियां के सेट मुलाकात में हुई । बातचीत के दौरान उन्होेंने बताया कि फिल्म दो कहानियां टीबी रोग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए बनाई गई हैं। मजेदार बात यह कि इस फिल्म से जीनत अमान की बालीवुड में री-ऐट्री हो रही है। इसके अलावा तीन ओर फिल्में भी है जिसे हम स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए बना रहे है। गुलशन सचदेवा ने बताया कि जब हमने जीनत को बताया कि हम डॉट टीबी पर बन रही फिल्म में उनको बतौर सेलिब्रेटी उनको लेना चाहते है तो उन्होंने तुरंत हॉ कर दी। ये चारो ही फिल्में हमारे दैनिक जीवन और हमारे चारो के दुषित वातारवण से पनपते रोगों पर आधारित है।
राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मानित फिल्म ‘पेलियो वर्सज पोलियो’ के बाद से ही गुलशन सचदेवा लीक से हटकर गंभीर विषयो पर काम करने काम मन बना चुके है। वे कहते है कि ‘मै आम विषयों से हटकर क्रिएटिव काम करने में विश्वास रखता हॅू। जिसमें चुनौतियां हो। जब मैेंने टीबी पर बनी चार फिल्मों पर काम आंरभ किया और जानकारियां एकत्र करना शुरू की तो कई तरह की परेशानियांे से सामना हुआ। किन्तु मेरे लिए इस फिल्म पर काम करने का एक अलग अनुभव था ।
दूरदर्शन सहित अलग अलग चैनलों के लिए दर्जनों धारावाहिक और टेलीफिल्मों का निर्माण व निर्देशन कर चुके गुलशन सचदेवा के पास एक लंबा अनुभव है। कालांतर में सत्य घटनात्मक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि से प्रेरित धारावाहिक पंचम, जंजीरे,ं लकीरें, कन्हैया, बंूद बूंद, आसमान कैसे कैसे, लेखू और झूठ बोले कौवा काटे का निर्माण किया। किन्तु एक ही प्रकार के धारावाहिकों के निर्माण के पीछ कोई खास वजह ? प्रश्न के उतर में उनका कहना था कि मैं आम जिंदगी से जुड़े यथार्थवाद विषय ही मेरी पंसद रहे है। इस प्रकार के विषय के माध्यम से आप समाज मेे फैली कुरूती जैसे मुददों को उठा सकते है । जैसे हमने कन्हैया और पंचम की कहानी द्वारा अनेक ज्वंलत मुददों को उठाया था।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित होते हुए कैसा लगा?
इस प्रश्न को सुनते ही बात सुनकर गुलशन सचदेवा का चेहरा खिल उठा और मुस्कराते हुए बोले कि यह मेरे लिए गर्व की बात है और एक प्रेरणा भी, कि मैं समाज में फैले ज्वलंत मुददों पर ही काम करूं।
निकट भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए गुलशन सचदेवा ने कहा वर्तमान में एक राजस्थान धारावाहिक और पंजाबी फिल्म पर काम चल रहा है। किन्तु उसका विषय आजकल के फैमिली सीरियल्स की तरह इसमें किचन पॉलिटिक्स नही होगी। बल्कि धारावाहिक की कहानी मनोरंजन के साथ साथ नैतिकता, सामाजिक चेतना मूल्यों के प्रति सजग करती है। इसके साथ ही धारावाहिक में नारी समास्याओं को भी उठाया गया है।

British Library Celebrated the Royal Wedding of Prince William and Kate Middleton

Chandigarh, Sanjay Pahwa :
The British Library team was in an upbeat mood to celebrate the Royal Wedding of Prince William and Kate Middleton in a different style. The most-anticipated wedding in the 30 years since Prince Charles married Lady Diana Spencer.
British Library carried live coverage of the wedding of Prince William and Kate on the big screen followed by cake cutting ceremony and toasting the couple. There were near about gathering of 100 people. Message board has been placed in the library so that tri-city residents can put their congratulating messages over board.

किसानों के अधिकारों के लडाई जारी रहेगी: चौधरी अजीत

नई दिल्ली ,(प्रेमबाबू शर्मा):
पार्टी को मजबूत बनाने के लिए किसान नेता चौधरी करतार सिंह भडाना बसपा छोडकर राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हो गये । रालोद के अध्यक्ष एंव सांसद चौधरी अजित सिंह के यहां दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ पहंुचे । अजीत सिंह ने कहा कि चौधरी करतार सिंह भडाना के पार्टी मे आने से पार्टी मजबूत होगी पही किसानो के अधिकारों की लडाई और मजबूत होगी। इस मौक पर रालोद के महासचिव सतवीर त्यागी,पूर्व सांसद मुुंशीराम,अनुराधा चौधरी,महेन्द्र सिंह यादवव एकनेकाम खान मौजूद थे।
चौधरी करतार सिंह भडाना ने कहा, मैं चªौधरी चरण सिंह की नीतियों पर चलकर राजनीति करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि 2004 में उन्होंने राजस्थान में दौसा लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव तो जरूर लड़ा, लेकिन प्रदेश में गुर्जर आंदोलन के दौरान समुदाय के लोगों पर हुए जुल्म के चलते उन्होंने भाजपा छोड़ दी। मूल रूप से फरीदाबाद के रहने वाले और हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल की सरकार में 1996 से 2004 तक मंत्री रहे भडाना को उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से भी शिकायत है। उन्होंने कहा कि 2009 में सपा ने उन्हें बिजनौर लोकसभा सीट से प्रत्याशी तो बना दिया, लेकिन बाद में इतनी गुटबाजी बढ़ी कि उनका टिकट ही काट दिया गया। उसके बाद उन्होंने हरियाणा में मायावती की बसपा का भी दामन थामा, लेकिन वहां भी नहीं निभी। अजित सिंह ने कहा कि करतार के रालोद से जुड़ने से पार्टी को अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

MADE IN PAKISTAN’ A PRECURSOR TO IMPROVING TRADE POTENTIAL IN SAARC COUNTRIES

2ND EDITION OF CII’S MADE IN PAKISTAN FAIR HIT WITH CONSUMERS
60 stalls from the heart of Pakistan showcase a wide product profile
Chandigarh : Sanjay Pahwa :
The 2nd edition of CII Made in Pakistan started off here today with huge fanfare. Cherishing the bonds and cultures from across the border, the exclusive show was inaugurated by Shri Pawan Kumar Bansal, Minister for Parliamentary Affairs and Science and Technology and Earth Sciences, at Himachal Bhawan today.
Applauding CII’s initiative to take a step forward to strengthen ties between the countries through this exclusive showcase from Pakistan, Mr Bansal said that the 2nd edition of the show is itself a testimony to the huge fan fare of the show in India and demand for Pakistani products. He was accompanied by Mr RM Khanna, Past Chairman CII NR, Mr Vikram Hans, Chairman, CII Chandigarh, Mr Nitin Peshawaria, Past Chairman CII Chandigarh, and other senior CII members
“It’s a great pleasure to see that our trade counterparts are as enthusiastic about doing business with India. There is potential for bilateral trade to go up to an estimated $6.5 billion from the current $2 billion. Cross-border trade requires the uninhibited movement of people and investments and both the countries are working towards increasing potential trade dynamics and economic activities”, the Minister said. “Whatever is spend on defence can be spent on trade, is what the minister stressed upon.
Shri Pawan Kumar Bansal, Minister for Parliamentary Affairs and Science and Technology and Earth Sciences inaugurating ‘Made in Paksistan’
Reiterating the same sentiment, Mr Khurshid Balras, CEO, Pakistan World Trade & Promotions said, “Astonishingly, but true, major part of Pakistan’s current export goes to the European Union and US. Presently only 5.5 % of the Pakistan trade is done with SAARC counties, which stand a potential to improve it by 10% due to commonalities in cultures and needs of the people in SAARC countries. CII shows like these pave way towards making this possible and give an opportunity for improving both business and people linkages.”
The countries like India, Maldives, Indonesia, Nepal & Sri Lanka are seen as potential markets for Pakistan exports, India taking the maximum share out of all. Further detailing about the 2nd edition, Mr Balras said that the 2nd edition has acted as an extension to promote people to people contact between the two countries sharing similar culture and traditional ethos with two successful shows in Chandigarh & Jaipur.
More than 48 exhibitors from Pakistan taking up 60 stalls have displayed their wide array of products as compared to 43 last time in Chandigarh.
“Going by the exquisite taste of the buyers of Chandigarh, and on popular demand during the last shows, the fair presents an exclusive range of products from almost all regions of Pakistan including garments and embroidered fabric from Multan, Karachi and Lahore, ethnic footwear from Lahore and Multan, exclusive handicrafts from Swat Peshawar, shimmering range of décor products from Karachi, carved rosewood furniture from Peshawar, and designer melamine from Gujranwala and rich dry fruits and onyx. So the discerning buyers of Chandigarh and satellite towns have a lot on the platter to choose”, informed Mr Balras.
Not to left behind, the exquisite Pakistani delicacies like kababs and phirni, straight from the Anarkali Bazar are all set in the food court to tickle the gourmet Indian taste buds, added Mr Balras.
Speaking on the occasion, Mr Vikram Hans, Chairman, CII Chandigarh said "The CII Made in Pakistan presents a responsible platform for interaction amongst the two communalities. Under the umbrella of CII, the coming together of varied product and services on such a magnificent scale from the heart of Pakistan will surely help in creating new spaces for people to people bonding. The intrinsic desire to reach out to fellow brethren across the border further augments the trade prospects with our neighbors. "
Going by the response on the opening day, weekends are expected to be really rushy at the Fair. Drawing the tradition and culture of Pakistan through range of products that speaks volumes for the craftsmanship and ethnicity are on display from 10 am to 8 pm till 3 May 2011.

री-ऐट्री को तैयार जीनत अमान

नई दिल्ली, (प्रेमबाबू शर्मा) :
सन् 80 के दषक में अपने नाम और काम से धूम मचाने वाली जीनत अमान अब एक लंबे गैप के बाद में फिर से फिल्मों में फिल्म अधूरी षेव से वापसी करने जा रही हैं। फिल्म अधूरी षेव में समाज सेविका का रोल करेगी। यह पहली फिल्म है जिसमें जीनत लीक से हटकर काम कर रही है। हाल ही में जीनत ने स्वास्थ्य मंत्रालय की चार शॉर्ट फिल्मों को स्वीकारा जो टीबी की बीमारी और इसके इलाज के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बनाई गई हैं। इसे बनाया है आर.के. स्वामी और निर्देशक गुलशन सचदेवा ने। गुलशन बताते है कि उन्हे चार फिल्में बनाने का जिम्मा मिला है और जीनत इस फिल्म में काम करने के लिए बिना मेहनताना लिए राजी हो गयी थी ।

को-आपरेटिव बैंक और सोसायटी पर जड़ा ताला

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
करनाल के बल्ला गाँव स्थित को-आपरेटिव बैंक के कर्मचारियों की कार्यशैली से खफा गाँव की महिलाओं ने बुधवार को-ऑपरेटिव बैंक तथा सोसायटी पर ताला जड़ दिया। करीब चार घटे तक दोनों दफ्तरों पर ताला लटकता रहा। महिलाओं ने बैंक के कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की। आखिर लोन के कागजातों की दोबारा जाच के आश्वासन के बाद ही ताला खोला गया। ताला लगने से दोनों आफिस में लेन-देन ठप रहा।
मिली जानकारी के मुताबिक महिलाओं ने बैंक से लोन लेने के लिए पिछले करीब छह माह पूर्व आवेदन किया था बुधवार सुबह जब वे अपने लोन के बारे में जानकारी लेने के लिए महिलाएं बैंक में पहुचीं, तो उन्हें बताया गया कि उनको बैंक से लोन नहीं दिया जा सकता। जब उन्होंने लोन के बारे में बैंक मैनेजर से कागजात वापस मागे, तो मैनेजर ने कागजात करनाल से लेने की बात कही। इतना सुनते ही महिलाएं बिफर गई और सोसायटी और बैंक के कर्मचारियों को आफिस से बाहर निकालकर मेन दरवाजों पर ताला लगा दिया। महिलाएं दरवाजे के पास ही धरने पर बैठ गई। महिलाओं का आरोप था की बैंक कर्मचारियों की ओर से उनसे लोन पास करवाने के लिए सुविधा शुल्क की माग की गई। जब देने से मना कर दिया, तो लोन पास नहीं किया। महिलाओं का यह भी आरोप था कि कुछ कर्मचारी दिन के समय नशे में रहते है, लेकिन बैंक के आलाधिकारी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते। उनका आरोप था कि मैनेजर ने उनके लोन के कागजात बैंक जिला मुख्यालय भेजने के बजाय जानबूझकर सोसायटी मुख्यालय भेज दिए, ताकि उनको लोन नहीं मिल सके। ताला लगने की भनक जब जिला मुख्यालय पहुची, तो मैनेजर को आनन-फानन में बुलाया गया और कागजों को दोबारा से देखकर रिपोर्ट जमा कराने का निर्देश दिया। दोबारा से कागजातों की जाच के आश्वासन के बाद ही करीब चार घटे बाद ताला खोला गया। जब महिलाओं ने मेन गेट पर ताला लगाया तो उन्होंने कर्मचारियों को बाहर निकलने की अपील की, लेकिन एक कर्मचारी गलती से अंदर रह गया। जब उसने खिड़की से बाहर आने की इच्छा जताई, तो महिलाओं ने ताला खोलने से साफ मना कर दिया। इस बाबत बैंक मैनेजर धर्मपाल का कहना है कि उनका लोन कैंसिल हो गया है और कागजात जिला मुख्यालय से मिलेंगे। इस मामले में फील्ड आफिसर रामपाल का कहना है कि मैनेजर ने गलती से महिलाओं के कागजात बैंक के जिला मुख्यालय भेजने के बजाय सोसायटी में भेज दिया है। इसके चलते यह गलतफहमी हुई है। मामले को शीघ्र सुलझा लिया जाएगा।अब यहाँ महत्वपूर्ण सवाल यह उठता है कि ड्यूटी के वक्त नशे में रहने वालों के खिलाफ करवाई क्यों नही की गयी! दूसरे आला अधिकारियों द्वारा गाँव में खुले इन बैंकों का लगातार कार्य निरीक्षण क्यों नही किया जाता! जब सरकार द्वारा बैंक कर्मियों को निर्धारित वेतन दिया जाता है तो वे ग्रामीणों से शुल्क की मांग क्यों करते हैं! करवाई की जनि चाहिए इन रिश्वतखोरों के खिलाफ ऐसे रिश्वतखोरों के कारण ही देश की सरकारी व्यवस्थाएं बदनाम हैं!

Thursday, April 28, 2011

विश्व के 124 खुशहाल देशों में भारत का 71वां स्थान

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
विश्व के 124 देशों में खुशहाली का पता लगाने के वास्ते गैलप की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में भारत को 71 वां स्थान मिला हैं। देश में वल 17 प्रतिशत लोग ही अपने आपको को संपन्न मानते हैं। सर्वेक्षण में डेनमार्क को पहला स्थान मिला है, जहां के दो तिहाई निवासियों ने खुद को संपन्न बताया है। जबकि सर्वे में पाकिस्तान को विश्व का 40 वां सबसे खुशहाल देश करार दिया गया है। गैलप 2010 की ओर से खुशहाली का पता लगाने के लिए किए सर्वेक्षण को जोड़कर आए परिणाम के अनुसार बहुसंख्यक भारतीय (64 प्रतिशत) मानते हैं कि वे संघर्षरत हैं। जबकि 19 प्रतिशत मानते हैं कि वे कष्ट में हैं।
सर्वेक्षण में लोगों को शून्य से 10 के स्तर में स्वयं को मूल्यांकित करने को कहा गया। इस सर्वेक्षण में ऐसे लोगों को संपन्न माना गया, जिन लोगों ने स्वयं के जीवन को सात या इससे अधिक अंक दिए और जिन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पांच वर्षों में उनकी स्थिति आठ या इससे अधिक स्तर की हो जाएगी। जिन लोगों ने अपने जीवन को चार या इससे कम अंक दिए, उन्हें कष्ट में या संघर्षरत करार दिया गया। दिलचस्प बात है कि आतंकवाद से ग्रस्त होने के कारण आर्थिक रूप से बदहाल पाकिस्तान को विश्व का 40 वां सबसे खुशहाल देश करार दिया गया। पाकिस्तान के 32 प्रतिशत नागरिकों का कहना है कि वे संपन्न हैं। बांग्लादेश को इस सूची में 89 वें स्थान पर रखा गया है। इस सर्वेक्षण में शामिल इसके केवल 13 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे प्रसन्न हैं। चीन का इस सर्वेक्षण में 92 वां स्थान है। श्रीलंका का इसमें 114 वां स्थान है तथा इसके केवल पांच प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे स्वयं को संपन्न मानते हैं। केवल 69 प्रतिशत प्रसन्न लोगों वाले स्वीडन और कनाडा को दूसरा सबसे खुशहाल देश बताया गया। इसके बाद आस्ट्रेलिया, फिनलैंड, वेनेजुएला, इजरायल और न्यूजीलैंड का नंबर आता है। अफ्रीकी राष्ट्र चाड को दुनिया का सबसे कष्ट भोगने वाला देश करार दिया गया है। खुशहाल देशों में भारत का 71वां स्थान डेनमार्क सबसे संपन्न देश, खुशहाली के मामले में पाकिस्तान हमसे आगे!



इन्द्री के बड़ा गाँव के जंगलों में दिखा तेंदुआ,गाँव में दहशत का माहौल

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
इन्द्री के गाँव बड़ा गाँव के खेतों के पास लगते जंगले में एक तेंदुआ देखा गया है! रात को जब लोग खेतों से गेंहू की कटाई करके घर को लौट रहे थे तो एक जंगली जानवर उनके ट्रेक्टर के आगे आकर खड़ा हो गया! जब ट्रेक्टर चालक ने उस पर रौशनी डाली तो वह खेतों की ओर भाग गया! जब ट्रेक्टर चालक ने इसकी सूचना गांववालों को दी तो काफी लोग हथियार लेकर वहां पहुंच गये लेकिन लोगों की आवाज़ सुनकर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया!
तेंदुआ देखे जाने की सूचना लोगों ने तुरंत पुलिस और वन्य अधिकारीयों को दी! वन्य अधिकारीयों ने मौके पर पहुंच कर निशानदेही की और तेंदुए के होने की पुष्टि की! इस तेंदुए को पकड़ने के लिए चण्डीगढ़ की और अन्य जिलों की टीमों ने अभियान शुरू कर दिया है! गांववालों को जंगल की और जाने से रोक दिया गया है! गाँव के एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है की हमने उस जंगली जानवर को रात को भी देखा और आज सुबह भी देखा था!
यह चीता या तेंदुआ हो सकता है! जब इस बारे में जिला वन्य अधिकारी नवदीप सिंह हुडा से बात की गई तो उन्होंने कहा की यह जंगल 210 एकड़ में फैला हुआ है! इतने बड़े जंगल में एक जानवर को ढूँढना मुश्किल काम है पर हम कोशिश कर रहे है! जल्दी ही इस तेंदुए को पकड़ जायेगा! हमने जंगल के दोनो तरफ पिंजरे लगा दिए हैं और मिले पैर के निशानों के सेम्पल को पुष्टि के लिए देहरादून भेज दिया है
उसके बाद ही जानवर की पुष्टि हो पायेगी!

Wednesday, April 27, 2011

करोड़ो रूपया खर्च करने के बाद भी दिखावा बनकर रह गई डिच ड्रेन

यमुनानगर, कुलदीप सैनी :
न्यायालय द्वारा पश्चिमी यमुनानहर में गंदा पानी न छोड़े जाने के आदेशों के बावजूद पिछले कई माह से पश्चिमी यमुनानहर में यमुनानगर व जगाधरी का गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। जिस कारण इस गंदे पानी की निकासी के लिए पश्चिमी यमुनानहर के साथ साथ बनाई गई डिच ड्रेन विभाग द्वारा करोड़ो रूपया खर्च करने के बाद भी मात्र एक दिखावा बनकर रह गई है। जिला यमुनानगर की औद्योगिक इकाईयों व शहर का गंदा पानी इस डिच ड्रेन में छोड़ा जाना था। लेकिन आजकल पश्चिमी यमुनानहर में ही गंदा पानी छोड़ जा रहा है। गंदे पानी के नहर में छोड़े जाने से साथ लगते गांवो के लोगों को गंदे पानी की बदबू का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों की माने तो हमीदा के पास डिच ड्रेन के क्षतिग्रस्त हो जाने से ऐसा करना पड़ा है।
करोड़ों रूपया खर्च कर बनाई गई थी डिच ड्रेन-न्यायालय द्वारा पश्चिमी यमुनानहर में औद्योगिक ईकाईयों व शहर का गंदा पानी न छोडे जाने के आदेश विभाग को दिए गए थे। जिसके बाद विभाग ने पश्चिमी यमुनानहर के साथ साथ हमीदा से धनौरा हैड़ तक 60 क्यूसक की क्षमता वाली डिच ड्रेन का निर्माण किया था। ताकि गंदा पानी इस डिच ड्रेन में डाला जा सके । डिच ड्रेन के निर्माण पर विभाग द्वारा लगभग चार करोड़ रूपये खर्च किए गए थे। लेकिन करोड़ो रूपया खर्च करने के बाद भी विभाग डिच ड्रेन को अमल में नहीं ला सका ।
देखने को मिल रहे है कई दुष्प्रभाव-
पश्चिमी यमुनानहर में गंदा पानी छोड़े जाने से इसके कई दुष्प्रभाव सामने आ रहे है। गंदे पानी से आसपास के गांवों के हैंडपम्पों में शोरायुक्त पानी आ रहा है। साथ ही गंदे पानी की बदबू इतनी भयानक है कि लोगों का जीना दुस्वार हो गया है। गंदे पानी की वजह से मक्खी व मच्छरों की भरमार भी हो रही है। जिससे कई प्रकार की गंदी बिमारियां फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। अगर जल्द ही विभाग द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो भयंकर परिणाम सामने आ सकते है।
धार्मिक भावनाएं भी हो रही है आहत-
पश्चिमी यमुनानहर में गंदा पानी छोड़े जाने से क्षेत्र के लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही है। बताया जाता है कि पहले इस नहर में कई धार्मिक उत्सवों पर लोग स्नान कर पुण्य के भागीदार बनते थे। गंगा दशहरे के अवसर पर भी क्षेत्र के लोगों द्वार इस नहर में स्न्नान किया जाता था। लेकिन जब से नहर का पानी गंदा होना शुरू हुआ है तब से लोगों ने यहां पर धार्मिक कार्य करने बंद कर दिए है। नहर के साथ कई गांवो में मंदिर भी बने हुए है। जहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को नहर की गंदी बदबू का सामना करना पड़ता है।
कहां से आता है गंदा पानी-
पश्चिमी यमुनानहर में छोड़ा जा रहा गंदा पानी यमुनानगर व जगाधरी के गंदे नालों का है। इसके अलावा हमीदा में लगे हुए ट्रीटमेंट प्लांट व शहर की औद्योगिक ईकाईयों का गंदा पानी भी इसी में छोड़ा जा रहा है। इस गंदे पानी में कई प्रकार का खतरनाक कैमिकल मिला होता है। जो मानव शरीर के लिए नुकसानदायक होता है।
जल्द कर दिया जाएगा समाधान-
नहरी विभाग के एसडीओं नरेश चोपड़ा से जब इस बारे फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि डिच ड्रेन हमीदा के पास से क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिस कारण गंदे पानी को पश्चिमी यमुनानहर में डालना पड़ा। लेकिन डिच ड्रेन की मुरम्मत का कार्य लगभग पूरा हो गया है। तकरीबन दो या तीन दिनों तक डिच ड्रेन को चालू करवा कर इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

मेरे संईया को मिला बिग बी आइमा अवार्ड

नई दिल्ली(प्रेमबाबू शर्मा ) :
सूफी गायकी से रसी बसी अलबम मेरे संईया को उसके उत्कर्ष संगीत और बेहतरीन गायकी के लिए बिग बी आइमा अवार्ड से सम्मानिम किया गया। यह संगीत की दुनियां में पहला मौका है जब किसी सूफी अलबम को पुरस्कृत किया गया।
म्युजिक कंपनी फिल्मी बाक्स आफिस के निर्देशक नरेन्द्र सिंह ने अवार्ड पाने के सम्मान का श्रेय कंपनी के से जुडे सभी लोगों को देते हुए कहा कि म्युजिक कंपनी फिल्मी बाक्स आफिस द्वारा रीलिज मेरे संईया अलबम आम श्रोताओं की पंसद बन चुकी है। कंपनी का मकसद उम्दा संगीत देना है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने कुछ समय पूर्व ही संगीत की दुनियां में कदम रखे है और कम ही समय में ही कंपनी ने संगीत प्रेमियोें के बीच अपनी पहचान बना ली है। हाल में संगीत कंपनी ने हाल में ही फिल्म 24 अवार्ड और कैकर्स का संगीत भी रीलिज किया।
वर्तमान में इस कंपनी से नामचीन गायक और संगीतकार जुडें है। कंपनी का मकसद नये व पुराने गायको,ं गीतकारों और संगीतकारों को अपने जोड कर चलना है।
नरेन्द्र सिंह का कहना है कि बडे बडे सितारों वाली फिल्मों के संगीत को तो सभी म्युजिक कंपनियां लेना चाहती है, जो नये कलाकाार है,लेकिन उनको लेने मौका देने के लिए कोई भी आगे नही आती है।
म्युजिक कंपनी ने म्युजिक अधिकार के अलावा फिल्म मर्केटिग ,मिडिया -अप प्रामोज जैसे काम करने के अलावा यू टीवी,इरोज,फॉक्स स्टार,परसेपट के अलावा दे दनादन दबंग,अलादिन,अंजाना अंजानी,लव आजकल, कमबख्त इश्क फिल्मों के प्रचार काम कर चुकी है। अपनी सफलता से उत्साहित नरेन्द्र सिंह मानते है कि वर्ततान में मौजूदा म्युजिक कंपनी से उनका कडी मुकाबला भले ही हो, लेकिन हमारी कंपनी ने संगीत प्रेमियांे को अच्छा और मेलोडियस संगीत दे कर अपनी एक अलग पहचान बनायी है।

नारी ने संभाली एक और जिम्मेदारी

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
जींद शहरों की तर्ज पर अब ग्रामीण महिलाएं भी किसी तरह से पीछे नहीं रहना चाहतीं। अब महिलाओं ने साहस दिखाते हुए बिजली बिल वितरण का कार्य शुरू कियाहै
चूल्हे चौके के साथ ही आमदन बढ़ाने के लिए महिलाएं झंडे गाड़ रहीं हैं। नगूरां निवासी दो महिलाएं पिछली करीब डेढ़ वर्ष से गांव के करीब अढ़ाई हजार बिजली उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग और बिल वितरण का कार्य कर अपने परिवार की जीविका में अहम योगदान कर रही है। नगूरां निवासी बलविंद्र कौर ने वर्ष 2005 में साक्षर महिला समूह का गठन कर लिया था। सुनीता को समूह में सचिव पद की जिम्मेदारी मिली थी। गांव की चार अन्य महिलाओं के साथ बलविंद्र कौर और सुनीता ने नगूरां के बिजली उपभोक्ताओं रीडिंग और बिल वितरण का काम लिया तथा कुछ समय बाद काम में लगी दो महिलाएं काम छोड़ गईं। इस प्रकार दिसंबर 2010 से अब तक सुनीता गांव के करीब अढ़ाई हजार बिजली उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग और बिल वितरण का काम बखूबी निभा रही हैं। इस काम से दोनों महिलाएं करीब पांच हजार प्रतिमाह की आय जुटाकर अपने परिवार की आजीविका को बढ़ा रहीं हैं। दोनों को मीटर रीडिंग के लिए गांव के अलावा गांव से बाहर बने डेरों और खेतों में भी जाना पड़ता है। शुरुआत में इस कार्य में कुछ समस्याओं से दो चार भी होना पड़ा परंतु समय के साथ-साथ अब स्वयं को इसमें सफलता पूर्वक ढाल लिया है। इतना ही नहीं बलविंद्र कौर 2006 से आशा वर्कर के तौर पर भी काम भी कर रही है। बिजली निगम का काम लेने से पूर्व महिला साक्षर समूह के माध्यम से गांव में कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, दहेज प्रथा पर कई बार सेमिनारों का आयोजन कर समाज को जागरूक करने का काम कर चुकी हैं। अपने समूह से जुड़ी अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया है। समूह के माध्यम से गांव के स्कूलों में मिड-डे-मील का खाना बनाने में लगी हुई है। पंजाब के पटियाला जिले की बुधमोर निवासी बलविंद्र कौर ने फरवरी 1999 में नगूरां निवासी सत्यनारायण शर्मा के साथ शादी की थी। वहीं करनाल जिले के बुड़नपुर निवासी सुनीता ने नगूरां निवासी फतेह सिंह से अगस्त 1996 में शादी रचाई थी। अब दोनों अपना चूल्हा चौका संभालने के साथ-साथ परिवार की आय बढ़ाने को भी सफलता पूर्वक अंजाम दे रही है।
 

Tuesday, April 26, 2011

शव का अपहरण : दलित की हत्या कर लाश को साईकिल पर रखकर गाँव में घुमाया





शाही शादी में आने को सब बेताब,भारतीय उच्चायुक्त नलिन सूरी करेंगे देश का प्रतिनिधित्व

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
ब्रिटेन के राजकुमार विलियम और केट मिडिलटन की शादी में अब ज्यादा दिन नही  रहे। ऐसे में शाही शादी को प्रसारित करने वाले डिस्कवरी नेटवर्क के चैनल टीएलसी (ट्रेवेल एंड लाइफस्टाइल चैनल) पर विज्ञापनदाताओं और प्रायोजकों की भीड़ लगी है। प्रसारण के दौरान विज्ञापन के लिए भारतीय ब्रांडों की एक लंबी कतार चैनल से करार कर चुकी हैं। टीएलसी ने जेवरात, कार, टेल्कम पाउडर, कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली प्रमुख कंपनियों से प्रसारण के प्रायोजक के तौर पर करार किया है। जबकि शादी के प्रसारण में तमाम हर्बल, विवाह वेबसाइटों से लेकर ड्रेस मटीरियल बनाने वाली कंपनियों के विज्ञापन तक नजर आएंगे। चैनल ने 24 अप्रैल से शादी के दिन (29 अप्रैल) तक शाही शादी सप्ताह घोषित किया है। रविवार से चैनल ने विज्ञापनों के विशेष रेट लेने शुरू कर दिए हैं। शाही शादी का सीधा प्रसारण 29 अप्रैल (शुक्रवार) को भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक होगा। रात्रि 10:30 बजे से इसका पुन: प्रसारण किया जाएगा। चैनल इसके लिए प्रायोजकों से लगभग 25 लाख रुपये और विवाह के दौरान चलने वाले विज्ञापनों की दर 15 हजार प्रति 10 सेकंड तय की गई है, जो सामान्य से 10 गुना अधिक है। डिस्कवरी नेटवर्क एशिया पैसिफिक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक राहुल जौहरी ने उम्मीद जताई है कि चैनल के इतिहास में यह प्रसारण सबसे बड़ा होगा। प्रायोजक कंपनी में से एक मेक माइ ट्रिप के मुख्य मार्केटिंग अधिकारी मोहित गुप्ता ने भी बड़ी संख्या में दर्शकों के जुड़ने की उम्मीद जताई है। शादी का सड़कों पर जश्न मनाने और उसके लिए विभिन्न शहरों में सड़क बंद करने की अनुमति के लिए आवेदन का सिलसिला तेज हो गया है।
दूसरी और ब्रिटेन की शाही शादी में भारत का प्रतिनिधित्व कौन करेगा? इस सवाल का जवाब मेहमानों की सूची जारी होने के बाद मिल गया है। ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त नलिन सूरी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके अलावा शादी में हिंदू काउंसिल यूके के संस्थापक सदस्य अनिल भनोट को भी निमंत्रण भेजा गया है। मेहमानों की सूची में मां डायना के करीबी दोस्तों को शामिल करना नहीं भूले। संडे टाइम्स के अनुसार, डायना के अंतिम संस्कार पर प्रार्थना करने वाले उनके करीबी, सर एल्टन जॉन को भी बुलाया गया है। साथ ही डायना के सहयोग से कैंसर के लिए बनी चैरिटी संस्था रॉयल मार्सडेन फाउंडेशन ट्रस्ट की अध्यक्ष टेसा ग्रीन भी आएंगी। डायना की मुत्यु के बाद राजकुमार विलियम और हैरी के अभिभावक नियुक्त किए गए सर जॉन मेजर भी मेहमानों की सूची में हैं। दोस्त गायिका जॉस स्टोन भी शाही जोड़े को बधाई देंगी। डायना के परिवार से उनके भाई अर्ल स्पेंसर और उनकी मंगेतर केरेन गार्डन भी शामिल होंगे। विदेशी शाही परिवारों में ब्रूनेई के सुल्तान, मोनाको के प्रिंस अल्बर्ट द्वितीय और मोरक्को की प्रिंसेज लैला सलमा भी मेहमानों की सूची में हैं।

 

ीर्तन दरबार कीर्तन दरबार का आयोजन

नई दिल्ली,(प्रेमबाबू शर्मा ) :
माता राजेन्द्र कौर गुरूमत प्रचार सोसायटी व गुरूद्वारा श्री गुरूसिंह सभा विष्णु गार्डन के तत्वाधान में मंगल बाजार स्थित गुरूद्वारे के प्रांगण में महान कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान पंथ के महान कीर्तनीय भाई साहब भाई गुरू इकबाल सिंह जी ने अमृतवाणी सत्संग से श्रद्धालुओं को निहाल किया। समागम में बाला प्रीतम कीर्तिनी जत्था दिल्ली, बीबी गुरविंदर कौर ऊना साहिब,बच्ची प्रभलीन कौर, काका सर्बजीत सिंह, भाई यशपाल सिंह जी ने श्रद्वालुओं को गुरूवाणी का रसपान करवायाा इस पावन मौके परं महापुरूष ज्ञानी गुरू इकबाल सिंह ने माता रजिन्द्र कौर गुरूमत प्रचार सोसायटी के प्रधान एस.कुलदीप सिंह व डी.एस.जी.पी.सी. कमेटी के सदस्य एस.सतनाम सिंह ओलख को सिरोपा देकर सम्मानित किया ।

मनाया जा रहा है कार्टून महोत्सव

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :29 अप्रैल 2011 को हिन्दी भवन दिल्ली में इसका उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम करेंगे!
देश की एकमात्र कार्टून पत्रिका कार्टून वाच द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित कार्टून महोत्सव इस बार दिल्ली में किया जा रहा है!
कार्टून वाच के सम्पादक त्रिम्बक शर्मा ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि इस बार कार्टून वाच की तरफ से लाईफ टाईम एचीवमेंट एवार्ड पांच वरिष्ठ कार्टूनिस्टों को दिया जायेगा. टाईम्स आफ इंडिया समूह के श्री अजीत नैनन, नवभारत टाईम्स के पूर्व कार्टूनिस्ट श्री काक, मधुमुस्कान पत्रिका के नन्हा जासूस बबलू के रचयिता श्री हुसैन जामिन, छत्तीसगढ के श्री बी.वी.पांडुरंग राव जो अब बैंगलोर में हैं, और दिल्ली दैनिक जागरण के कार्टूनिस्ट श्री जगजीत राणा को इस वर्ष कार्टून महोत्सव में लाईफ टाईम एचीवमेंट एवार्ड प्रदान किया जायेगा!
इसके अलावा कार्टून विधा को बढावा देने के लिये उल्लेखनीय कार्य करने के लिये विषेश रूप से केरला कार्टून एकेडमी के पूर्व सचिव एवं कार्टूनिस्ट श्री सुधीरनाथ को भी सम्मानित किया जायेगा! इस गाइस कार्यक्रम में प्रदेश के संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेगे !
उल्लेखनीय है कि पूर्व के वर्षों में कार्टून महोत्सव में श्री आर.के.लक्ष्मण, श्री आबिद सुरती, चाचा चौधरी के जनक श्री प्राण, श्री सुधीर दर, श्री राजेन्द्र धोडपकर, श्री एच.एम.सूदन, श्री सुरेश सावंत और श्री श्याम जगोता सहित अनेक कार्टून हस्तियां सम्मानित हो चुकी हैं! इस महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से कार्टूनिस्ट शामिल हो रहे हैं!
कार्टून वाच पत्रिका अपने प्रकाशन के पंद्रहवें वर्ष पर हो रहे इस आयोजन के अवसर पर विषेश अंक का प्रकाशन भी करने जा रही है जिसका विमोचन डा. कलाम के हाथों होगा! इस अंक में इस बार सम्मानित किये जा रहे कार्टूनिस्टों के कार्टून प्रकाशित किये जायेंगे! श्री शर्मा ने बताया कि डा. अब्दुल कलाम कार्टून विधा को बहुत पसंद करते हैं और राष्ट्रपति पद में रहने के दौरान उन्होंने सभी समाचार पत्र के सम्पादकों से अनुरोध किया था कि वे कार्टून को प्रथम पृष्ठ में स्थान दें!
ज्ञातव्य है कि श्री शर्मा दृवारा रचित कार्टून पात्र प्रिंस का विमोचन भी डा. कलाम ने चेन्नई में किया था! कार्टून वाच के विशेष अंक में भी डा. कलाम के कार्टून प्रकाशित किये जायेंगे! कार्टून वाच पत्रिका ने विगत पंद्रह वर्षों में छत्तीसगढ का नाम देश के अलावा विदेशो में भी रोशन किया है!
लंदन में दो सप्ताह इस पत्रिका द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई, सम्पादक त्रिम्बक शर्मा का साक्षात्कार बीबीसी लंदन के हिन्दी रेडियो सेवा से किया गया! श्री शर्मा को नेपाल में आयोजित पांच देशों के कार्टूनिस्टों के सम्मेलन में भी आमंत्रित किया गया! हाल ही में कार्टून वाच ने दिल्ली में पहली बार आयोजित कॉमिक कन्वेंशन में भी देश की एकमात्र कार्टून पत्रिका के रूप में भाग लिया था!



CRIME NEWS......From CHANDIGARH

Chandigarh: Sanjay Pahwa :
Dr. Kumar Shwetanshu Narain R/o Room No. 33, ODH, PGI, Sec. 12, Chandigarh reported that some one has stolen his CBZ M/cycle No. DL-95t-4511, from in front of Goofa Parking, PGI, Chandigarh during the night intervening on 13/14-4-2011. A Case U/S 379 IPC has been registered in P.S. 11, Chandigarh. Police is investigating.
Mrs. Anju R/o SCF No. 13, FF, Sec-19-D, Chandigarh reported that two unknown person occupants of M/cycle who ran away after snatching complainants purse containing Bank Draft worth Rs. 50/- and one cheque worth Rs.5000/- of PNB, from near Palika Bazar, Sec-19, Chandigarh on 25-4-2011. A Case U/S 356/379 IPC has been registered in P.S. 19, Chandigarh. Police is investigating.
Ms. Puja R/o Vill. Kansal, Distt. Mohali reported that Rajinder Sharma R/o # 3406, Sec-38, Chandigarh, who was caught while stealing complainant’s purse containing Rs. 200/- and one I/card, from her Scooter No. HR-51AJ-7159 near Palika Bazar, Sec. 19, Chandigarh on 25-4-2011. Accused was arrested. A Case U/S 379/411 IPC has been registered in P.S. 19, Chandigarh. Police is investigating.
A pedestrian Mohan Lal R/o # 974, Saini Vihar, Baltana was hit by unknown car, in between Hallo Majra to Poultry Farm Chowk on 23-4-2011. He got injuries and admitted in GMCH, Sec-32, Chandigarh. A Case U/S 279/337 IPC has been registered in P.S. 31, Chandigarh. Police is investigating.
Sh. Sunil Kaul R/o # 2293/1, Sec-35-C, Chandigarh reported that some one has stolen four gold bangles, one gold bracelet, one gold mangal sutra, one gold set with earring, one gold coin, 16 gm Gold, five gold chains, three gold pendants, two gold rings, three pair gold earrings, one pair gold ear chain, one camera, one silver key holder, two silver karas and cash Rs.9700/- from his house during the night intervening on 24/25/-4-2011. A Case U/S 380/457 IPC has been registered in P.S. 36, Chandigarh. Police is investigating.
Geeta Ram R/o # 1113, Sec-42-B, Chandigarh alleged that one unknown Motorcyclist ran away after snatching purse from his wife which contains cash Rs. 200/- and one Nokia mobile phone and some documents from Sector- 36/37 D/road on 25-4-2011. A Case U/S 356/379 IPC has been registered in P.S. 36, Chandigarh. Police is investigating.

Monday, April 25, 2011

किरदार से हूं बिल्कुल अलग: निधी माथुर

नई दिल्ली (प्रेमबाबू शर्मा ) :
दिल्ली में जन्मीं निधी माथुर आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। करीब 4 साल से अभिनय जगत में विविधतापूर्ण किरदार निभा चुकी निधी माथुर करीब एक फिल्म व कई धारावाहिक में सशक्त भूमिका निभा चुकी हैं। अपने कॅरियर की शुरूआत के बारे में निधी कहती हैं, शुरूआत में मैंने थिएटर किया, जिसके दौरान कई बड़ी हस्तियों से अभिनय की बारीकियां सीखने को मिली। जिसमें मेरी मां पूनम माथुर जो खुद अच्छी कलाकार है से काफी सीखने को मिला व थिएटर के अन्य कई नामचीन लोगों के साथ अभिनय करके थिएटर में खूब नाम कमाया। कन्या शिशु हत्या, हरित क्रांति, बाल विवाह विषय पर आधारित जैसी 3 शार्ट फिल्मों से मेरी अलग पहचान बनी।,झांसी की रानी धारावाहिक में अपनी भूमिका के बारे में वह कहती हैं, इस इंडस्ट्री में अपने अनुभवों के कारण मुझे झांसी की रानी में वसुधा महारानी नेवलकर का किरदार निभाने में जरा भी दिक्कत नहीं हुई। यह किरदार मेरे दिल के बहुत करीब है। मैंने हमेशा अच्छा काम करने की कोशिश की है और मेरा यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। इस सीरियल से जुड़ने के बारे में निधी कहती हैं, मुझे इतिहास से लगाव रहा है। और जब मुझे धारावाहिक में काम करने का मौका मिला तो मैं चाह कर भी ना नही। मेरे लिए यह एक मौका था इतिहास के किसी किरदार को जीने का। इसके जरिए समाज को एक संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि नारी अबला नही है।
स्टार प्लस धारावाहिक काली में निधी अपने अभिनय के रंग बिखेर रही है । इस धारावाहिक के बारे में वे कहती है कि मुझे इसकी कहानी अलग लगी इसलिए मैंने इसे किया। धारावाहिक सी आई डी,संजोग से बनी संगीनी,सपनों से भरे नैना अधूरा बंधन और बालिका वधु सहित अनेक धारावाहिकों के किरदारों और निधी माथुर में क्या समानता है? इस प्रश्न के जवाब में वह कहती हैं, मैं ग्रेजुएट हूं, सोशल नेटवर्किग करता हूं, समाज सेवा भी मेरे जीवन का लक्ष्य है। इसलिए मैं अपने नकारात्मक किरदार से बिल्कुल अलग हूं।

अपराधियों को सामाजिक बनाने की दिशा में एक कदम

खुशबू(ख़ुशी)इन्द्री :
यूनिवर्सिटी कैम्पस में कंपनियों का रिक्रूटमेंट के लिए आना आम बात है, लेकिन ऐसा बहुत कम ही को मिलता है कि कंपनियाँ भर्ती के लिए जेल पहुँच जाएँ।ऐसा ही कुछ हुआ दिल्ली की तिहाड़ जेल में जहाँ पिछले दिनों कई बड़ी कम्पनियाँ कैदियों को नौकरियां देने के उदेश्य से पहुंची
दिल्ली की तिहाड़ जेल एशिया की सबसे बड़ी जेल है। पिछले हफ्ते 13,000 कैदियों वाली यह जेल किसी यूनिवर्सिटी जैसी लग रही थी, जब यहाँ आठ कंपनियाँ नए कर्मचारियों की तलाश में पहुँची। दो दिन तक इंटरव्यू चले और आखिरकार 40 कैदियों को नौकरियाँ मिल गईं।
जेल नंबर तीन के संदीप भटनागर इन में से एक हैं। 40 वर्षीय संदीप 2006 में मानव बम बनकर बैंक में डाका डालने की कोशिश में अंदर हुए। लेकिन अब सम्मान के साथ बाहर जा रहे हैं। हाथ में नौकरी है।
नौकरी मिलने से संदीप बेहद खुश है, 'मैं पाँच साल से यहाँ हूँ। अभी मेरे मामले की सुनवाई हो रही है। मुझ पर डकैती का मुकदमा चल रहा है। मैंने तीन-चार नौकरियों के लिए इंटरव्यू दिया और उनमें से दो मुझे मिल गईं। यह जानकर अच्छा लग रहा है कि जब मैं यहाँ से बाहर निकलूँगा तो पहले से ही हाथ में कुछ होगा। कम से कम अब मैं अपने भविष्य और अपने परिवार के बारे में सोच सकता हूँ। जेल प्रशासन ने यह बहुत अच्छा काम किया।'
अच्छे बर्ताव वालों को ही नौकरी : संदीप के ब्लॉक से कुछ ही दूर है अमित कुमार झा का ब्लॉक। अमित को अपहरण के आरोप में सात साल की सजा मिली है।
अब नौकरी मिल जाने पर अमित उम्मीद कर रहा है कि वो एक अच्छी जिंदगी बसर कर सकेगा, 'जेल में बैठकर हवाई किले बनाने का कोई फायदा नहीं है, क्योंकि बाहर जाकर जैसा आप चाहते हैं वैसा कुछ भी नहीं हो पाता। लेकिन जब मैंने कैम्पस इंटरव्यू के बारे में सुना तो मैं यकीन ही नहीं कर सका। मेरी सोच बदल गई। मुझे बताया गया था कि केवल वही लोग नौकरी के लिए अर्जी दे सकते हैं, जिनका बर्ताव अच्छा रहा है। जेल प्रशासन नहीं चाहता कि ऐसे लोगों को नौकरियाँ मिले जो दोबारा कोई अपराध कर सकते हैं।'
नौकरी पाने वाले अधिकतर कैदियों ने अपनी पढ़ाई जेल में ही पूरी की है। इनमें से कुछ तो ऐसे भी हैं जो पहले पढ़-लिख नहीं सकते थे और अब उनके हाथ में डिग्री है।
जेल में शिक्षा : इस सबसे बड़ी जेल में इस वक्त बहुत से पड़े लिखे युवा सज़ा काट रहे हैं! जबकि कुछ जेल में रहकर ही अपनी पढाई पूरी कर रहे हैं और उन्हें इसके लिए सहयोग किया जेल अधीक्षक एम् के द्विवेदी का जेल के संगीन अपराधो में संलिप्त इन लोगों को नागरिक बनाने के पीछे एमके दिवेदी की ही मेहनत है। दिवेदी बताते हैं कि किस तरह से इस सपने को साकार करने में सालों लग गए।
वह कहते हैं, 'जब मैं यहाँ सुप्रीटेंडेंट के तौर पर आया था, तब ज्यादातर कैदियों की पढ़ाई में कोई खास दिलचस्पी नहीं थी। तब मैंने सोचा कि जेल के बाहर अगर लोगों को पढ़ने के बाद नौकरियाँ मिलती हैं तो कंपनियाँ यहाँ क्यों नहीं आ सकती। फिर मैंने इस दिशा में काम करना शुरू किया। मुझे अपने स्टॉफ और कैदियों से पूरा समर्थन मिला। मैंने इस पर ध्यान दिया कि उन्हें अच्छी शिक्षा मिल सके। फिर हमने जानकारों से पता करना शुरू किया कि कंपनियों को किस चीज की तलाश होती है। अंत में हमने कंपनियों से संपर्क किया, उन्होंने भी रुचि दिखाई और हमें सफलता हासिल हुई।'
पहले इंटरव्यू की सफलता को देखते हो दिवेदी ने अभी से दूसरे राउंड की तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। वो उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार और भी कैदियों को नौकरियाँ मिल सकेंगी। इस तरह की पहल से तिहाड़, जेल से बढ़कर एक ऐसी जगह बन गई है जहाँ बिगड़े हुए लोग अंदर जाते हैं और उनमें से कई जब बाहर निकलते हैं तो एक पढ़े-लिखे और जिम्मेदार नागरिक होते हैं। अगर इस दिशा में और भी लोग सहयोग करें तो देश की विभिन्न जेलों में कैद समाज की मुख्य धारा से कट चुके कैदियों को एक सम्मान भरी जिन्दगी दी जा सकती है!

CM CALLS UPON MEDIA TO PLAY A CONSTRUCTIVE ROLE

Punjab Chief Minister Mr. Parkash Singh Badal presented a memento to President Chandigarh Press Club Mr. Naveen S Grewal on the installation ceremony of the newly elected team of the press club for 2011 at Chandigarh
CM CALLS UPON MEDIA TO PLAY A CONSTRUCTIVE ROLE

Chandigarh : Sanjay Pahwa :-

Punjab Chief Minister Mr. Parkash Singh Badal called upon the media to play a constructive role in the process of nation building. Presiding over an installation ceremony of the newly elected team of the press club for 2011, Mr. Badal wished all the office bearers of the new team a happy and a meaningful term. Lauding the role of media in exposing the recent scams of Common Wealth Games, Adarsh Housing, 2G Spectrum etc., Mr. Badal further asked the media persons to perform their duties with far more dedications, sincerity and professional commitment. He said press being the forth pillar of the democracy had an added responsibility to expose the scandals and scams prevailing in the society. Showing deep concern over the ramped corruption in the prevailing system, Mr. Badal urged the media to play a pro active role in bringing awareness amongst the people about their rights and duties in the society. He how ever said that media should also focus on the development activities aimed at the welfare of the people rather highlighting the in significant events.

On the occasion the Chief Minister also presented memento to the office bearers of the newly elected and outgoing team. Prominent among other who were present on the occasion included president of the press club Naveen S Grewal and Secretary General Nalin Acharya.

Sunday, April 24, 2011

पंचायत ने महिलाओं की नौकरी पर लगाई पाबंदी


खुशबू (ख़ुशी), इन्द्री :
भले ही आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी कामयाबी का परचम लहरा रही हैं लेकिन आज भी उन्हें समाज के कुछ निराशावादी लोगों की छोटी सोच का शिकार होना पड़ता है| आज भी देश की कई जातीय पंचायतें महिलाओं की स्वतन्त्रता पर आये दिन कोई न कोई प्रतिबन्ध लगती रहती हैं| हरिद्वार सर्वोच्च न्यायालय के तमाम आदेशों के बावजूद देश में इन जातीय पंचायतों की निरंकुशता बढ़ती ही जा रही है। ताजा मामला हरिद्वार के सराय गांव का है, जहां मुस्लिम बिरादरी की पंचायत ने महिलाओं के नौकरी करने पर पाबंदी लगाने फरमान सुना डाला। आदेश न मानने पर 5100 रुपये जुर्माना और पांच कोड़े की सजा भी मुकर्रर करने के साथ इमामबाड़े के लाउडस्पीकर से मुनादी भी करा दी गई। दो दिन पहले गडोवाली गांव में पंचायत ने महिलाओं के अकेले नौकरी पर जाने पर पाबंदी लगा दी थी। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि किसी को भी कानून से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। शिकायत मिली तो कार्रवाई की जायेगी।
हरिद्वार जिला मुख्यालय से सटे सराय गांव में मंगलवार रात इमामबाड़े में मुस्लिमों की पंचायत हुई, जिसमें ग्राम पंचायत के चुने हुए प्रतिनिधियों के अलावा पांच बिरादरियों के करीब एक हजार लोग शामिल हुए। लंबी तकरीर के बाद पंचायत ने गांव की युवतियों और महिलाओं के काम करने पर रोक लगाने का फरमान सुना दिया। समाज के अलंबरदारों की ओर से तर्क दिया गया कि महिलाओं के काम पर जाने से गांव का माहौल बिगड़ रहा है। कुछ दिन पहले एक युवती दूसरे समुदाय के युवक के साथ चली गई थी। इससे पूरे समाज पर असर पड़ रहा है। पंचायत के फैसले के बाबत रात ही गांव में मुनादी करा कर इस पर अमल करने के निर्देश दिए गए। करीब 14 हजार की आबादी वाले सराय गांव में आधी आबादी महिलाओं की है। यहां की करीब 60 महिलाएं सिडकुल की विभिन्न कंपनियों में काम करने जाती हैं। पंचायत के फरमान के बाद अधिसंख्य कामकाजी महिलाएं महिलाएं घरों में कैद होकर रह गई है। इस बारे में बात करने पर हरिद्वार के अपर जिलाधिकारी एस एन पांडेय ने कहा, बिरादरी की पंचायत में दिए गए तुगलकी फरमान को गंभीरता लिया जा रहा है। किसी भी हालत में कानून से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। प्रभारी पुलिस कप्तान रोशनलाल शर्मा का कहना है कि अभी उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है, नौकरी पर जाने से जबरन रोकने की दशा में हस्तक्षेप किया जाएगा।अब यहाँ एक सवाल यह उठता है कि महिलाओं की स्वतंत्रता पर प्रतिबन्ध लगाने का अधिकार इन जातीय पंचायतों को किसने दिया|आखिर क्यों कुछ लोग अपनी सोच महिलाओं पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं|बहुत गम्भीर समस्या है ये |रोकना होगा इन जातीय पंचायतों को |

मासूम की आँखों में कैद हुए गर्भवती माँ और युवा बहन के कातिल


 

Saturday, April 23, 2011

स्स्स्सस्स्स्स........कुछ तो है??? मुज़फ्फरनगर का पीपली लाइव




 

पृथ्वी दिवस

आज पृथ्वी दिवस है। यदि यह खबर अखबारों में नहीं छपती तो शायद ही किसी को याद भी आता! जागरूकता जगाने से पहले याद दिलाने की जिम्मेदारी भी समाचार माध्यमों को ही उठाना प़ड़ती है। क्योंकि दुनिया भर में हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाने वाला पृथ्वी दिवस अब महज औपचारिकता से ज्यादा कुछ नहीं बचा!
पृथ्वी बहुत व्यापक शब्द है जिसमें जल, हरियाली, वन्यप्राणी, प्रदूषण और इससे जु़ड़े अन्य कारक भी हैं। धरती को बचाने का आशय है इसकी रक्षा के लिए पहल करना। न तो इसे लेकर कभी सामाजिक जागरूकता दिखाई गई और न राजनीतिक स्तर पर कभी कोई ठोस पहल की गई। दरअसल पृथ्वी एक बहुत व्यापक शब्द है, इसमें जल, हरियाली, वन्यप्राणी, प्रदूषण और इससे जु़ड़े अन्य कारक भी शामिल हैं।
धरती को बचाने का आशय है इन सभी की रक्षा के लिए पहल करना। लेकिन इसके लिए किसी एक दिन को ही माध्यम बनाया जाए, क्या यह उचित है? हमें हर दिन को पृथ्वी दिवस मानकर उसके बचाव के लिए कुछ न कुछ उपाय करते रहना चाहिए।

जब पूरी दुनिया 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाती है, अमेरिका में इसे वृक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है। पहले पूरी दुनिया में साल में दो दिन (21 मार्च और 22 अप्रैल) पृथ्वी दिवस मनाया जाता था। लेकिन 1970 से 22 अप्रैल को मनाया जाना तय किया गया।
21 मार्च को मनाए जाने वाले 'इंटरनेशनल अर्थ डे' को संयुक्त राष्ट्र का समर्थन है, पर इसका महत्व वैज्ञानिक तथा पर्यावरणीय ज्यादा है। इसे उत्तरी गोलार्ध के वसंत तथा दक्षिणी गोलार्ध के पतझ़ड़ के प्रतीक स्वरूप मनाया जाता है। 22 अप्रैल को ही विश्व पृथ्वी दिवस मनाए जाने के पीछे अमेरिकी सीनेटर गेलार्ड नेल्सन रहे हैं। वे पर्यावरण को लेकर चिंतित रहते थे और लोगों में जागरूकता जगाने के लिए कोई राह बनाने के प्रयास करते रहते थे।
इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि पृथ्वी दिवस को लेकर देश और दुनिया में जागरूकता का भारी अभाव है! सामाजिक या राजनीतिक दोनों ही स्तर पर इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए जाते। कुछ पर्यावरण प्रेमी अपने स्तर पर कोशिश करते रहे हैं, किंतु यह किसी एक व्यक्ति, संस्था या समाज की चिंता तक सीमित विषय नहीं होना चाहिए! सभी को इसमें कुछ न कुछ आहुति देना पड़ेगी तभी बात बनेगी।
पृथ्वी के पर्यावरण को बचाने के लिए हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, तो कम से कम इतना तो करें कि पॉलिथीन के उपयोग को नकारें, कागज का इस्तेमाल कम करें और रिसाइकल प्रक्रिया को बढ़ावा दें! क्योंकि जितनी ज्यादा खराब सामग्री रिसाइकल होगी, उतना ही पृथ्वी का कचरा कम होगा।

- खुशबू(ख़ुशी), इन्द्री

Thursday, April 21, 2011

Holding of SHANTIGOSHTHI AT Jantar Mantar

Holding of SHANTIGOSHTHI AT Jantar Mantar , New Delhi by the All India Association of Central Excise Gazetted Executive Officers in view of stagnation and serious Pay erosion .
 
New Delhi / Chandigarh : Sanjay Pahwa :
Shri A. K. Sharma , President of the All India Association of Central Excise Gazetted Executive Officers ( Chandigarh Zone , comprising of Punjab, Himachal Pradesh, Jammu & Kashmir and Chandigarh) informed the Press that the Superintendents of Central Excise numbering around 12000 , the highest number of Group – B Gazetted Executive Officers in any of the departments under the Central Government are suffering from prolonged stagnation , financial degradation due to pay erosions and social humiliation in officio- social hierarchy due to in responsive attitude of Central Board of Excise & Customs , New Delhi .
He further informed that most of the Superintendents , who join as Inspector of Central Excise are retiring from the post of Superintendent after only one promotion in their service of 33- 35 years in comparison to the IRS Officers and Ministerial Staff in the same department of CBEC , who get 4 to 5 promotions . In CBDT under the same Ministry the officer recruited as Inspectors are retiring after 4-5 promotions , which goes up to the level of Additional Commissioner , even 3 officers have already been promoted as Commissioners and 17 are on the verge of promotion to the same rank . Shri A. K. Sharma , President of the Association also informed thePres that these issues were raised earlier too and peaceful dharna was held at Jantar Mantar on 30-11-2009 and Memorandum to this effect was given to P.M.O. All India Association of Central Excise Gazetted Executive Officers met the Finance Minster Shri Pranab Mukerjee and apprised him off the grave situation . The issue was even raised in the Parliament by Shri Manish Tewari , Member of Parliament and even many senior Members of Parliament vouched for this and strongly crecommended for necessary rectification for optimum utilization of human resources and human capital available . But the CBEC is doing a disservice to the nation by underutilizing it’s resources . IRS officers of CBEC have already benefited themselves at par with the IRS in CBDT , but are using dilatory tactics when it comes to the cadre  of Superintendents / Inspectors of Central Excise and perpetuating the problem by cosmetic promises . He said that as a result , the officers are now burning in the fire of discontent .
Shri Boota Singh, General Secretary of the Association informed the media that All India Association of Inspectors have also joined hands with them on the issue and shall be present in the SHANTIGOSHTHI to be held at Jantar Mantar on 20-4-2011 . Confederation of All India Govt. Employees is also observing programme on this day ; Other constituents staff Associations under JAC would also take part in the programme . Three buses carrying around 150 officers of Chandigarh Zone shall leave for New Delhi at 5.00 a.m. on 20-4-2011 from the Office of Central Excise at Dandi Swami and the remaining officers posted in the offices of Chief Commissioner/ Commissioners would also stage Peaceful Dharna , through out the country on the same day to knock at their doors , so that the Adminstration may arrive , awake , act fast at last and stop making paper efforts by really acting & reacting effectively in the time bound manner .

Tuesday, April 19, 2011

मुज़फ्फरनगर में महिला की निर्ममता से पिटाई

अमित सैनी, मुज़फ्फरनगर :
मुज़फ्फरनगर में एक महिला की निर्ममता से पिटाई की गयी! महिला पर आरोप है कि वो खुद जहा वेश्यावृत्ति में लिप्त है, वही मोहल्ले की अन्य महिलाओ को भी इस धंधे में शामिल करना चाहती है! जिसके परिणाम सवरूप इसकी बर्बरता पूर्वक पिटाई की गयी!
महिला की पिटाई के लाइव विजुअल देखने के लिए यहाँ क्लिक करे दरअसल मुज़फ्फरनगर के कुकड़ा में सुनीता नमक इस महिला पर वेश्यावृत्ति करने का आरोप है, जिसका सभी मोहल्ले वाले विरोध करते है और अन्य महिलाओ को भी इस धंधे में धकेलना चाहती है! जिसके चलते मंगलवार की सुबह वो अपने ग्राहकों को लेकर पडोसी महिला के घर में घुस गयी और डरा-धमकाने लगी, जीको लोगो ने मौके पर ही पकड़ लिया और जमकर पिटाई की गयी !
सूचना पर मौके पर पहुची जेंट्स पुलिस आरोपी महिला को पकडकर अपने साथ ले जाने लगी, जिसका मोहल्ले वालो ने जमकर विरोध किया! महिलाये चाहती थी कि आरोपी महिला को महिला पुलिसकर्मी लेकर जाये, लेकिन मुज़फ्फरनगर पुलिस ने उनकी एक नही सुनी और जबदस्ती आरोपी महिला को जीप में डालकर ठाणे ले गये! हालाकि महिलाओ ने आरोपी महिला को छिनने कर प्रयत्न किया, लेकिन पुलिस ने उनको धक्का देकर पीछे हटा दिया और आरोपी महिला को लेकर भाग खड़े हुए!
ठाणे में ले जाने के बाद आरोपी महिला को पुलिस ने ठाणे के बाहरी हिस्से में लिटा दिया, जो कि घंटो तक इसी तरह जमीन पर लेती रही ! किसी भी पुलिस वाले ने उसकी सुध तक नही ली! इस सम्बन्ध में जब पुलिस के आलाधिकारियो से बाद करनी चाही तो उन्होंने इस सम्बन्ध में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया !

Monday, April 18, 2011

सरपंच के पक्ष में एसोसिएशन लामबंद

करनाल, विजय काम्बोज :
बजीदा जाटान की विवादित पंचायती जमीन से गेहूं की फसल काटने के लिए हुए संघर्ष में सरपंच के पक्ष में एसोसिएशन लामबंद हो गई है। खंड की सरपंच एसोसिएशन ने प्रशासनिक अधिकारियों और एसपी से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा है कि अगर इसी तरह पंचायती जमीन के लिए पुलिस की मौजूदगी में सरपंच पिटते रहे, तो गांव के विकास करने में बाधा आएगी। गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
सिरसी के ग्रामीणों ने रविवार को डीएसपी सहित पांच पुलिसकर्मियों पर पथराव किया था। उसमें बजीदा जाटान के सरपंच अशोक कुमार सहित कई पंच और ग्रामीण चोटिल हुए थे। विवादित जमीन से गेहूं की फसल काटने वाले सिरसी के ग्रामीणों ने पुलिस को दौड़ाकर पीटा था।
सरपंच अशोक कुमार पर किए गए हमले के विरोध में खंड सरपंच एसोसिएशन ने एसपी राकेश आर्य से मुलाकात की। एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव शर्मा, दरड़ के सरपंच सोमनाथ, वीरभान सोलंकी, सुरेंद्र रुकनपुर, सुरेंद्र कलवेहड़ी, सुरेंद्र रिंडल, ग्रामीण हरपाल चंदेल, राज सिंह चौहान, पूर्णचंद डबरी आदि ने एसपी से गुहार लगाई कि इस तरह अगर उन पर हमले होते रहे, तो विकास कार्यो में बाधा आएगी और साथ ही गांव में माहौल बिगड़ेगा।
एसोसिएशन के सदस्यों में इस बात पर रोष था कि हमला करने के बावजूद आरोपी खुलेआम चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। एसपी राकेश आर्य ने आश्वासन दिया कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। किसी को भी कानून को हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
पथराव में जख्मी हुए डीएसपी राजेश भारद्वाज और पुलिसकर्मियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। गांव में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

पांच आरोपियों को जेल भेजा

पुलिसकर्मियों और सरपंच पर पथराव करने के मामले में पुलिस ने तीन महिलाओं सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनमें रघुबीर सिंह, विजय, कविता, अनीता और उषा शामिल हैं। पकड़े गए पांचों आरोपियों को सोमवार इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पांचों को जेल भेजने के आदेश दिए हैं। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दिए हुए है।

एसपी ने पूछा जख्मी पुलिसकर्मियों का हाल

बजीदा जाटान की विवादित जमीन पर पथराव में घायल हुए डीएसपी राजेश भारद्वाज सहित पांच पुलिसकर्मियों का एसपी राकेश आर्य ने हाल जाना। दो माह के कोर्स से लौटने के बाद एसपी राकेश आर्य सोमवार आते ही पुलिसकर्मियों का कुशलक्षेम जानने पहुंचे

शिक्षा के क्षेत्र में उन्नत करना हमारा कर्म :शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल

करनाल,विजय काम्बोज :
शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में उन्नत करना हमारा कर्म और धर्म होना चाहिए। बिना शिक्षा के समाज तथा देश का विकास नहीं हो सकता। भुक्कल ने सीएचडी सिटी में स्थित द मिलेनियम स्कूल के उद्घाटन पर यह विचार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि मिलेनियम स्कूल इस क्षेत्र में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए लोगों की आकाक्षाओं पर खरा उतरेगा। इससे पहले भी देश के अन्य शहरों में 12 स्कूल मिलेनियम नाम से चलाए जा रहे हैं। वे सभी स्कूल 21वीं सदी के विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हे आधुनिक शिक्षा मुहैया करा रहे है। उन्होंने सभी स्कूलों में मिलेनियम लर्निग सिस्टम को अपनाया है। ऐसे स्कूलों में किताबों के बोझ को दूर कर स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन मुहैया कराई जाती है। इससे बच्चा शिक्षा के क्षेत्र में यूनिक बनता है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी प्रदेश में शिक्षा को हब के रूप में विकसित कर रही है। इसके परिणाम स्वरूप शिक्षा को प्रदेश में और अधिक विकसित करने के लिए सबसे च्यादा खर्च करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मंशा है कि प्रदेश के हर बच्चे को उच्च शिक्षा मिले।प्रदेश में इजीनियरिग, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार वर्तमान सरकार की देन है। स्कूल के मैनेजिंग कमेटी के सदस्य कुणाल भादू ने कहा कि स्कूल का मकसद है कि बच्चों के दिलो दिमाग में जीवन मूल्यों का समावेश हो। यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में समाज को नई दिशा दे सके, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। स्कूल के अध्यक्ष रवि पिल्ले ने अतिथियों का आभार जाहिर किया।
इस मौके पर बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष आशा हुड्डा, विधायक सुमिता सिंह, पानीपत के उपायुक्त जेएस अहलावत, मोनू हुड्डा, स्कूल के निदेशक एससी बवेजा, रीटा कोल, मुख्याध्यापक लता तेजपाल, एसएससी के सदस्य रामशरण भोला, नीलम शर्मा, काग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नरवाल, काग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, एडवोकेट राजेश चौधरी आदि मौजूद थे।

आरक्षण नहीं मिला तो होगा चक्का जाम

करनाल, विजय काम्बोज :
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्नल ओपी सिंधु ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने जाटों को ओबीसी के तहत आरक्षण देने के लिए छह महीने का समय मुकर्रर किया है। यदि इस दौरान जाटों के साथ छलावा किया गया, तो 2 अक्टूबर से आंदोलन का बिगुल बजा दिया जाएगा। पूरे उत्तर भारत में चक्का जाम किया जाएगा और दिल्ली की बिजली, पानी, दूध और सब्जी आपिूर्ति बंद की जाएगी। इसके लिए आम जनता को जो परेशानी होगी, उसकी जिम्मेदार केंद्र और प्रदेश सरकार होगी।
ओपी सिंधु ने सेक्टर 12 स्थित जाट भवन में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सरकार ने 25 सितंबर तक का समय मांगा है। उसके बाद यदि जाटों को आरक्षण नहीं दिया, तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय ने आरक्षण के मुद्दे पर शांतिप्रिय ढंग से आंदोलन किया है। जाट समाज को केवल 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण में प्रवेश करना है, जिसके अधिकार से उन्हें वंचित किया गया। यह हक उन्हें जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन ने दिया था। उन्होंने कहा कि वे दूसरी किसान जातियों और गरीबों को आरक्षण का समर्थन करते हैं। कुछ लोग राजनीतिक चमकाने के लिए जाट आरक्षण के विरुद्ध उल्टे-सीधे बयान कर रहे हैं। ऐसे तत्वों का दुष्प्रचार तर्कहीन तथा राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट से अपील की कि जाट समुदाय के विरुद्ध किसी भी याचिका पर सुनवाई के साथ उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दे। इस मौके पर रघुवीर सिंह राणा, रणधीर सिंह गहल्याण, सतबीर सिंह भनवाला, शमशेर सिंह संधू, रामधारी नरवाल, जयपाल संधू, बलबीर सिंह पूनिया आदि मौजूद थे।



दुर्घटना में 12 लोगो की मौत

मुज़फ्फरनगर, अमित सैनी :
मुज़फ्फरनगर बस और ट्रक की जोरदार भिडंत में बारह लोगो की मौत हो गयी !और दो दर्जन से ज्याद लोग घायल हो गए जिन्हें नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया ! घटना उस समय हुई जब एक डग्गा मार बस यात्रियों को लेकर कैराना से गंगोह (सहारनपुर ) जा रही थी ! तभी सामने से रेत से भरे हुए एक ट्रक ने बस को सामने से जोरदार टक्कर मार दी जिस से बस चकना चूर हो गयी !
और बसमे बैठे दस लोगो की मोके पर ही दर्द नाक मौत हो गयी और दो दर्जन से जादा लोग घायल हो गए ! ग्रामीणों और मके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया ! घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है !
जनपद मुज़फ्फरनगर में सोमवार का दिन कला साबित हो गया जब दोपहर एक बजकर तिस मिनट पर कैराना कसबे से एक डग्गा मार बस ७० सवारियों को लेकर गंगोह के लिए रवाना हुई ! लेकिन बस गंगोह पहुचने से पहले ही कैराना और शामली के बिच भूरा कंडेला (गाँव ) के नजदीक दुर्घटना का शिकार हो गयी ! शामली की और से आरहे एक ट्रक ने बस को सामने से जोरदार टक्कर मार दी जिसे ट्रक और बस चकना चूर हो गए ! टक्कर इतनी भयंकर थी की पास के खेतो में काम कर रहे ग्रामीण घटना स्थल पर आगये और बस में फसे लोगो को निकालने लगे ! इस दर्दनाक हादशे में दस लोगो की मौत हो गयी दो बच्चे और पांच महिलाये है ! मर्ताको के सवो को जिला चिकित्सालय भिजव दिया गया है ! पुलिस के आला अधिकारियो ने मौके पर जा कार मर्ताको और घायलों के परिजनों को धेर्य बनाये रखने और सरकार की और से मुआवजा देने की बात कही है ! इस घटना से पुरे छेत्र में गम का माहोल बना हुआ है ! पुलिस दुर्घटना का कारन तेज रफ़्तार और ओवर लौड़ होने की बात कह रही है !


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Saturday, April 30, 2011

भाजपाइयो और पुलिस में झड़प

मुज़फ्फरनगर, अमित सैनी :
लखनऊ के बाद मुज़फ्फरनगर में भाजपाइयो और पुलिस के बीच जमकर झड़प और हाथापाई हुई ! जिसमे कई भाजपाइ चोटिल हो गये! पुलिस के इस रविये से भाजपाइयो में रोष व्याप्त है!


भाजपाइओ और पुलिस की झड़प देखने के लिए यहाँ क्लिक करे

दरशल ये नज़ारा है मुज़फ्फरनगर के सबसे व्यस्तम चोराहे शिव चोराहे का, जहा पर भाजपा कार्यकर्ता लखनऊ में भाजपाइयो पर राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस द्वरा किये गये लाठी चार्ज के विरोध में नगर के पर परदर्शन करते हुए हंगामा कर रहे थे, जिसकी सूचना पर पुलिस भी मौके पर जा पहुची! भाजपाइयो ने पुलिस के सामने ही मुख्य मंत्री मायावती के पुतले में आग लानी चाही तो पुलिस भड़क उठी! पुलिस चाहती थी की भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करके चुपचाप वापिस लोट जाये, मगर भाजपाइयो ने पुलिस की मौजूदगी को नज़र अंदाज़ करते हुए पुतले में आग लगाने का प्रयास किया , जिस पर पुलिस अधिकारी स्तब्ध रह गये और आनन्-फानन में पुतले को छिनने के आदेश दे दिए! जिसको लेकर पुलिस और भाजपाइयो के बीच जमकर हाथापाई हुई! पुलिस ने लाठी के बल पर भी अपनी जोर आजमाइश करने का प्रयत्न किया! पुलिस और भाजपाइयो के बीच हुई इस झड़प में कई भाजपा कार्यकर्ता चोटिल हो गये! इस घटना से भाजपा कार्यकर्ताओ में रोष व्याप्त है!


ट्राईसिटी के छात्र मिले जॉर्डन के राजदूत

संजय पाहवा :
ट्राईसिटी के 45 छात्रों और 5 अध्यापकों का स्वागत करते हुए जॉर्डन के राजदूत श्री मोहम्मद अलफायेज़ ने बताया कि हज़ारों वर्षों से जॉर्डन और भारत के बीच गहरे सांस्कृतिक और व्यापारिक सम्बन्ध हैं. छात्रों और अध्यापकों के लिए जॉर्डन के राजदूत ने अपने निवास में एक भव्य समारोह का आयोजन किया और उन्हें शानदार भोजन परोसा.
इन छात्रों के लिए यह एक सपना सच होने से कम नहीं था कि उन्हें राजदूत के साथ अनन्य निजी समय मिला. छात्रों ने बीस से अधिक सवाल पूछे. जॉर्डन के राजदूत ने भारत – जॉर्डन के दोस्ताना रिश्तों, जॉर्डन की संस्कृति व परम्पराओं तथा मशहूर पर्यटक स्थलों के बारे में भरपूर जानकारी दी.
श्री मोहम्मद अलफायेज़ ने भारत में जॉर्डन के राजदूत का कार्यभार फ़रवरी 2011 में संभाला है. वह हमेशा से भारत आना चाहते थे.
उन्हें पंजाबी खाना बहुत पसंद है और वह लगभग रोज़ वही खाते हैं. वह खुद बहुत अच्छा ज़ॉर्डनी खाना बनाते हैं.
जॉर्डन के राजदूत श्री मोहम्मद अलफायेज़ ने बताया की भारत की तरह जॉर्डन में भी पारिवारिक संभंधों पर बहुत ज़ोर दिया जाता है. उन्होने कहा कि भारत और जॉर्डन में नब्बे प्रतिशत समानता है.
जॉर्डन की राजनीति में महिलाओं के स्थान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जॉर्डन की संसद में 12 महिला सदस्य हैं. जॉर्डन की संसद में कुल 120 सीटें हैं.
भारतीय छात्रों को अपना सन्देश देते हुए उन्होंने शान्ति और सामंजस्य के मूल्यों पर ज़ोर दिया. राजनयिक बनने के रहस्य बताते हुए उन्होंने बताया कि छात्रों को अधिकाधिक पढ़ना चाहिए और विनम्रता एवम उत्पादकता को अपने अन्दर विकसित करना चाहिए. उन्होंने इच्छा जताई कि उनकी तरह वहां आए छात्रों में से कुछ भविष्य में राजदूत बनें.
हिंदी फिल्मों में उनकी रुचि के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें शशि कपूर और अमिताभ बच्चन पसंद हैं. उन्होंने नवीनतम हिंदी फिल्म देखी है “नो वन किल्ड जेसिका”. उन्होंने कहा कि जॉर्डन में लोग भारतीय फिल्मों और भारतीय फिल्म कलाकारों के बारे में बहुत रूचि रखते हैं.
जॉर्डन के राजदूत श्री मोहम्मद अलफायेज़ ने बताया कि वह भारत की विविधता से मोहित हैं. उन्होंने कहा कि वह आज तक चंडीगढ़ नहीं आए हैं परन्तु, इतने प्यारे छात्रों से मिलने के बाद अब वह शीघ्र ही चंडीगढ़ आएँगे.
छात्रों ने इस अवसर पर राजदूत को अपने हाथों से बने हुए समृतिचिन्ह भेंट किए जिन्हें पाकर राजदूत अभिभूत हो उठे. मैं इन सभी उपहारों को अपने कार्यालय में सजाऊंगा उनहोंने कहा.
5 स्कूलों में से हर स्कूल के एक छात्र ने अपने स्कूल के बारे में राजूत को बताया जिससे वह बहुत प्रभावित हुए. छात्रों ने समृतिचिन्ह के रूप में राजदूत के साथ बहुत सारी तस्वीरें खींची.
इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्कूलों कि सूची:
सेंट सोल्जर इंटरनेशनल स्कूल, सैक्टर 28, चंडीगढ़

सेंट पीटर्स स्कूल, सैक्टर 37, चंडीगढ़

स्टेप्पिंग स्टोन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सैक्टर 37, चंडीगढ़



सेंट जेवियर हाई स्कूल, सैक्टर 20, पंचकुला

हंसराज पब्लिक स्कूल, सैक्टर 6, पंचकुला



यह छात्र जॉर्डन के राजदूत के साथ समय बिताने के बाद दिल्ली हाट भी गए. दिल्ली से वापसी में छात्रों ने खूब गाने गा कर मज़ा किया.

एक और ऑनर किलिंग:जिन्दा जला दिया बेटी

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
21 साल की लड़की का जला जिस्म भले ही छित्तनपुरा के फखरूद्दीन बाबा क्रबिस्तान में मिट्टी के ढेर के नीचे बेजान दबा पड़ा हो लेकिन उसकी रूह तो इंसाफ चाह रही होगी। यकीन मानिए बीते शुक्रवार तक नजमा हमारी ही दुनियां का हिस्सा बनी हुई थी अपने तमाम सपनों और हसरतों के साथ। लेकिन शनिवार की सुबह तक वो इस दुनियां को अलविदा कह चुकी थी। वो घर जिसमें से उसे डोली में विदा होना था उसकी अर्थी निकली। घर जैसी महफूज जगह नजमा के लिए जन्न्त नहीं जहन्नुम साबित हुई उसे मौत देने वाले कोई गैर नहीं थे उसके घरवाले ही थे। सूत्रों का कहना है कि उसके घरवालों ने उसे जलाकर मार डाला।
जिस इलाके में एक घर की छत दूसरे घर से इस कदर जुड़ी हो कि आने वाली हवा का झोंका किसी एक घर में पकने वाली पकवानों की खुश्बू हर एक घर में ले जाती हो, ऐसी घनी आबादी वाले इलाके सलेमपुरा कोयलाबाजार थाना आदमपुरा में अस्सी फीसदी जली नजमा की चीखें तक पड़ोसियों को तो छोड़े खुद घर के नीचले हिस्से में रहने वाले घर के दूसरे लोगो तक को नहीं सुनाई देना हैरत में डालने वाली बात है। सूत्रों के अनुसार नजमा का किसी को चाहना उसके लिए सबसे बड़ा गुनाह बन गया। बाप मजीद ''टेन्ट वाले'' भाई शेरू, गुड्डू और उसे पैदा करने वाली मां को भी बिटिया की चाहत रास नहीं आई सो उसे मार डाला गया।
जरा खुद सोचिए कि क्या ये संभव है कि अस्सी फीसदी तक जलने वाला चीखा-चिल्लाया न हो। तो फिर क्या वजह है कि उसकी चीख किसी को सुनाई नहीं दी। कहीं ऐसा तो नहीं कि जलाने से पहले ही उसकी हत्या कर दी गई हो और उसके बाद हत्या को हादसे में बदलने के लिए उसके जिस्म को आग के हवाले किया गया हो। लेकिन इसका पता तो तब चलता जब लाश का पोस्टमार्टम हुआ होता, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूरी खामोशी के साथ मौत के कारणों को दरकिनार करते हुए उसके जले जिस्म को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। घरवालों का कहना है कि नजमा चाय बनाते रसोई में जल गई और ऐसी जली की उसकी सांसे उखड़ गई। लेकिन रात के ढाई बजे चाय बनाने की बात भी किसी के गले से उतरने लायक नहीं है।
जिस जगह नजमा जली वहां किसी भी तरह का कोई निशान तक नहीं पाया गया। जलने के बाद नजमा को पास के कबीरचौरा स्थित मण्डलीय अस्पताल न ले जाकर उसे रात में ही बुनकर अस्पताल ले जाया गया। इस बारे में जब बुनकर अस्पताल में जाकर पूछताछ की गई तो पहले तो अस्पताल वालों ने इस तरह के किसी जली लड़की के अस्पताल में ले आने की बात से ही इनकार कर दिया, लेकिन जब दबाब बना तो बताया गया कि रात को कोई डा. नसीम अख्तर मौजूद थे, जब नजमा को जली हालत में अस्पताल लाया गया। वही डा. नसीम अख्तर का कहना है कि मैंने तो लड़की की हालत को देखते हुए उसे फौरन मण्डलीय अस्पताल ले जाने को कहा था, लेकिन घरवाले तीन घंटे तक न जाने किस का इंजतार करते रहे। अंत में सुबह नजमा की लाश लेकर घरवाले घर लौटे।
गौर करने लायक बात ये है कि अस्पताल में नजमा को लाये जाने या उसके इलाज से संबधित कोई भी रिकार्ड कागज पर मौजूद नहीं है। नजमा के घरवालों से ये पूछे जाने पर पुलिस को इस हादसे की सूचना क्यों नहीं दी उनकी बोलती बंद हो गई। शनिवार की शाम जब इस बारे में जब 100 नम्बर पर फोन कर पुलिस कंट्रोल रूम को इस बात की सूचना दी गई तो उनका जवाब हैरत में डालने वाला था। कहा गया कि संबधित थाने में सम्पर्क कीजिए। इसके बाद थाना आदमपुरा से लगायत एसपी सिटी तक को नजमा की मौत के बारे में फोन पर जानकारी देते हुए मामले में हस्तक्षेप करने को कहा गया, लेकिन पुलिस ने मौके पर जाना तक जरूरी नहीं समझा। और असमय संदिग्ध हालत में हुई नजमा की मौत का राज उसके साथ क्रब में ही दफन हो गया। लेकिन नजमा की मौत की हकीकत सवाल बनकर हमारी सामाजिक व्यवस्था से लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर गई कि आखिर वो कौन सी जगह है, जहां हमारी बेटियां हिफाजत के साथ अपनी जिदंगी बसर कर सकती हैं? नजमा के लिए जीते जी उसके घरवाले अपने नहीं हुए और न तो उसके मौत के कारणों का पता लगाने में कानून ने कोई दिलचस्पी ली। इस समय भले ही नजमा का जिस्म क्रबिस्तान में खामोश खुद के साथ हुए हैवानियत और नाइंसाफी की कहानी नहीं कह सकता लेकिन उस रूह का क्या जो इंसाफ के लिए तड़प रही होगी? कह रही होगी

दफना दिया गया मेरी ख्वाइश को क्रब में
मैं जिसको चाहती थी वो लड़का गरीब था।

जेल में सैंध : 12 बाल कैदी फरार

अमित सैनी, मुज़फ्फरनगर :
मुज़फ्फरनगर की बच्चा जेल ( बाल सम्प्रेक्षण गृह ) जंग का मैदान बनती जा रही है ! अब से कुछ दिनों पहले ही बाल बंदियों ने यातनाओं से तंग आकर जेलर की जमकर पिटाई कर दी थी जिसमे जेलर का सर फट गया और कई गंभीर चोटे आई थी ! बाल बंदियों के शारीर पर भी यातनाओं के नीशान मौजूद मिले थे और जेलर के कार्यालय से शराब की खाली बोतले बरामद हुई थी ! आज शनिवार को उसी बच्चा जेल में बाल बंदियों ने जेल में सैंध लगाकर जेल की दिवार तोड़कर जेल से बारह बाल कैदी फरार हो गए ! फरार हुए सभी एक दर्जन कैदी चोरी और मार पिट के मामलो में जेल में बंद थे !
दरअसल जनपद मुज़फ्फरनगर के कोतवाली थाना छेत्र में छोटी उम्र में अपराध करने वाले बच्चो के लिए बाल सुधर गृह ( बाल सम्प्रेक्षण गृह ) बनाया गया है जिसे बच्चा जेल भी कहा जाता है ! इस बल सुधर गृह में नो साल से लेकर १६ साल तक के बच्चो को सुधरने का मोका दिया जाता है इसी महीने के कुछ दिन पहले भी यही बच्चा जेल सुर्खियों में आया था जब बल बंदियों ने जेलर का सर फाड़ दिया था जिस में कुछ बच्चो को भी चोट लगी थी !
उस मामले में जेलर की अमित्ताओ को देखते हुए जेलर को उनके पड़ से हटा दिया गया था और उनके स्थान पार जिला प्रोबेसन अधिकारी को चार्ज दिया गया है आज सुबह जब जेल की सुरक्षा में तैनात सिपाही ने जेल की दिवार में एक बड़ा होल देखा तो उसने तत्काल अधिकारियो को सुचना दी ! जब जेल के अंदर जा कर देखा तो जेल से १२ बाल कैदी जेल की चारदीवारी में सैंध लगाकर फरार हो चुके थे ! कैदियों के फरार होने की सुचना मिलते ही पुलिस और प्रसासनिक अधिकारियो ने बाल सम्प्रेक्षण गृह पार पहुँच कर मोके का मुआयना किया ! बच्चो को पढाने वाले शिक्षक का कहना है की यंहा बंद बाल कैदी मानसिक रूप से परेसान दिखाई दे रहे थे जिस कारण कैदी यंहा से भाग गए ! कैदियों के भागने से ये बाट तो स्पस्ट है की जेल की सुरक्षा में कितनी खामिया बरती जा रही है जेल में बंदी अपने ही जेलर का सर फोड़ देते है और मका मिलाने पार जेल की दिवार को तोड़ कर फरार भी हो जाते है !

Friday, April 29, 2011

Who are Followers? - Blogger Help

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हादसों को न्योता देती बच्चों से खचाखच भरी स्कूल और कॉलिज बसें

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
आजकल देश में आये दिन कोई न कोई सडक हादसा सुनने में आता रहता है! कई हादसे तो इतने दर्दनाक होते हैं कि किसी का भी दिल ढल जाये! ऐसा ही एक हादसा हुआ यमुनानगर में,जिसकी आहट देश के कोने कोने में सुनाई दी।हर कोई बिलख रहा था अपनों के लिए यह दर्दनाक हादसा किस की लापरवाही की देन था यह तो छानबीन के बाद ही पता चल पायेगा। लेकिन हमारे अभिभावक इस तरह के हादसों से सबक लेते नही दिख रहे! इस तरह के हादसों की आहट कंही भी किसी भी स्थान पर भी सुनाई दे सकती है।देश के कई शहरों में अनेक स्कूलों की बसों की स्थिति पर अगर नजर डाले तो स्थिति साफ तौर पर खतरें की घंटी बजाती नजर आती है। लेकिन अपने पैसा कमाने कि धुन में अंधे स्कूल संचालको को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है। न ही हमारे अभिभावक इस खतरें से वाकिफ हैं! स्कूलों की बसों व वैनों को खचाखच भरकर सड़को पर दौड़ाया जा रहा है। छुट्टी के समय तो स्थिति उस और भी गंभीर हो जाती है, जब अध्यापको को भी इन्हीं बसों के द्वारा उनके गंतव्य तक छोड़ा जाता है। जबकि ये बसे पहले से ही बच्चों से खचाखच भरी होती है। अगर प्रशासन ने जल्द ही इस पर कोई सख्त नियम लागू नहीं किए तो गंभीर परिणाम सामने आ सकते है।
स्कूल संचालक अभिभावको से बस सुविधा के नाम पर मोटी कमाई तो कर रहे है। लेकिन अभिभावको द्वारा दी गई इस रकम का पूरा फायदा उन्हें नहीं दिया जा रहा है। स्कूल संचालक अपनी मनमर्जी से आवयकता से अधिक बच्चे बसों में भरकर उन्हें उनके घर तक पहुंचा रहे है। दोपहर के समय गर्मी अधिक होने के कारण बच्चों का इतनी भीड़ में सांस लेना भी मुश्किल होता है। लेकिन स्कूल संचालको का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। बच्चों से लदी ये बसे कभी भी ड्राइवर द्वारा नियंत्रण खो देने से कई जिंदगियों को अपनी चपेट में ले सकती है। लेकिन स्कूल संचालको के साथ साथ अभिभावको को भी इसका कसूरवार कहा जाए तो कुछ गलत नहीं होगा। क्योंकि अभिभावक कभी इस बारे में स्कूल संचालको को शिकायत तक नही करते। जिस कारण उनके हौंसले इतने बुलंद हो चुके है। कमाई के चक्कर में संचालक सीधे सीधे बच्चों की जिंदगी से खेल रहे है। इतना ही नहीं अगर प्रशासन नियामानुसार जांच करे तो कई प्रकार की बाते सामने आ सकती है। जो बच्चों के लिए हानिकारक सिद्ध होती है। नियमों का ताक पर रखकर स्कूल संचालक बेखौफ अपने इस कार्य को अंजाम दे रहे है। लेकिन प्रशासन को कोई ध्यान इस ओर नहीं है। जरूरत है स्कूल संचालको की बसों की व्यवस्था की समय-समय जांच किये जाने की बस के ड्राइवरों की योग्यता को भी परखा जाना चाहिए! ताकि इस तरह के हादसों पर नियंत्रण रखा जा सके । साथ ही जो स्कूल संचालक बच्चों को आवश्यकता से अधिक बसों में सवार कर रहे हो उनके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाए। ताकि जगाधरी-पावंटासाहिब मार्ग पर हुआ हादसा फिर से न दोहराया जाए।




Chandigarh, Sanjay Pahwa :
Bharatiya Janata Party Colony Cell today supported the Chain Hunger Strike of Bapudham residents and took the responsibility of agitation and assured that this agitation would be concluded with the victory of the public.
Bharatiya Janata Party Colony Cell President Dalip Sharma said that a group of 15 activists under the leadership of former Union Minister Sh.Harmohan Dhawan sat on Hunger Strike including Smt. Sarita Sharma, Dalip Sharma, Salim Khan, Naushad Ali, Sajid, Mewaram, Vinay Dubey, former Deputy Mayor Shyama Negi, Santosh Bhatt, Rajesh Pehalwan, Ashok Gupta, Balbir Singh, Neena Soni and Sh. Sham Lal.
Former Union Minister Sh. Harmohan Dhawan said the Chandigarh Administration is harassing the residents of city. The labour welfare building made for the residents of Bapu Dham Colony is illegally occupied by Chandigarh Police and ITBP. The residents of various villages are being harassed by the Administration on the name of Lal Dora. The poor people have invested their earning of whole life in these houses and the Administration is hell-bent upon to demolish these houses. Local Member Parliament Pawan Kumar Bansal have nothing to do with the problems of general public as he himself is indicted in Booth Allotment scam.

टीबी के प्रति जागरूकता पर आधारित है दो कहानियां: गुलशन सचदेवा

प्रेमबाबू शर्मा, दिल्ली  : आपकी अदालत शो से सुर्खियों में आए प्रसिद्व निर्माता निर्देशक गुलशन सचदेवा से हाल में फिल्म दो कहानियां के सेट मुलाकात में हुई । बातचीत के दौरान उन्होेंने बताया कि फिल्म दो कहानियां टीबी रोग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए बनाई गई हैं। मजेदार बात यह कि इस फिल्म से जीनत अमान की बालीवुड में री-ऐट्री हो रही है। इसके अलावा तीन ओर फिल्में भी है जिसे हम स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए बना रहे है। गुलशन सचदेवा ने बताया कि जब हमने जीनत को बताया कि हम डॉट टीबी पर बन रही फिल्म में उनको बतौर सेलिब्रेटी उनको लेना चाहते है तो उन्होंने तुरंत हॉ कर दी। ये चारो ही फिल्में हमारे दैनिक जीवन और हमारे चारो के दुषित वातारवण से पनपते रोगों पर आधारित है।
राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मानित फिल्म ‘पेलियो वर्सज पोलियो’ के बाद से ही गुलशन सचदेवा लीक से हटकर गंभीर विषयो पर काम करने काम मन बना चुके है। वे कहते है कि ‘मै आम विषयों से हटकर क्रिएटिव काम करने में विश्वास रखता हॅू। जिसमें चुनौतियां हो। जब मैेंने टीबी पर बनी चार फिल्मों पर काम आंरभ किया और जानकारियां एकत्र करना शुरू की तो कई तरह की परेशानियांे से सामना हुआ। किन्तु मेरे लिए इस फिल्म पर काम करने का एक अलग अनुभव था ।
दूरदर्शन सहित अलग अलग चैनलों के लिए दर्जनों धारावाहिक और टेलीफिल्मों का निर्माण व निर्देशन कर चुके गुलशन सचदेवा के पास एक लंबा अनुभव है। कालांतर में सत्य घटनात्मक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि से प्रेरित धारावाहिक पंचम, जंजीरे,ं लकीरें, कन्हैया, बंूद बूंद, आसमान कैसे कैसे, लेखू और झूठ बोले कौवा काटे का निर्माण किया। किन्तु एक ही प्रकार के धारावाहिकों के निर्माण के पीछ कोई खास वजह ? प्रश्न के उतर में उनका कहना था कि मैं आम जिंदगी से जुड़े यथार्थवाद विषय ही मेरी पंसद रहे है। इस प्रकार के विषय के माध्यम से आप समाज मेे फैली कुरूती जैसे मुददों को उठा सकते है । जैसे हमने कन्हैया और पंचम की कहानी द्वारा अनेक ज्वंलत मुददों को उठाया था।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित होते हुए कैसा लगा?
इस प्रश्न को सुनते ही बात सुनकर गुलशन सचदेवा का चेहरा खिल उठा और मुस्कराते हुए बोले कि यह मेरे लिए गर्व की बात है और एक प्रेरणा भी, कि मैं समाज में फैले ज्वलंत मुददों पर ही काम करूं।
निकट भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए गुलशन सचदेवा ने कहा वर्तमान में एक राजस्थान धारावाहिक और पंजाबी फिल्म पर काम चल रहा है। किन्तु उसका विषय आजकल के फैमिली सीरियल्स की तरह इसमें किचन पॉलिटिक्स नही होगी। बल्कि धारावाहिक की कहानी मनोरंजन के साथ साथ नैतिकता, सामाजिक चेतना मूल्यों के प्रति सजग करती है। इसके साथ ही धारावाहिक में नारी समास्याओं को भी उठाया गया है।

British Library Celebrated the Royal Wedding of Prince William and Kate Middleton

Chandigarh, Sanjay Pahwa :
The British Library team was in an upbeat mood to celebrate the Royal Wedding of Prince William and Kate Middleton in a different style. The most-anticipated wedding in the 30 years since Prince Charles married Lady Diana Spencer.
British Library carried live coverage of the wedding of Prince William and Kate on the big screen followed by cake cutting ceremony and toasting the couple. There were near about gathering of 100 people. Message board has been placed in the library so that tri-city residents can put their congratulating messages over board.

किसानों के अधिकारों के लडाई जारी रहेगी: चौधरी अजीत

नई दिल्ली ,(प्रेमबाबू शर्मा):
पार्टी को मजबूत बनाने के लिए किसान नेता चौधरी करतार सिंह भडाना बसपा छोडकर राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हो गये । रालोद के अध्यक्ष एंव सांसद चौधरी अजित सिंह के यहां दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ पहंुचे । अजीत सिंह ने कहा कि चौधरी करतार सिंह भडाना के पार्टी मे आने से पार्टी मजबूत होगी पही किसानो के अधिकारों की लडाई और मजबूत होगी। इस मौक पर रालोद के महासचिव सतवीर त्यागी,पूर्व सांसद मुुंशीराम,अनुराधा चौधरी,महेन्द्र सिंह यादवव एकनेकाम खान मौजूद थे।
चौधरी करतार सिंह भडाना ने कहा, मैं चªौधरी चरण सिंह की नीतियों पर चलकर राजनीति करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि 2004 में उन्होंने राजस्थान में दौसा लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव तो जरूर लड़ा, लेकिन प्रदेश में गुर्जर आंदोलन के दौरान समुदाय के लोगों पर हुए जुल्म के चलते उन्होंने भाजपा छोड़ दी। मूल रूप से फरीदाबाद के रहने वाले और हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल की सरकार में 1996 से 2004 तक मंत्री रहे भडाना को उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से भी शिकायत है। उन्होंने कहा कि 2009 में सपा ने उन्हें बिजनौर लोकसभा सीट से प्रत्याशी तो बना दिया, लेकिन बाद में इतनी गुटबाजी बढ़ी कि उनका टिकट ही काट दिया गया। उसके बाद उन्होंने हरियाणा में मायावती की बसपा का भी दामन थामा, लेकिन वहां भी नहीं निभी। अजित सिंह ने कहा कि करतार के रालोद से जुड़ने से पार्टी को अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

MADE IN PAKISTAN’ A PRECURSOR TO IMPROVING TRADE POTENTIAL IN SAARC COUNTRIES

2ND EDITION OF CII’S MADE IN PAKISTAN FAIR HIT WITH CONSUMERS
60 stalls from the heart of Pakistan showcase a wide product profile
Chandigarh : Sanjay Pahwa :
The 2nd edition of CII Made in Pakistan started off here today with huge fanfare. Cherishing the bonds and cultures from across the border, the exclusive show was inaugurated by Shri Pawan Kumar Bansal, Minister for Parliamentary Affairs and Science and Technology and Earth Sciences, at Himachal Bhawan today.
Applauding CII’s initiative to take a step forward to strengthen ties between the countries through this exclusive showcase from Pakistan, Mr Bansal said that the 2nd edition of the show is itself a testimony to the huge fan fare of the show in India and demand for Pakistani products. He was accompanied by Mr RM Khanna, Past Chairman CII NR, Mr Vikram Hans, Chairman, CII Chandigarh, Mr Nitin Peshawaria, Past Chairman CII Chandigarh, and other senior CII members
“It’s a great pleasure to see that our trade counterparts are as enthusiastic about doing business with India. There is potential for bilateral trade to go up to an estimated $6.5 billion from the current $2 billion. Cross-border trade requires the uninhibited movement of people and investments and both the countries are working towards increasing potential trade dynamics and economic activities”, the Minister said. “Whatever is spend on defence can be spent on trade, is what the minister stressed upon.
Shri Pawan Kumar Bansal, Minister for Parliamentary Affairs and Science and Technology and Earth Sciences inaugurating ‘Made in Paksistan’
Reiterating the same sentiment, Mr Khurshid Balras, CEO, Pakistan World Trade & Promotions said, “Astonishingly, but true, major part of Pakistan’s current export goes to the European Union and US. Presently only 5.5 % of the Pakistan trade is done with SAARC counties, which stand a potential to improve it by 10% due to commonalities in cultures and needs of the people in SAARC countries. CII shows like these pave way towards making this possible and give an opportunity for improving both business and people linkages.”
The countries like India, Maldives, Indonesia, Nepal & Sri Lanka are seen as potential markets for Pakistan exports, India taking the maximum share out of all. Further detailing about the 2nd edition, Mr Balras said that the 2nd edition has acted as an extension to promote people to people contact between the two countries sharing similar culture and traditional ethos with two successful shows in Chandigarh & Jaipur.
More than 48 exhibitors from Pakistan taking up 60 stalls have displayed their wide array of products as compared to 43 last time in Chandigarh.
“Going by the exquisite taste of the buyers of Chandigarh, and on popular demand during the last shows, the fair presents an exclusive range of products from almost all regions of Pakistan including garments and embroidered fabric from Multan, Karachi and Lahore, ethnic footwear from Lahore and Multan, exclusive handicrafts from Swat Peshawar, shimmering range of décor products from Karachi, carved rosewood furniture from Peshawar, and designer melamine from Gujranwala and rich dry fruits and onyx. So the discerning buyers of Chandigarh and satellite towns have a lot on the platter to choose”, informed Mr Balras.
Not to left behind, the exquisite Pakistani delicacies like kababs and phirni, straight from the Anarkali Bazar are all set in the food court to tickle the gourmet Indian taste buds, added Mr Balras.
Speaking on the occasion, Mr Vikram Hans, Chairman, CII Chandigarh said "The CII Made in Pakistan presents a responsible platform for interaction amongst the two communalities. Under the umbrella of CII, the coming together of varied product and services on such a magnificent scale from the heart of Pakistan will surely help in creating new spaces for people to people bonding. The intrinsic desire to reach out to fellow brethren across the border further augments the trade prospects with our neighbors. "
Going by the response on the opening day, weekends are expected to be really rushy at the Fair. Drawing the tradition and culture of Pakistan through range of products that speaks volumes for the craftsmanship and ethnicity are on display from 10 am to 8 pm till 3 May 2011.

री-ऐट्री को तैयार जीनत अमान

नई दिल्ली, (प्रेमबाबू शर्मा) :
सन् 80 के दषक में अपने नाम और काम से धूम मचाने वाली जीनत अमान अब एक लंबे गैप के बाद में फिर से फिल्मों में फिल्म अधूरी षेव से वापसी करने जा रही हैं। फिल्म अधूरी षेव में समाज सेविका का रोल करेगी। यह पहली फिल्म है जिसमें जीनत लीक से हटकर काम कर रही है। हाल ही में जीनत ने स्वास्थ्य मंत्रालय की चार शॉर्ट फिल्मों को स्वीकारा जो टीबी की बीमारी और इसके इलाज के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बनाई गई हैं। इसे बनाया है आर.के. स्वामी और निर्देशक गुलशन सचदेवा ने। गुलशन बताते है कि उन्हे चार फिल्में बनाने का जिम्मा मिला है और जीनत इस फिल्म में काम करने के लिए बिना मेहनताना लिए राजी हो गयी थी ।

को-आपरेटिव बैंक और सोसायटी पर जड़ा ताला

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
करनाल के बल्ला गाँव स्थित को-आपरेटिव बैंक के कर्मचारियों की कार्यशैली से खफा गाँव की महिलाओं ने बुधवार को-ऑपरेटिव बैंक तथा सोसायटी पर ताला जड़ दिया। करीब चार घटे तक दोनों दफ्तरों पर ताला लटकता रहा। महिलाओं ने बैंक के कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की। आखिर लोन के कागजातों की दोबारा जाच के आश्वासन के बाद ही ताला खोला गया। ताला लगने से दोनों आफिस में लेन-देन ठप रहा।
मिली जानकारी के मुताबिक महिलाओं ने बैंक से लोन लेने के लिए पिछले करीब छह माह पूर्व आवेदन किया था बुधवार सुबह जब वे अपने लोन के बारे में जानकारी लेने के लिए महिलाएं बैंक में पहुचीं, तो उन्हें बताया गया कि उनको बैंक से लोन नहीं दिया जा सकता। जब उन्होंने लोन के बारे में बैंक मैनेजर से कागजात वापस मागे, तो मैनेजर ने कागजात करनाल से लेने की बात कही। इतना सुनते ही महिलाएं बिफर गई और सोसायटी और बैंक के कर्मचारियों को आफिस से बाहर निकालकर मेन दरवाजों पर ताला लगा दिया। महिलाएं दरवाजे के पास ही धरने पर बैठ गई। महिलाओं का आरोप था की बैंक कर्मचारियों की ओर से उनसे लोन पास करवाने के लिए सुविधा शुल्क की माग की गई। जब देने से मना कर दिया, तो लोन पास नहीं किया। महिलाओं का यह भी आरोप था कि कुछ कर्मचारी दिन के समय नशे में रहते है, लेकिन बैंक के आलाधिकारी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते। उनका आरोप था कि मैनेजर ने उनके लोन के कागजात बैंक जिला मुख्यालय भेजने के बजाय जानबूझकर सोसायटी मुख्यालय भेज दिए, ताकि उनको लोन नहीं मिल सके। ताला लगने की भनक जब जिला मुख्यालय पहुची, तो मैनेजर को आनन-फानन में बुलाया गया और कागजों को दोबारा से देखकर रिपोर्ट जमा कराने का निर्देश दिया। दोबारा से कागजातों की जाच के आश्वासन के बाद ही करीब चार घटे बाद ताला खोला गया। जब महिलाओं ने मेन गेट पर ताला लगाया तो उन्होंने कर्मचारियों को बाहर निकलने की अपील की, लेकिन एक कर्मचारी गलती से अंदर रह गया। जब उसने खिड़की से बाहर आने की इच्छा जताई, तो महिलाओं ने ताला खोलने से साफ मना कर दिया। इस बाबत बैंक मैनेजर धर्मपाल का कहना है कि उनका लोन कैंसिल हो गया है और कागजात जिला मुख्यालय से मिलेंगे। इस मामले में फील्ड आफिसर रामपाल का कहना है कि मैनेजर ने गलती से महिलाओं के कागजात बैंक के जिला मुख्यालय भेजने के बजाय सोसायटी में भेज दिया है। इसके चलते यह गलतफहमी हुई है। मामले को शीघ्र सुलझा लिया जाएगा।अब यहाँ महत्वपूर्ण सवाल यह उठता है कि ड्यूटी के वक्त नशे में रहने वालों के खिलाफ करवाई क्यों नही की गयी! दूसरे आला अधिकारियों द्वारा गाँव में खुले इन बैंकों का लगातार कार्य निरीक्षण क्यों नही किया जाता! जब सरकार द्वारा बैंक कर्मियों को निर्धारित वेतन दिया जाता है तो वे ग्रामीणों से शुल्क की मांग क्यों करते हैं! करवाई की जनि चाहिए इन रिश्वतखोरों के खिलाफ ऐसे रिश्वतखोरों के कारण ही देश की सरकारी व्यवस्थाएं बदनाम हैं!

Thursday, April 28, 2011

विश्व के 124 खुशहाल देशों में भारत का 71वां स्थान

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
विश्व के 124 देशों में खुशहाली का पता लगाने के वास्ते गैलप की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में भारत को 71 वां स्थान मिला हैं। देश में वल 17 प्रतिशत लोग ही अपने आपको को संपन्न मानते हैं। सर्वेक्षण में डेनमार्क को पहला स्थान मिला है, जहां के दो तिहाई निवासियों ने खुद को संपन्न बताया है। जबकि सर्वे में पाकिस्तान को विश्व का 40 वां सबसे खुशहाल देश करार दिया गया है। गैलप 2010 की ओर से खुशहाली का पता लगाने के लिए किए सर्वेक्षण को जोड़कर आए परिणाम के अनुसार बहुसंख्यक भारतीय (64 प्रतिशत) मानते हैं कि वे संघर्षरत हैं। जबकि 19 प्रतिशत मानते हैं कि वे कष्ट में हैं।
सर्वेक्षण में लोगों को शून्य से 10 के स्तर में स्वयं को मूल्यांकित करने को कहा गया। इस सर्वेक्षण में ऐसे लोगों को संपन्न माना गया, जिन लोगों ने स्वयं के जीवन को सात या इससे अधिक अंक दिए और जिन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पांच वर्षों में उनकी स्थिति आठ या इससे अधिक स्तर की हो जाएगी। जिन लोगों ने अपने जीवन को चार या इससे कम अंक दिए, उन्हें कष्ट में या संघर्षरत करार दिया गया। दिलचस्प बात है कि आतंकवाद से ग्रस्त होने के कारण आर्थिक रूप से बदहाल पाकिस्तान को विश्व का 40 वां सबसे खुशहाल देश करार दिया गया। पाकिस्तान के 32 प्रतिशत नागरिकों का कहना है कि वे संपन्न हैं। बांग्लादेश को इस सूची में 89 वें स्थान पर रखा गया है। इस सर्वेक्षण में शामिल इसके केवल 13 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे प्रसन्न हैं। चीन का इस सर्वेक्षण में 92 वां स्थान है। श्रीलंका का इसमें 114 वां स्थान है तथा इसके केवल पांच प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे स्वयं को संपन्न मानते हैं। केवल 69 प्रतिशत प्रसन्न लोगों वाले स्वीडन और कनाडा को दूसरा सबसे खुशहाल देश बताया गया। इसके बाद आस्ट्रेलिया, फिनलैंड, वेनेजुएला, इजरायल और न्यूजीलैंड का नंबर आता है। अफ्रीकी राष्ट्र चाड को दुनिया का सबसे कष्ट भोगने वाला देश करार दिया गया है। खुशहाल देशों में भारत का 71वां स्थान डेनमार्क सबसे संपन्न देश, खुशहाली के मामले में पाकिस्तान हमसे आगे!



इन्द्री के बड़ा गाँव के जंगलों में दिखा तेंदुआ,गाँव में दहशत का माहौल

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
इन्द्री के गाँव बड़ा गाँव के खेतों के पास लगते जंगले में एक तेंदुआ देखा गया है! रात को जब लोग खेतों से गेंहू की कटाई करके घर को लौट रहे थे तो एक जंगली जानवर उनके ट्रेक्टर के आगे आकर खड़ा हो गया! जब ट्रेक्टर चालक ने उस पर रौशनी डाली तो वह खेतों की ओर भाग गया! जब ट्रेक्टर चालक ने इसकी सूचना गांववालों को दी तो काफी लोग हथियार लेकर वहां पहुंच गये लेकिन लोगों की आवाज़ सुनकर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया!
तेंदुआ देखे जाने की सूचना लोगों ने तुरंत पुलिस और वन्य अधिकारीयों को दी! वन्य अधिकारीयों ने मौके पर पहुंच कर निशानदेही की और तेंदुए के होने की पुष्टि की! इस तेंदुए को पकड़ने के लिए चण्डीगढ़ की और अन्य जिलों की टीमों ने अभियान शुरू कर दिया है! गांववालों को जंगल की और जाने से रोक दिया गया है! गाँव के एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है की हमने उस जंगली जानवर को रात को भी देखा और आज सुबह भी देखा था!
यह चीता या तेंदुआ हो सकता है! जब इस बारे में जिला वन्य अधिकारी नवदीप सिंह हुडा से बात की गई तो उन्होंने कहा की यह जंगल 210 एकड़ में फैला हुआ है! इतने बड़े जंगल में एक जानवर को ढूँढना मुश्किल काम है पर हम कोशिश कर रहे है! जल्दी ही इस तेंदुए को पकड़ जायेगा! हमने जंगल के दोनो तरफ पिंजरे लगा दिए हैं और मिले पैर के निशानों के सेम्पल को पुष्टि के लिए देहरादून भेज दिया है
उसके बाद ही जानवर की पुष्टि हो पायेगी!

Wednesday, April 27, 2011

करोड़ो रूपया खर्च करने के बाद भी दिखावा बनकर रह गई डिच ड्रेन

यमुनानगर, कुलदीप सैनी :
न्यायालय द्वारा पश्चिमी यमुनानहर में गंदा पानी न छोड़े जाने के आदेशों के बावजूद पिछले कई माह से पश्चिमी यमुनानहर में यमुनानगर व जगाधरी का गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। जिस कारण इस गंदे पानी की निकासी के लिए पश्चिमी यमुनानहर के साथ साथ बनाई गई डिच ड्रेन विभाग द्वारा करोड़ो रूपया खर्च करने के बाद भी मात्र एक दिखावा बनकर रह गई है। जिला यमुनानगर की औद्योगिक इकाईयों व शहर का गंदा पानी इस डिच ड्रेन में छोड़ा जाना था। लेकिन आजकल पश्चिमी यमुनानहर में ही गंदा पानी छोड़ जा रहा है। गंदे पानी के नहर में छोड़े जाने से साथ लगते गांवो के लोगों को गंदे पानी की बदबू का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों की माने तो हमीदा के पास डिच ड्रेन के क्षतिग्रस्त हो जाने से ऐसा करना पड़ा है।
करोड़ों रूपया खर्च कर बनाई गई थी डिच ड्रेन-न्यायालय द्वारा पश्चिमी यमुनानहर में औद्योगिक ईकाईयों व शहर का गंदा पानी न छोडे जाने के आदेश विभाग को दिए गए थे। जिसके बाद विभाग ने पश्चिमी यमुनानहर के साथ साथ हमीदा से धनौरा हैड़ तक 60 क्यूसक की क्षमता वाली डिच ड्रेन का निर्माण किया था। ताकि गंदा पानी इस डिच ड्रेन में डाला जा सके । डिच ड्रेन के निर्माण पर विभाग द्वारा लगभग चार करोड़ रूपये खर्च किए गए थे। लेकिन करोड़ो रूपया खर्च करने के बाद भी विभाग डिच ड्रेन को अमल में नहीं ला सका ।
देखने को मिल रहे है कई दुष्प्रभाव-
पश्चिमी यमुनानहर में गंदा पानी छोड़े जाने से इसके कई दुष्प्रभाव सामने आ रहे है। गंदे पानी से आसपास के गांवों के हैंडपम्पों में शोरायुक्त पानी आ रहा है। साथ ही गंदे पानी की बदबू इतनी भयानक है कि लोगों का जीना दुस्वार हो गया है। गंदे पानी की वजह से मक्खी व मच्छरों की भरमार भी हो रही है। जिससे कई प्रकार की गंदी बिमारियां फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। अगर जल्द ही विभाग द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो भयंकर परिणाम सामने आ सकते है।
धार्मिक भावनाएं भी हो रही है आहत-
पश्चिमी यमुनानहर में गंदा पानी छोड़े जाने से क्षेत्र के लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही है। बताया जाता है कि पहले इस नहर में कई धार्मिक उत्सवों पर लोग स्नान कर पुण्य के भागीदार बनते थे। गंगा दशहरे के अवसर पर भी क्षेत्र के लोगों द्वार इस नहर में स्न्नान किया जाता था। लेकिन जब से नहर का पानी गंदा होना शुरू हुआ है तब से लोगों ने यहां पर धार्मिक कार्य करने बंद कर दिए है। नहर के साथ कई गांवो में मंदिर भी बने हुए है। जहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को नहर की गंदी बदबू का सामना करना पड़ता है।
कहां से आता है गंदा पानी-
पश्चिमी यमुनानहर में छोड़ा जा रहा गंदा पानी यमुनानगर व जगाधरी के गंदे नालों का है। इसके अलावा हमीदा में लगे हुए ट्रीटमेंट प्लांट व शहर की औद्योगिक ईकाईयों का गंदा पानी भी इसी में छोड़ा जा रहा है। इस गंदे पानी में कई प्रकार का खतरनाक कैमिकल मिला होता है। जो मानव शरीर के लिए नुकसानदायक होता है।
जल्द कर दिया जाएगा समाधान-
नहरी विभाग के एसडीओं नरेश चोपड़ा से जब इस बारे फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि डिच ड्रेन हमीदा के पास से क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिस कारण गंदे पानी को पश्चिमी यमुनानहर में डालना पड़ा। लेकिन डिच ड्रेन की मुरम्मत का कार्य लगभग पूरा हो गया है। तकरीबन दो या तीन दिनों तक डिच ड्रेन को चालू करवा कर इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

मेरे संईया को मिला बिग बी आइमा अवार्ड

नई दिल्ली(प्रेमबाबू शर्मा ) :
सूफी गायकी से रसी बसी अलबम मेरे संईया को उसके उत्कर्ष संगीत और बेहतरीन गायकी के लिए बिग बी आइमा अवार्ड से सम्मानिम किया गया। यह संगीत की दुनियां में पहला मौका है जब किसी सूफी अलबम को पुरस्कृत किया गया।
म्युजिक कंपनी फिल्मी बाक्स आफिस के निर्देशक नरेन्द्र सिंह ने अवार्ड पाने के सम्मान का श्रेय कंपनी के से जुडे सभी लोगों को देते हुए कहा कि म्युजिक कंपनी फिल्मी बाक्स आफिस द्वारा रीलिज मेरे संईया अलबम आम श्रोताओं की पंसद बन चुकी है। कंपनी का मकसद उम्दा संगीत देना है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने कुछ समय पूर्व ही संगीत की दुनियां में कदम रखे है और कम ही समय में ही कंपनी ने संगीत प्रेमियोें के बीच अपनी पहचान बना ली है। हाल में संगीत कंपनी ने हाल में ही फिल्म 24 अवार्ड और कैकर्स का संगीत भी रीलिज किया।
वर्तमान में इस कंपनी से नामचीन गायक और संगीतकार जुडें है। कंपनी का मकसद नये व पुराने गायको,ं गीतकारों और संगीतकारों को अपने जोड कर चलना है।
नरेन्द्र सिंह का कहना है कि बडे बडे सितारों वाली फिल्मों के संगीत को तो सभी म्युजिक कंपनियां लेना चाहती है, जो नये कलाकाार है,लेकिन उनको लेने मौका देने के लिए कोई भी आगे नही आती है।
म्युजिक कंपनी ने म्युजिक अधिकार के अलावा फिल्म मर्केटिग ,मिडिया -अप प्रामोज जैसे काम करने के अलावा यू टीवी,इरोज,फॉक्स स्टार,परसेपट के अलावा दे दनादन दबंग,अलादिन,अंजाना अंजानी,लव आजकल, कमबख्त इश्क फिल्मों के प्रचार काम कर चुकी है। अपनी सफलता से उत्साहित नरेन्द्र सिंह मानते है कि वर्ततान में मौजूदा म्युजिक कंपनी से उनका कडी मुकाबला भले ही हो, लेकिन हमारी कंपनी ने संगीत प्रेमियांे को अच्छा और मेलोडियस संगीत दे कर अपनी एक अलग पहचान बनायी है।

नारी ने संभाली एक और जिम्मेदारी

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
जींद शहरों की तर्ज पर अब ग्रामीण महिलाएं भी किसी तरह से पीछे नहीं रहना चाहतीं। अब महिलाओं ने साहस दिखाते हुए बिजली बिल वितरण का कार्य शुरू कियाहै
चूल्हे चौके के साथ ही आमदन बढ़ाने के लिए महिलाएं झंडे गाड़ रहीं हैं। नगूरां निवासी दो महिलाएं पिछली करीब डेढ़ वर्ष से गांव के करीब अढ़ाई हजार बिजली उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग और बिल वितरण का कार्य कर अपने परिवार की जीविका में अहम योगदान कर रही है। नगूरां निवासी बलविंद्र कौर ने वर्ष 2005 में साक्षर महिला समूह का गठन कर लिया था। सुनीता को समूह में सचिव पद की जिम्मेदारी मिली थी। गांव की चार अन्य महिलाओं के साथ बलविंद्र कौर और सुनीता ने नगूरां के बिजली उपभोक्ताओं रीडिंग और बिल वितरण का काम लिया तथा कुछ समय बाद काम में लगी दो महिलाएं काम छोड़ गईं। इस प्रकार दिसंबर 2010 से अब तक सुनीता गांव के करीब अढ़ाई हजार बिजली उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग और बिल वितरण का काम बखूबी निभा रही हैं। इस काम से दोनों महिलाएं करीब पांच हजार प्रतिमाह की आय जुटाकर अपने परिवार की आजीविका को बढ़ा रहीं हैं। दोनों को मीटर रीडिंग के लिए गांव के अलावा गांव से बाहर बने डेरों और खेतों में भी जाना पड़ता है। शुरुआत में इस कार्य में कुछ समस्याओं से दो चार भी होना पड़ा परंतु समय के साथ-साथ अब स्वयं को इसमें सफलता पूर्वक ढाल लिया है। इतना ही नहीं बलविंद्र कौर 2006 से आशा वर्कर के तौर पर भी काम भी कर रही है। बिजली निगम का काम लेने से पूर्व महिला साक्षर समूह के माध्यम से गांव में कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, दहेज प्रथा पर कई बार सेमिनारों का आयोजन कर समाज को जागरूक करने का काम कर चुकी हैं। अपने समूह से जुड़ी अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया है। समूह के माध्यम से गांव के स्कूलों में मिड-डे-मील का खाना बनाने में लगी हुई है। पंजाब के पटियाला जिले की बुधमोर निवासी बलविंद्र कौर ने फरवरी 1999 में नगूरां निवासी सत्यनारायण शर्मा के साथ शादी की थी। वहीं करनाल जिले के बुड़नपुर निवासी सुनीता ने नगूरां निवासी फतेह सिंह से अगस्त 1996 में शादी रचाई थी। अब दोनों अपना चूल्हा चौका संभालने के साथ-साथ परिवार की आय बढ़ाने को भी सफलता पूर्वक अंजाम दे रही है।
 

Tuesday, April 26, 2011

शव का अपहरण : दलित की हत्या कर लाश को साईकिल पर रखकर गाँव में घुमाया





शाही शादी में आने को सब बेताब,भारतीय उच्चायुक्त नलिन सूरी करेंगे देश का प्रतिनिधित्व

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :
ब्रिटेन के राजकुमार विलियम और केट मिडिलटन की शादी में अब ज्यादा दिन नही  रहे। ऐसे में शाही शादी को प्रसारित करने वाले डिस्कवरी नेटवर्क के चैनल टीएलसी (ट्रेवेल एंड लाइफस्टाइल चैनल) पर विज्ञापनदाताओं और प्रायोजकों की भीड़ लगी है। प्रसारण के दौरान विज्ञापन के लिए भारतीय ब्रांडों की एक लंबी कतार चैनल से करार कर चुकी हैं। टीएलसी ने जेवरात, कार, टेल्कम पाउडर, कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली प्रमुख कंपनियों से प्रसारण के प्रायोजक के तौर पर करार किया है। जबकि शादी के प्रसारण में तमाम हर्बल, विवाह वेबसाइटों से लेकर ड्रेस मटीरियल बनाने वाली कंपनियों के विज्ञापन तक नजर आएंगे। चैनल ने 24 अप्रैल से शादी के दिन (29 अप्रैल) तक शाही शादी सप्ताह घोषित किया है। रविवार से चैनल ने विज्ञापनों के विशेष रेट लेने शुरू कर दिए हैं। शाही शादी का सीधा प्रसारण 29 अप्रैल (शुक्रवार) को भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक होगा। रात्रि 10:30 बजे से इसका पुन: प्रसारण किया जाएगा। चैनल इसके लिए प्रायोजकों से लगभग 25 लाख रुपये और विवाह के दौरान चलने वाले विज्ञापनों की दर 15 हजार प्रति 10 सेकंड तय की गई है, जो सामान्य से 10 गुना अधिक है। डिस्कवरी नेटवर्क एशिया पैसिफिक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक राहुल जौहरी ने उम्मीद जताई है कि चैनल के इतिहास में यह प्रसारण सबसे बड़ा होगा। प्रायोजक कंपनी में से एक मेक माइ ट्रिप के मुख्य मार्केटिंग अधिकारी मोहित गुप्ता ने भी बड़ी संख्या में दर्शकों के जुड़ने की उम्मीद जताई है। शादी का सड़कों पर जश्न मनाने और उसके लिए विभिन्न शहरों में सड़क बंद करने की अनुमति के लिए आवेदन का सिलसिला तेज हो गया है।
दूसरी और ब्रिटेन की शाही शादी में भारत का प्रतिनिधित्व कौन करेगा? इस सवाल का जवाब मेहमानों की सूची जारी होने के बाद मिल गया है। ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त नलिन सूरी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके अलावा शादी में हिंदू काउंसिल यूके के संस्थापक सदस्य अनिल भनोट को भी निमंत्रण भेजा गया है। मेहमानों की सूची में मां डायना के करीबी दोस्तों को शामिल करना नहीं भूले। संडे टाइम्स के अनुसार, डायना के अंतिम संस्कार पर प्रार्थना करने वाले उनके करीबी, सर एल्टन जॉन को भी बुलाया गया है। साथ ही डायना के सहयोग से कैंसर के लिए बनी चैरिटी संस्था रॉयल मार्सडेन फाउंडेशन ट्रस्ट की अध्यक्ष टेसा ग्रीन भी आएंगी। डायना की मुत्यु के बाद राजकुमार विलियम और हैरी के अभिभावक नियुक्त किए गए सर जॉन मेजर भी मेहमानों की सूची में हैं। दोस्त गायिका जॉस स्टोन भी शाही जोड़े को बधाई देंगी। डायना के परिवार से उनके भाई अर्ल स्पेंसर और उनकी मंगेतर केरेन गार्डन भी शामिल होंगे। विदेशी शाही परिवारों में ब्रूनेई के सुल्तान, मोनाको के प्रिंस अल्बर्ट द्वितीय और मोरक्को की प्रिंसेज लैला सलमा भी मेहमानों की सूची में हैं।

 

ीर्तन दरबार कीर्तन दरबार का आयोजन

नई दिल्ली,(प्रेमबाबू शर्मा ) :
माता राजेन्द्र कौर गुरूमत प्रचार सोसायटी व गुरूद्वारा श्री गुरूसिंह सभा विष्णु गार्डन के तत्वाधान में मंगल बाजार स्थित गुरूद्वारे के प्रांगण में महान कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान पंथ के महान कीर्तनीय भाई साहब भाई गुरू इकबाल सिंह जी ने अमृतवाणी सत्संग से श्रद्धालुओं को निहाल किया। समागम में बाला प्रीतम कीर्तिनी जत्था दिल्ली, बीबी गुरविंदर कौर ऊना साहिब,बच्ची प्रभलीन कौर, काका सर्बजीत सिंह, भाई यशपाल सिंह जी ने श्रद्वालुओं को गुरूवाणी का रसपान करवायाा इस पावन मौके परं महापुरूष ज्ञानी गुरू इकबाल सिंह ने माता रजिन्द्र कौर गुरूमत प्रचार सोसायटी के प्रधान एस.कुलदीप सिंह व डी.एस.जी.पी.सी. कमेटी के सदस्य एस.सतनाम सिंह ओलख को सिरोपा देकर सम्मानित किया ।

मनाया जा रहा है कार्टून महोत्सव

खुशबू(ख़ुशी) इन्द्री :29 अप्रैल 2011 को हिन्दी भवन दिल्ली में इसका उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम करेंगे!
देश की एकमात्र कार्टून पत्रिका कार्टून वाच द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित कार्टून महोत्सव इस बार दिल्ली में किया जा रहा है!
कार्टून वाच के सम्पादक त्रिम्बक शर्मा ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि इस बार कार्टून वाच की तरफ से लाईफ टाईम एचीवमेंट एवार्ड पांच वरिष्ठ कार्टूनिस्टों को दिया जायेगा. टाईम्स आफ इंडिया समूह के श्री अजीत नैनन, नवभारत टाईम्स के पूर्व कार्टूनिस्ट श्री काक, मधुमुस्कान पत्रिका के नन्हा जासूस बबलू के रचयिता श्री हुसैन जामिन, छत्तीसगढ के श्री बी.वी.पांडुरंग राव जो अब बैंगलोर में हैं, और दिल्ली दैनिक जागरण के कार्टूनिस्ट श्री जगजीत राणा को इस वर्ष कार्टून महोत्सव में लाईफ टाईम एचीवमेंट एवार्ड प्रदान किया जायेगा!
इसके अलावा कार्टून विधा को बढावा देने के लिये उल्लेखनीय कार्य करने के लिये विषेश रूप से केरला कार्टून एकेडमी के पूर्व सचिव एवं कार्टूनिस्ट श्री सुधीरनाथ को भी सम्मानित किया जायेगा! इस गाइस कार्यक्रम में प्रदेश के संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेगे !
उल्लेखनीय है कि पूर्व के वर्षों में कार्टून महोत्सव में श्री आर.के.लक्ष्मण, श्री आबिद सुरती, चाचा चौधरी के जनक श्री प्राण, श्री सुधीर दर, श्री राजेन्द्र धोडपकर, श्री एच.एम.सूदन, श्री सुरेश सावंत और श्री श्याम जगोता सहित अनेक कार्टून हस्तियां सम्मानित हो चुकी हैं! इस महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से कार्टूनिस्ट शामिल हो रहे हैं!
कार्टून वाच पत्रिका अपने प्रकाशन के पंद्रहवें वर्ष पर हो रहे इस आयोजन के अवसर पर विषेश अंक का प्रकाशन भी करने जा रही है जिसका विमोचन डा. कलाम के हाथों होगा! इस अंक में इस बार सम्मानित किये जा रहे कार्टूनिस्टों के कार्टून प्रकाशित किये जायेंगे! श्री शर्मा ने बताया कि डा. अब्दुल कलाम कार्टून विधा को बहुत पसंद करते हैं और राष्ट्रपति पद में रहने के दौरान उन्होंने सभी समाचार पत्र के सम्पादकों से अनुरोध किया था कि वे कार्टून को प्रथम पृष्ठ में स्थान दें!
ज्ञातव्य है कि श्री शर्मा दृवारा रचित कार्टून पात्र प्रिंस का विमोचन भी डा. कलाम ने चेन्नई में किया था! कार्टून वाच के विशेष अंक में भी डा. कलाम के कार्टून प्रकाशित किये जायेंगे! कार्टून वाच पत्रिका ने विगत पंद्रह वर्षों में छत्तीसगढ का नाम देश के अलावा विदेशो में भी रोशन किया है!
लंदन में दो सप्ताह इस पत्रिका द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई, सम्पादक त्रिम्बक शर्मा का साक्षात्कार बीबीसी लंदन के हिन्दी रेडियो सेवा से किया गया! श्री शर्मा को नेपाल में आयोजित पांच देशों के कार्टूनिस्टों के सम्मेलन में भी आमंत्रित किया गया! हाल ही में कार्टून वाच ने दिल्ली में पहली बार आयोजित कॉमिक कन्वेंशन में भी देश की एकमात्र कार्टून पत्रिका के रूप में भाग लिया था!



CRIME NEWS......From CHANDIGARH

Chandigarh: Sanjay Pahwa :
Dr. Kumar Shwetanshu Narain R/o Room No. 33, ODH, PGI, Sec. 12, Chandigarh reported that some one has stolen his CBZ M/cycle No. DL-95t-4511, from in front of Goofa Parking, PGI, Chandigarh during the night intervening on 13/14-4-2011. A Case U/S 379 IPC has been registered in P.S. 11, Chandigarh. Police is investigating.
Mrs. Anju R/o SCF No. 13, FF, Sec-19-D, Chandigarh reported that two unknown person occupants of M/cycle who ran away after snatching complainants purse containing Bank Draft worth Rs. 50/- and one cheque worth Rs.5000/- of PNB, from near Palika Bazar, Sec-19, Chandigarh on 25-4-2011. A Case U/S 356/379 IPC has been registered in P.S. 19, Chandigarh. Police is investigating.
Ms. Puja R/o Vill. Kansal, Distt. Mohali reported that Rajinder Sharma R/o # 3406, Sec-38, Chandigarh, who was caught while stealing complainant’s purse containing Rs. 200/- and one I/card, from her Scooter No. HR-51AJ-7159 near Palika Bazar, Sec. 19, Chandigarh on 25-4-2011. Accused was arrested. A Case U/S 379/411 IPC has been registered in P.S. 19, Chandigarh. Police is investigating.
A pedestrian Mohan Lal R/o # 974, Saini Vihar, Baltana was hit by unknown car, in between Hallo Majra to Poultry Farm Chowk on 23-4-2011. He got injuries and admitted in GMCH, Sec-32, Chandigarh. A Case U/S 279/337 IPC has been registered in P.S. 31, Chandigarh. Police is investigating.
Sh. Sunil Kaul R/o # 2293/1, Sec-35-C, Chandigarh reported that some one has stolen four gold bangles, one gold bracelet, one gold mangal sutra, one gold set with earring, one gold coin, 16 gm Gold, five gold chains, three gold pendants, two gold rings, three pair gold earrings, one pair gold ear chain, one camera, one silver key holder, two silver karas and cash Rs.9700/- from his house during the night intervening on 24/25/-4-2011. A Case U/S 380/457 IPC has been registered in P.S. 36, Chandigarh. Police is investigating.
Geeta Ram R/o # 1113, Sec-42-B, Chandigarh alleged that one unknown Motorcyclist ran away after snatching purse from his wife which contains cash Rs. 200/- and one Nokia mobile phone and some documents from Sector- 36/37 D/road on 25-4-2011. A Case U/S 356/379 IPC has been registered in P.S. 36, Chandigarh. Police is investigating.

Monday, April 25, 2011

किरदार से हूं बिल्कुल अलग: निधी माथुर

नई दिल्ली (प्रेमबाबू शर्मा ) :
दिल्ली में जन्मीं निधी माथुर आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। करीब 4 साल से अभिनय जगत में विविधतापूर्ण किरदार निभा चुकी निधी माथुर करीब एक फिल्म व कई धारावाहिक में सशक्त भूमिका निभा चुकी हैं। अपने कॅरियर की शुरूआत के बारे में निधी कहती हैं, शुरूआत में मैंने थिएटर किया, जिसके दौरान कई बड़ी हस्तियों से अभिनय की बारीकियां सीखने को मिली। जिसमें मेरी मां पूनम माथुर जो खुद अच्छी कलाकार है से काफी सीखने को मिला व थिएटर के अन्य कई नामचीन लोगों के साथ अभिनय करके थिएटर में खूब नाम कमाया। कन्या शिशु हत्या, हरित क्रांति, बाल विवाह विषय पर आधारित जैसी 3 शार्ट फिल्मों से मेरी अलग पहचान बनी।,झांसी की रानी धारावाहिक में अपनी भूमिका के बारे में वह कहती हैं, इस इंडस्ट्री में अपने अनुभवों के कारण मुझे झांसी की रानी में वसुधा महारानी नेवलकर का किरदार निभाने में जरा भी दिक्कत नहीं हुई। यह किरदार मेरे दिल के बहुत करीब है। मैंने हमेशा अच्छा काम करने की कोशिश की है और मेरा यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। इस सीरियल से जुड़ने के बारे में निधी कहती हैं, मुझे इतिहास से लगाव रहा है। और जब मुझे धारावाहिक में काम करने का मौका मिला तो मैं चाह कर भी ना नही। मेरे लिए यह एक मौका था इतिहास के किसी किरदार को जीने का। इसके जरिए समाज को एक संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि नारी अबला नही है।
स्टार प्लस धारावाहिक काली में निधी अपने अभिनय के रंग बिखेर रही है । इस धारावाहिक के बारे में वे कहती है कि मुझे इसकी कहानी अलग लगी इसलिए मैंने इसे किया। धारावाहिक सी आई डी,संजोग से बनी संगीनी,सपनों से भरे नैना अधूरा बंधन और बालिका वधु सहित अनेक धारावाहिकों के किरदारों और निधी माथुर में क्या समानता है? इस प्रश्न के जवाब में वह कहती हैं, मैं ग्रेजुएट हूं, सोशल नेटवर्किग करता हूं, समाज सेवा भी मेरे जीवन का लक्ष्य है। इसलिए मैं अपने नकारात्मक किरदार से बिल्कुल अलग हूं।

अपराधियों को सामाजिक बनाने की दिशा में एक कदम

खुशबू(ख़ुशी)इन्द्री :
यूनिवर्सिटी कैम्पस में कंपनियों का रिक्रूटमेंट के लिए आना आम बात है, लेकिन ऐसा बहुत कम ही को मिलता है कि कंपनियाँ भर्ती के लिए जेल पहुँच जाएँ।ऐसा ही कुछ हुआ दिल्ली की तिहाड़ जेल में जहाँ पिछले दिनों कई बड़ी कम्पनियाँ कैदियों को नौकरियां देने के उदेश्य से पहुंची
दिल्ली की तिहाड़ जेल एशिया की सबसे बड़ी जेल है। पिछले हफ्ते 13,000 कैदियों वाली यह जेल किसी यूनिवर्सिटी जैसी लग रही थी, जब यहाँ आठ कंपनियाँ नए कर्मचारियों की तलाश में पहुँची। दो दिन तक इंटरव्यू चले और आखिरकार 40 कैदियों को नौकरियाँ मिल गईं।
जेल नंबर तीन के संदीप भटनागर इन में से एक हैं। 40 वर्षीय संदीप 2006 में मानव बम बनकर बैंक में डाका डालने की कोशिश में अंदर हुए। लेकिन अब सम्मान के साथ बाहर जा रहे हैं। हाथ में नौकरी है।
नौकरी मिलने से संदीप बेहद खुश है, 'मैं पाँच साल से यहाँ हूँ। अभी मेरे मामले की सुनवाई हो रही है। मुझ पर डकैती का मुकदमा चल रहा है। मैंने तीन-चार नौकरियों के लिए इंटरव्यू दिया और उनमें से दो मुझे मिल गईं। यह जानकर अच्छा लग रहा है कि जब मैं यहाँ से बाहर निकलूँगा तो पहले से ही हाथ में कुछ होगा। कम से कम अब मैं अपने भविष्य और अपने परिवार के बारे में सोच सकता हूँ। जेल प्रशासन ने यह बहुत अच्छा काम किया।'
अच्छे बर्ताव वालों को ही नौकरी : संदीप के ब्लॉक से कुछ ही दूर है अमित कुमार झा का ब्लॉक। अमित को अपहरण के आरोप में सात साल की सजा मिली है।
अब नौकरी मिल जाने पर अमित उम्मीद कर रहा है कि वो एक अच्छी जिंदगी बसर कर सकेगा, 'जेल में बैठकर हवाई किले बनाने का कोई फायदा नहीं है, क्योंकि बाहर जाकर जैसा आप चाहते हैं वैसा कुछ भी नहीं हो पाता। लेकिन जब मैंने कैम्पस इंटरव्यू के बारे में सुना तो मैं यकीन ही नहीं कर सका। मेरी सोच बदल गई। मुझे बताया गया था कि केवल वही लोग नौकरी के लिए अर्जी दे सकते हैं, जिनका बर्ताव अच्छा रहा है। जेल प्रशासन नहीं चाहता कि ऐसे लोगों को नौकरियाँ मिले जो दोबारा कोई अपराध कर सकते हैं।'
नौकरी पाने वाले अधिकतर कैदियों ने अपनी पढ़ाई जेल में ही पूरी की है। इनमें से कुछ तो ऐसे भी हैं जो पहले पढ़-लिख नहीं सकते थे और अब उनके हाथ में डिग्री है।
जेल में शिक्षा : इस सबसे बड़ी जेल में इस वक्त बहुत से पड़े लिखे युवा सज़ा काट रहे हैं! जबकि कुछ जेल में रहकर ही अपनी पढाई पूरी कर रहे हैं और उन्हें इसके लिए सहयोग किया जेल अधीक्षक एम् के द्विवेदी का जेल के संगीन अपराधो में संलिप्त इन लोगों को नागरिक बनाने के पीछे एमके दिवेदी की ही मेहनत है। दिवेदी बताते हैं कि किस तरह से इस सपने को साकार करने में सालों लग गए।
वह कहते हैं, 'जब मैं यहाँ सुप्रीटेंडेंट के तौर पर आया था, तब ज्यादातर कैदियों की पढ़ाई में कोई खास दिलचस्पी नहीं थी। तब मैंने सोचा कि जेल के बाहर अगर लोगों को पढ़ने के बाद नौकरियाँ मिलती हैं तो कंपनियाँ यहाँ क्यों नहीं आ सकती। फिर मैंने इस दिशा में काम करना शुरू किया। मुझे अपने स्टॉफ और कैदियों से पूरा समर्थन मिला। मैंने इस पर ध्यान दिया कि उन्हें अच्छी शिक्षा मिल सके। फिर हमने जानकारों से पता करना शुरू किया कि कंपनियों को किस चीज की तलाश होती है। अंत में हमने कंपनियों से संपर्क किया, उन्होंने भी रुचि दिखाई और हमें सफलता हासिल हुई।'
पहले इंटरव्यू की सफलता को देखते हो दिवेदी ने अभी से दूसरे राउंड की तैयारियाँ भी शुरू कर दी हैं। वो उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार और भी कैदियों को नौकरियाँ मिल सकेंगी। इस तरह की पहल से तिहाड़, जेल से बढ़कर एक ऐसी जगह बन गई है जहाँ बिगड़े हुए लोग अंदर जाते हैं और उनमें से कई जब बाहर निकलते हैं तो एक पढ़े-लिखे और जिम्मेदार नागरिक होते हैं। अगर इस दिशा में और भी लोग सहयोग करें तो देश की विभिन्न जेलों में कैद समाज की मुख्य धारा से कट चुके कैदियों को एक सम्मान भरी जिन्दगी दी जा सकती है!

CM CALLS UPON MEDIA TO PLAY A CONSTRUCTIVE ROLE

Punjab Chief Minister Mr. Parkash Singh Badal presented a memento to President Chandigarh Press Club Mr. Naveen S Grewal on the installation ceremony of the newly elected team of the press club for 2011 at Chandigarh
CM CALLS UPON MEDIA TO PLAY A CONSTRUCTIVE ROLE

Chandigarh : Sanjay Pahwa :-

Punjab Chief Minister Mr. Parkash Singh Badal called upon the media to play a constructive role in the process of nation building. Presiding over an installation ceremony of the newly elected team of the press club for 2011, Mr. Badal wished all the office bearers of the new team a happy and a meaningful term. Lauding the role of media in exposing the recent scams of Common Wealth Games, Adarsh Housing, 2G Spectrum etc., Mr. Badal further asked the media persons to perform their duties with far more dedications, sincerity and professional commitment. He said press being the forth pillar of the democracy had an added responsibility to expose the scandals and scams prevailing in the society. Showing deep concern over the ramped corruption in the prevailing system, Mr. Badal urged the media to play a pro active role in bringing awareness amongst the people about their rights and duties in the society. He how ever said that media should also focus on the development activities aimed at the welfare of the people rather highlighting the in significant events.

On the occasion the Chief Minister also presented memento to the office bearers of the newly elected and outgoing team. Prominent among other who were present on the occasion included president of the press club Naveen S Grewal and Secretary General Nalin Acharya.

Sunday, April 24, 2011

पंचायत ने महिलाओं की नौकरी पर लगाई पाबंदी


खुशबू (ख़ुशी), इन्द्री :
भले ही आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी कामयाबी का परचम लहरा रही हैं लेकिन आज भी उन्हें समाज के कुछ निराशावादी लोगों की छोटी सोच का शिकार होना पड़ता है| आज भी देश की कई जातीय पंचायतें महिलाओं की स्वतन्त्रता पर आये दिन कोई न कोई प्रतिबन्ध लगती रहती हैं| हरिद्वार सर्वोच्च न्यायालय के तमाम आदेशों के बावजूद देश में इन जातीय पंचायतों की निरंकुशता बढ़ती ही जा रही है। ताजा मामला हरिद्वार के सराय गांव का है, जहां मुस्लिम बिरादरी की पंचायत ने महिलाओं के नौकरी करने पर पाबंदी लगाने फरमान सुना डाला। आदेश न मानने पर 5100 रुपये जुर्माना और पांच कोड़े की सजा भी मुकर्रर करने के साथ इमामबाड़े के लाउडस्पीकर से मुनादी भी करा दी गई। दो दिन पहले गडोवाली गांव में पंचायत ने महिलाओं के अकेले नौकरी पर जाने पर पाबंदी लगा दी थी। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि किसी को भी कानून से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। शिकायत मिली तो कार्रवाई की जायेगी।
हरिद्वार जिला मुख्यालय से सटे सराय गांव में मंगलवार रात इमामबाड़े में मुस्लिमों की पंचायत हुई, जिसमें ग्राम पंचायत के चुने हुए प्रतिनिधियों के अलावा पांच बिरादरियों के करीब एक हजार लोग शामिल हुए। लंबी तकरीर के बाद पंचायत ने गांव की युवतियों और महिलाओं के काम करने पर रोक लगाने का फरमान सुना दिया। समाज के अलंबरदारों की ओर से तर्क दिया गया कि महिलाओं के काम पर जाने से गांव का माहौल बिगड़ रहा है। कुछ दिन पहले एक युवती दूसरे समुदाय के युवक के साथ चली गई थी। इससे पूरे समाज पर असर पड़ रहा है। पंचायत के फैसले के बाबत रात ही गांव में मुनादी करा कर इस पर अमल करने के निर्देश दिए गए। करीब 14 हजार की आबादी वाले सराय गांव में आधी आबादी महिलाओं की है। यहां की करीब 60 महिलाएं सिडकुल की विभिन्न कंपनियों में काम करने जाती हैं। पंचायत के फरमान के बाद अधिसंख्य कामकाजी महिलाएं महिलाएं घरों में कैद होकर रह गई है। इस बारे में बात करने पर हरिद्वार के अपर जिलाधिकारी एस एन पांडेय ने कहा, बिरादरी की पंचायत में दिए गए तुगलकी फरमान को गंभीरता लिया जा रहा है। किसी भी हालत में कानून से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। प्रभारी पुलिस कप्तान रोशनलाल शर्मा का कहना है कि अभी उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है, नौकरी पर जाने से जबरन रोकने की दशा में हस्तक्षेप किया जाएगा।अब यहाँ एक सवाल यह उठता है कि महिलाओं की स्वतंत्रता पर प्रतिबन्ध लगाने का अधिकार इन जातीय पंचायतों को किसने दिया|आखिर क्यों कुछ लोग अपनी सोच महिलाओं पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं|बहुत गम्भीर समस्या है ये |रोकना होगा इन जातीय पंचायतों को |

मासूम की आँखों में कैद हुए गर्भवती माँ और युवा बहन के कातिल


 

Saturday, April 23, 2011

स्स्स्सस्स्स्स........कुछ तो है??? मुज़फ्फरनगर का पीपली लाइव




 

पृथ्वी दिवस

आज पृथ्वी दिवस है। यदि यह खबर अखबारों में नहीं छपती तो शायद ही किसी को याद भी आता! जागरूकता जगाने से पहले याद दिलाने की जिम्मेदारी भी समाचार माध्यमों को ही उठाना प़ड़ती है। क्योंकि दुनिया भर में हर साल 22 अप्रैल को मनाया जाने वाला पृथ्वी दिवस अब महज औपचारिकता से ज्यादा कुछ नहीं बचा!
पृथ्वी बहुत व्यापक शब्द है जिसमें जल, हरियाली, वन्यप्राणी, प्रदूषण और इससे जु़ड़े अन्य कारक भी हैं। धरती को बचाने का आशय है इसकी रक्षा के लिए पहल करना। न तो इसे लेकर कभी सामाजिक जागरूकता दिखाई गई और न राजनीतिक स्तर पर कभी कोई ठोस पहल की गई। दरअसल पृथ्वी एक बहुत व्यापक शब्द है, इसमें जल, हरियाली, वन्यप्राणी, प्रदूषण और इससे जु़ड़े अन्य कारक भी शामिल हैं।
धरती को बचाने का आशय है इन सभी की रक्षा के लिए पहल करना। लेकिन इसके लिए किसी एक दिन को ही माध्यम बनाया जाए, क्या यह उचित है? हमें हर दिन को पृथ्वी दिवस मानकर उसके बचाव के लिए कुछ न कुछ उपाय करते रहना चाहिए।

जब पूरी दुनिया 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाती है, अमेरिका में इसे वृक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है। पहले पूरी दुनिया में साल में दो दिन (21 मार्च और 22 अप्रैल) पृथ्वी दिवस मनाया जाता था। लेकिन 1970 से 22 अप्रैल को मनाया जाना तय किया गया।
21 मार्च को मनाए जाने वाले 'इंटरनेशनल अर्थ डे' को संयुक्त राष्ट्र का समर्थन है, पर इसका महत्व वैज्ञानिक तथा पर्यावरणीय ज्यादा है। इसे उत्तरी गोलार्ध के वसंत तथा दक्षिणी गोलार्ध के पतझ़ड़ के प्रतीक स्वरूप मनाया जाता है। 22 अप्रैल को ही विश्व पृथ्वी दिवस मनाए जाने के पीछे अमेरिकी सीनेटर गेलार्ड नेल्सन रहे हैं। वे पर्यावरण को लेकर चिंतित रहते थे और लोगों में जागरूकता जगाने के लिए कोई राह बनाने के प्रयास करते रहते थे।
इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि पृथ्वी दिवस को लेकर देश और दुनिया में जागरूकता का भारी अभाव है! सामाजिक या राजनीतिक दोनों ही स्तर पर इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए जाते। कुछ पर्यावरण प्रेमी अपने स्तर पर कोशिश करते रहे हैं, किंतु यह किसी एक व्यक्ति, संस्था या समाज की चिंता तक सीमित विषय नहीं होना चाहिए! सभी को इसमें कुछ न कुछ आहुति देना पड़ेगी तभी बात बनेगी।
पृथ्वी के पर्यावरण को बचाने के लिए हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, तो कम से कम इतना तो करें कि पॉलिथीन के उपयोग को नकारें, कागज का इस्तेमाल कम करें और रिसाइकल प्रक्रिया को बढ़ावा दें! क्योंकि जितनी ज्यादा खराब सामग्री रिसाइकल होगी, उतना ही पृथ्वी का कचरा कम होगा।

- खुशबू(ख़ुशी), इन्द्री

Thursday, April 21, 2011

Holding of SHANTIGOSHTHI AT Jantar Mantar

Holding of SHANTIGOSHTHI AT Jantar Mantar , New Delhi by the All India Association of Central Excise Gazetted Executive Officers in view of stagnation and serious Pay erosion .
 
New Delhi / Chandigarh : Sanjay Pahwa :
Shri A. K. Sharma , President of the All India Association of Central Excise Gazetted Executive Officers ( Chandigarh Zone , comprising of Punjab, Himachal Pradesh, Jammu & Kashmir and Chandigarh) informed the Press that the Superintendents of Central Excise numbering around 12000 , the highest number of Group – B Gazetted Executive Officers in any of the departments under the Central Government are suffering from prolonged stagnation , financial degradation due to pay erosions and social humiliation in officio- social hierarchy due to in responsive attitude of Central Board of Excise & Customs , New Delhi .
He further informed that most of the Superintendents , who join as Inspector of Central Excise are retiring from the post of Superintendent after only one promotion in their service of 33- 35 years in comparison to the IRS Officers and Ministerial Staff in the same department of CBEC , who get 4 to 5 promotions . In CBDT under the same Ministry the officer recruited as Inspectors are retiring after 4-5 promotions , which goes up to the level of Additional Commissioner , even 3 officers have already been promoted as Commissioners and 17 are on the verge of promotion to the same rank . Shri A. K. Sharma , President of the Association also informed thePres that these issues were raised earlier too and peaceful dharna was held at Jantar Mantar on 30-11-2009 and Memorandum to this effect was given to P.M.O. All India Association of Central Excise Gazetted Executive Officers met the Finance Minster Shri Pranab Mukerjee and apprised him off the grave situation . The issue was even raised in the Parliament by Shri Manish Tewari , Member of Parliament and even many senior Members of Parliament vouched for this and strongly crecommended for necessary rectification for optimum utilization of human resources and human capital available . But the CBEC is doing a disservice to the nation by underutilizing it’s resources . IRS officers of CBEC have already benefited themselves at par with the IRS in CBDT , but are using dilatory tactics when it comes to the cadre  of Superintendents / Inspectors of Central Excise and perpetuating the problem by cosmetic promises . He said that as a result , the officers are now burning in the fire of discontent .
Shri Boota Singh, General Secretary of the Association informed the media that All India Association of Inspectors have also joined hands with them on the issue and shall be present in the SHANTIGOSHTHI to be held at Jantar Mantar on 20-4-2011 . Confederation of All India Govt. Employees is also observing programme on this day ; Other constituents staff Associations under JAC would also take part in the programme . Three buses carrying around 150 officers of Chandigarh Zone shall leave for New Delhi at 5.00 a.m. on 20-4-2011 from the Office of Central Excise at Dandi Swami and the remaining officers posted in the offices of Chief Commissioner/ Commissioners would also stage Peaceful Dharna , through out the country on the same day to knock at their doors , so that the Adminstration may arrive , awake , act fast at last and stop making paper efforts by really acting & reacting effectively in the time bound manner .

Tuesday, April 19, 2011

मुज़फ्फरनगर में महिला की निर्ममता से पिटाई

अमित सैनी, मुज़फ्फरनगर :
मुज़फ्फरनगर में एक महिला की निर्ममता से पिटाई की गयी! महिला पर आरोप है कि वो खुद जहा वेश्यावृत्ति में लिप्त है, वही मोहल्ले की अन्य महिलाओ को भी इस धंधे में शामिल करना चाहती है! जिसके परिणाम सवरूप इसकी बर्बरता पूर्वक पिटाई की गयी!
महिला की पिटाई के लाइव विजुअल देखने के लिए यहाँ क्लिक करे दरअसल मुज़फ्फरनगर के कुकड़ा में सुनीता नमक इस महिला पर वेश्यावृत्ति करने का आरोप है, जिसका सभी मोहल्ले वाले विरोध करते है और अन्य महिलाओ को भी इस धंधे में धकेलना चाहती है! जिसके चलते मंगलवार की सुबह वो अपने ग्राहकों को लेकर पडोसी महिला के घर में घुस गयी और डरा-धमकाने लगी, जीको लोगो ने मौके पर ही पकड़ लिया और जमकर पिटाई की गयी !
सूचना पर मौके पर पहुची जेंट्स पुलिस आरोपी महिला को पकडकर अपने साथ ले जाने लगी, जिसका मोहल्ले वालो ने जमकर विरोध किया! महिलाये चाहती थी कि आरोपी महिला को महिला पुलिसकर्मी लेकर जाये, लेकिन मुज़फ्फरनगर पुलिस ने उनकी एक नही सुनी और जबदस्ती आरोपी महिला को जीप में डालकर ठाणे ले गये! हालाकि महिलाओ ने आरोपी महिला को छिनने कर प्रयत्न किया, लेकिन पुलिस ने उनको धक्का देकर पीछे हटा दिया और आरोपी महिला को लेकर भाग खड़े हुए!
ठाणे में ले जाने के बाद आरोपी महिला को पुलिस ने ठाणे के बाहरी हिस्से में लिटा दिया, जो कि घंटो तक इसी तरह जमीन पर लेती रही ! किसी भी पुलिस वाले ने उसकी सुध तक नही ली! इस सम्बन्ध में जब पुलिस के आलाधिकारियो से बाद करनी चाही तो उन्होंने इस सम्बन्ध में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया !

Monday, April 18, 2011

सरपंच के पक्ष में एसोसिएशन लामबंद

करनाल, विजय काम्बोज :
बजीदा जाटान की विवादित पंचायती जमीन से गेहूं की फसल काटने के लिए हुए संघर्ष में सरपंच के पक्ष में एसोसिएशन लामबंद हो गई है। खंड की सरपंच एसोसिएशन ने प्रशासनिक अधिकारियों और एसपी से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा है कि अगर इसी तरह पंचायती जमीन के लिए पुलिस की मौजूदगी में सरपंच पिटते रहे, तो गांव के विकास करने में बाधा आएगी। गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
सिरसी के ग्रामीणों ने रविवार को डीएसपी सहित पांच पुलिसकर्मियों पर पथराव किया था। उसमें बजीदा जाटान के सरपंच अशोक कुमार सहित कई पंच और ग्रामीण चोटिल हुए थे। विवादित जमीन से गेहूं की फसल काटने वाले सिरसी के ग्रामीणों ने पुलिस को दौड़ाकर पीटा था।
सरपंच अशोक कुमार पर किए गए हमले के विरोध में खंड सरपंच एसोसिएशन ने एसपी राकेश आर्य से मुलाकात की। एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव शर्मा, दरड़ के सरपंच सोमनाथ, वीरभान सोलंकी, सुरेंद्र रुकनपुर, सुरेंद्र कलवेहड़ी, सुरेंद्र रिंडल, ग्रामीण हरपाल चंदेल, राज सिंह चौहान, पूर्णचंद डबरी आदि ने एसपी से गुहार लगाई कि इस तरह अगर उन पर हमले होते रहे, तो विकास कार्यो में बाधा आएगी और साथ ही गांव में माहौल बिगड़ेगा।
एसोसिएशन के सदस्यों में इस बात पर रोष था कि हमला करने के बावजूद आरोपी खुलेआम चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। एसपी राकेश आर्य ने आश्वासन दिया कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। किसी को भी कानून को हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
पथराव में जख्मी हुए डीएसपी राजेश भारद्वाज और पुलिसकर्मियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। गांव में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

पांच आरोपियों को जेल भेजा

पुलिसकर्मियों और सरपंच पर पथराव करने के मामले में पुलिस ने तीन महिलाओं सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनमें रघुबीर सिंह, विजय, कविता, अनीता और उषा शामिल हैं। पकड़े गए पांचों आरोपियों को सोमवार इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पांचों को जेल भेजने के आदेश दिए हैं। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दिए हुए है।

एसपी ने पूछा जख्मी पुलिसकर्मियों का हाल

बजीदा जाटान की विवादित जमीन पर पथराव में घायल हुए डीएसपी राजेश भारद्वाज सहित पांच पुलिसकर्मियों का एसपी राकेश आर्य ने हाल जाना। दो माह के कोर्स से लौटने के बाद एसपी राकेश आर्य सोमवार आते ही पुलिसकर्मियों का कुशलक्षेम जानने पहुंचे

शिक्षा के क्षेत्र में उन्नत करना हमारा कर्म :शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल

करनाल,विजय काम्बोज :
शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में उन्नत करना हमारा कर्म और धर्म होना चाहिए। बिना शिक्षा के समाज तथा देश का विकास नहीं हो सकता। भुक्कल ने सीएचडी सिटी में स्थित द मिलेनियम स्कूल के उद्घाटन पर यह विचार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि मिलेनियम स्कूल इस क्षेत्र में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए लोगों की आकाक्षाओं पर खरा उतरेगा। इससे पहले भी देश के अन्य शहरों में 12 स्कूल मिलेनियम नाम से चलाए जा रहे हैं। वे सभी स्कूल 21वीं सदी के विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हे आधुनिक शिक्षा मुहैया करा रहे है। उन्होंने सभी स्कूलों में मिलेनियम लर्निग सिस्टम को अपनाया है। ऐसे स्कूलों में किताबों के बोझ को दूर कर स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन मुहैया कराई जाती है। इससे बच्चा शिक्षा के क्षेत्र में यूनिक बनता है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी प्रदेश में शिक्षा को हब के रूप में विकसित कर रही है। इसके परिणाम स्वरूप शिक्षा को प्रदेश में और अधिक विकसित करने के लिए सबसे च्यादा खर्च करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मंशा है कि प्रदेश के हर बच्चे को उच्च शिक्षा मिले।प्रदेश में इजीनियरिग, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार वर्तमान सरकार की देन है। स्कूल के मैनेजिंग कमेटी के सदस्य कुणाल भादू ने कहा कि स्कूल का मकसद है कि बच्चों के दिलो दिमाग में जीवन मूल्यों का समावेश हो। यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में समाज को नई दिशा दे सके, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। स्कूल के अध्यक्ष रवि पिल्ले ने अतिथियों का आभार जाहिर किया।
इस मौके पर बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष आशा हुड्डा, विधायक सुमिता सिंह, पानीपत के उपायुक्त जेएस अहलावत, मोनू हुड्डा, स्कूल के निदेशक एससी बवेजा, रीटा कोल, मुख्याध्यापक लता तेजपाल, एसएससी के सदस्य रामशरण भोला, नीलम शर्मा, काग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नरवाल, काग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, एडवोकेट राजेश चौधरी आदि मौजूद थे।

आरक्षण नहीं मिला तो होगा चक्का जाम

करनाल, विजय काम्बोज :
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्नल ओपी सिंधु ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने जाटों को ओबीसी के तहत आरक्षण देने के लिए छह महीने का समय मुकर्रर किया है। यदि इस दौरान जाटों के साथ छलावा किया गया, तो 2 अक्टूबर से आंदोलन का बिगुल बजा दिया जाएगा। पूरे उत्तर भारत में चक्का जाम किया जाएगा और दिल्ली की बिजली, पानी, दूध और सब्जी आपिूर्ति बंद की जाएगी। इसके लिए आम जनता को जो परेशानी होगी, उसकी जिम्मेदार केंद्र और प्रदेश सरकार होगी।
ओपी सिंधु ने सेक्टर 12 स्थित जाट भवन में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सरकार ने 25 सितंबर तक का समय मांगा है। उसके बाद यदि जाटों को आरक्षण नहीं दिया, तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय ने आरक्षण के मुद्दे पर शांतिप्रिय ढंग से आंदोलन किया है। जाट समाज को केवल 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण में प्रवेश करना है, जिसके अधिकार से उन्हें वंचित किया गया। यह हक उन्हें जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन ने दिया था। उन्होंने कहा कि वे दूसरी किसान जातियों और गरीबों को आरक्षण का समर्थन करते हैं। कुछ लोग राजनीतिक चमकाने के लिए जाट आरक्षण के विरुद्ध उल्टे-सीधे बयान कर रहे हैं। ऐसे तत्वों का दुष्प्रचार तर्कहीन तथा राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट से अपील की कि जाट समुदाय के विरुद्ध किसी भी याचिका पर सुनवाई के साथ उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दे। इस मौके पर रघुवीर सिंह राणा, रणधीर सिंह गहल्याण, सतबीर सिंह भनवाला, शमशेर सिंह संधू, रामधारी नरवाल, जयपाल संधू, बलबीर सिंह पूनिया आदि मौजूद थे।



दुर्घटना में 12 लोगो की मौत

मुज़फ्फरनगर, अमित सैनी :
मुज़फ्फरनगर बस और ट्रक की जोरदार भिडंत में बारह लोगो की मौत हो गयी !और दो दर्जन से ज्याद लोग घायल हो गए जिन्हें नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया ! घटना उस समय हुई जब एक डग्गा मार बस यात्रियों को लेकर कैराना से गंगोह (सहारनपुर ) जा रही थी ! तभी सामने से रेत से भरे हुए एक ट्रक ने बस को सामने से जोरदार टक्कर मार दी जिस से बस चकना चूर हो गयी !
और बसमे बैठे दस लोगो की मोके पर ही दर्द नाक मौत हो गयी और दो दर्जन से जादा लोग घायल हो गए ! ग्रामीणों और मके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया ! घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है !
जनपद मुज़फ्फरनगर में सोमवार का दिन कला साबित हो गया जब दोपहर एक बजकर तिस मिनट पर कैराना कसबे से एक डग्गा मार बस ७० सवारियों को लेकर गंगोह के लिए रवाना हुई ! लेकिन बस गंगोह पहुचने से पहले ही कैराना और शामली के बिच भूरा कंडेला (गाँव ) के नजदीक दुर्घटना का शिकार हो गयी ! शामली की और से आरहे एक ट्रक ने बस को सामने से जोरदार टक्कर मार दी जिसे ट्रक और बस चकना चूर हो गए ! टक्कर इतनी भयंकर थी की पास के खेतो में काम कर रहे ग्रामीण घटना स्थल पर आगये और बस में फसे लोगो को निकालने लगे ! इस दर्दनाक हादशे में दस लोगो की मौत हो गयी दो बच्चे और पांच महिलाये है ! मर्ताको के सवो को जिला चिकित्सालय भिजव दिया गया है ! पुलिस के आला अधिकारियो ने मौके पर जा कार मर्ताको और घायलों के परिजनों को धेर्य बनाये रखने और सरकार की और से मुआवजा देने की बात कही है ! इस घटना से पुरे छेत्र में गम का माहोल बना हुआ है ! पुलिस दुर्घटना का कारन तेज रफ़्तार और ओवर लौड़ होने की बात कह रही है !


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