SAMACHAR TODAY LIVE TV

http://samacharcloud.purplestream.in/samachar/samachar2-live.smil/playlist.m3u8

Monday, April 18, 2011

आरक्षण नहीं मिला तो होगा चक्का जाम

करनाल, विजय काम्बोज :
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्नल ओपी सिंधु ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने जाटों को ओबीसी के तहत आरक्षण देने के लिए छह महीने का समय मुकर्रर किया है। यदि इस दौरान जाटों के साथ छलावा किया गया, तो 2 अक्टूबर से आंदोलन का बिगुल बजा दिया जाएगा। पूरे उत्तर भारत में चक्का जाम किया जाएगा और दिल्ली की बिजली, पानी, दूध और सब्जी आपिूर्ति बंद की जाएगी। इसके लिए आम जनता को जो परेशानी होगी, उसकी जिम्मेदार केंद्र और प्रदेश सरकार होगी।
ओपी सिंधु ने सेक्टर 12 स्थित जाट भवन में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सरकार ने 25 सितंबर तक का समय मांगा है। उसके बाद यदि जाटों को आरक्षण नहीं दिया, तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय ने आरक्षण के मुद्दे पर शांतिप्रिय ढंग से आंदोलन किया है। जाट समाज को केवल 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण में प्रवेश करना है, जिसके अधिकार से उन्हें वंचित किया गया। यह हक उन्हें जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन ने दिया था। उन्होंने कहा कि वे दूसरी किसान जातियों और गरीबों को आरक्षण का समर्थन करते हैं। कुछ लोग राजनीतिक चमकाने के लिए जाट आरक्षण के विरुद्ध उल्टे-सीधे बयान कर रहे हैं। ऐसे तत्वों का दुष्प्रचार तर्कहीन तथा राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट से अपील की कि जाट समुदाय के विरुद्ध किसी भी याचिका पर सुनवाई के साथ उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दे। इस मौके पर रघुवीर सिंह राणा, रणधीर सिंह गहल्याण, सतबीर सिंह भनवाला, शमशेर सिंह संधू, रामधारी नरवाल, जयपाल संधू, बलबीर सिंह पूनिया आदि मौजूद थे।



दुर्घटना में 12 लोगो की मौत

मुज़फ्फरनगर, अमित सैनी :
मुज़फ्फरनगर बस और ट्रक की जोरदार भिडंत में बारह लोगो की मौत हो गयी !और दो दर्जन से ज्याद लोग घायल हो गए जिन्हें नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया ! घटना उस समय हुई जब एक डग्गा मार बस यात्रियों को लेकर कैराना से गंगोह (सहारनपुर ) जा रही थी ! तभी सामने से रेत से भरे हुए एक ट्रक ने बस को सामने से जोरदार टक्कर मार दी जिस से बस चकना चूर हो गयी !
और बसमे बैठे दस लोगो की मोके पर ही दर्द नाक मौत हो गयी और दो दर्जन से जादा लोग घायल हो गए ! ग्रामीणों और मके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया ! घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है !
जनपद मुज़फ्फरनगर में सोमवार का दिन कला साबित हो गया जब दोपहर एक बजकर तिस मिनट पर कैराना कसबे से एक डग्गा मार बस ७० सवारियों को लेकर गंगोह के लिए रवाना हुई ! लेकिन बस गंगोह पहुचने से पहले ही कैराना और शामली के बिच भूरा कंडेला (गाँव ) के नजदीक दुर्घटना का शिकार हो गयी ! शामली की और से आरहे एक ट्रक ने बस को सामने से जोरदार टक्कर मार दी जिसे ट्रक और बस चकना चूर हो गए ! टक्कर इतनी भयंकर थी की पास के खेतो में काम कर रहे ग्रामीण घटना स्थल पर आगये और बस में फसे लोगो को निकालने लगे ! इस दर्दनाक हादशे में दस लोगो की मौत हो गयी दो बच्चे और पांच महिलाये है ! मर्ताको के सवो को जिला चिकित्सालय भिजव दिया गया है ! पुलिस के आला अधिकारियो ने मौके पर जा कार मर्ताको और घायलों के परिजनों को धेर्य बनाये रखने और सरकार की और से मुआवजा देने की बात कही है ! इस घटना से पुरे छेत्र में गम का माहोल बना हुआ है ! पुलिस दुर्घटना का कारन तेज रफ़्तार और ओवर लौड़ होने की बात कह रही है !


विजुअल के लिए सम्पर्क कर सकते है!


स्वास्थ्य की देखभाल को रहें गंभीर : सुमिता सिंह

करनाल ,विजय काम्बोज
विधायक सुमिता सिंह ने कहा कि कोई भी बीमारी लाइलाज नहीं होती। यदि समय पर उसका उपचार किया जाए। विधायक ने मॉडल टाउन स्थित श्रीगुरू सिंह सभा चेरीटेबल डिस्पेंसरी व पैथ लैब एवं मैडंटा द मैडीसिटी गुड़गाव के सौजन्य से आयोजित फ्री मेडिकल कैंप में विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को बीमारी से बचने के लिए अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि खानपान व रहन-सहन सही है तो बीमारियों से दूर रहेगे। उन्होंने कहा कि समाज में विभिन्न संस्थाओं की ओर से जरूरतमंद लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाती है जो समाजसेवा के साथ-साथ पुण्य का कार्य भी है। डॉ. गगनदीप सिंह, यूरोलॉजिस्ट डॉ. एनपी गुप्ता व नीरोलॉजिस्ट डॉ. आत्माराम बंसल ने भी विभिन्न बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिविर में करीब 200 मरीजों ने अपने स्वास्थ्य की जाच कराई। सिंह सभा ने चिकित्सकों व अतिथियों को सरोपे भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. वंदना भाटिया, सरदार त्रिलोचन सिंह, ऊषा गाबा, डॉ. महेश तोमर, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार टीपी सिंह, एसपीएस पसरीचा, डॉ. कुलवंत सिंह, गुरजीत सिंह, सरदार अमरजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, मोहन सिंह नरूला, इंद्रपाल सिंह व अमरीक सिंह चोपड़ा उपस्थित थे

सिंधी समाज पुरस्कार से सम्मानित हुई हस्तियां

नई दिल्ली, ( प्रेमबाबू शर्मा )
स्वतंत्रता आदोलन में सिंधी समाज का बहुत बडा योगदान रहा है। वर्तमान में देश की प्रगति में भी सिंधी समाज अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उक्त विचार सांसद व प्रदेश काग्रेस अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल ने भगवान झूलेलाल जयंति व सिंधी नववर्ष पर आयोजित चेटी मेले में व्यक्त किये ।
समारोह का आयोजन सिंधी जागृति सभा द्वारा पंजाबी बाग स्टेडियम में हुआ किया । इस मौके पर सांसद महाबल मिश्रा ,दिल्ली सरकार में मंत्री रमाकांत गोस्वामी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों को सिंधी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। के अलावा मोहन मखीजानी को सिंधु रत्न व मंगू एफ अहुजा को लाईफ टाईम अचिवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर संस्था से जुडे पदाधिकारी एल.डी.शाहदादपुरी,कैलाशबालानी,मनोहर बलवानी,गोपीचंद रघुवानी,विजय मंघानी,प्रेम रेहजा देव आनंद, व डी.के.आर्य भी मौजूद थे। धार्मिक कार्यक्रम साय 5 बजे यूजी रोहिरा के दीप प्रज्जवलित से शुरू होकर रात 11 बजे तक चला। जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताए, सिधीं बाजार ,सिधीं झांकियां,सिधीं प्रदर्शनी, बहराणा साहिब,छेज,होजामालो व शहनाई वादन आकर्षण का केन्द्र रही। इस मेले में सिंधी पंरपंरा के अनुसार चार और पांच पीढियों वाले परिवारों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सिंधी जागृति सभा के चैयरमेन कैलाश बालानी व जनरल सैकट्री गोपीचंद रधुवानी ने उपस्थित सिंधी समाज के लोगों को सिधीं नववर्ष की वधाई दी। संस्था के अध्यक्ष मनोहर बलवानी ने कहा कि पंजाबी बाग स्टेडियम में चेटी मेले आयोजन विगत 11 सालों से हो रहा है। मेला मे सास्कृतिक संध्या में लोकगीत संगीत व नृत्य के माध्यम से चित्रा तगलानी ग्रुप( आदिपुर ) मंगाराम म्युजिकल ग्रुप (अजमेर) के अलावा अमित जयसिंघानी ( 786 डांस अकादमी दिल्ली ) के सिंधी कलाकार कलाकार प्रस्तुति दी। इस साल मेले में करीबन पचास हजार श्रद्वालुओं ने भाग लिया था अंत में रोटचटनी प्रसाद का वितरण हुआ।



प्रदेश में अधिकांश हिस्से में आंधी के साथ ओलावृष्टि

करनाल ,विजय काम्बोज
मौसम ने रविवार को फिर विकराल रूप दिखाया। प्रदेश में अधिकांश हिस्से में आंधी के साथ ओलावृष्टि और बारिश होने से फसलों की शामत आ गई। खलियानों में रखी फसलों के अलावा अनाज मंडियों में लाखों क्विंटल गेहूं भीग गया। आंधी से हजारों पेड़ गिर गए और भूसा उड़ गया। सबसे ज्यादा नुकसान करनाल में हुआ है। गर्मी की बेलवाली फसलों को भी ओले गिरने से नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने अनाज मंडियों का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया।



करनाल में आंधी के साथ ओलावृष्टि व बारिश ने पकी फसलों को तहस-नहस कर दिया। जिले में हजारों एकड़ गेहूं, सब्जी व चारे की फसलों को नुकसान हुआ है। आंधी काटी गई गेहूं की फसल के अलावा भूसे को भी उड़ा ले गई। इससे फसल कटाई का सारा कार्य थम गया है। असंध व निसिंग क्षेत्र में आंधी से हजारों पेड़-पौधे गिर गए। इसके अलावा खीरा, करेला, भिंडी, टिंडा, तोरी, घीया, कद्दू, तरबूज व खरबूज की फसलें करीब 90 प्रतिशत तक खराब हो गई। प्याज व लहसुन को भी नुकसान हुआ है। पानीपत में करीब 20 मिनट तक हुई बारिश से मंडियों के साथ खलियानों में पड़ी फसलें खराब हो गई। झज्जर के बेरी में करीब पांच-सात मिनट तक ओले गिरने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। बहादुरगढ़ के सौलधा गाव का किसान महाबीर (60) रविवार की सुबह अपने खेतों की ओर जा रहा था। इसी दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गेहू की कटाई से लेकर थ्रेसिंग, ढुलाई तक सब कुछ बाधित हो गया है। रोहतक में हल्की बूंदाबांदी और ओले गिरने से फसलों को लेकर किसान की धड़कनें तेज हो गई हैं। जींद में बारिश के कारण सरसों और गेहूं की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मंडियों में खुले में रखी लाखों टन गेहूं की बोरियां भीग गई है। यही नहीं करीब तीन मिनट तक हुई ओलावृष्टि से खेतों में पककर तैयार फसलों को नुकसान हुआ है। कुरुक्षेत्र में भी वर्षा से फसलों को काफी क्षति हुई है। मंडियों में रखा गेहूं गीला हो गया। यमुनानगर में रविवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होने से फसलें प्रभावित हुई हैं। गेहूं और सरसों के अलावा बेल वाली फसलों खरबूज, तरबूज, घीया, करेला और तोरई को भी नुकसान हुआ है। कैथल में बरसात से काफी नुकसान की खबर है। मंडियों में रखा करीब सवा तीन लाख क्िवटल गेहूं गीला हो गया है। जिले में पांच एमएम वर्षा हुई है।

फसल काटने को लेकर सिरसी के ग्रामीणों ने प्रशासनिक अमले पर हमला

करनाल ,विजय काम्बोज :
बजीदा जाटान की विवादित पंचायती जमीन से गेहूं की फसल काटने को लेकर सिरसी के ग्रामीणों ने प्रशासनिक अमले पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों ने पथराव करते हुए पुलिस को मौके से खदेड़ दिया तो साथ ही पुलिस की तीन गाड़ियां तोड़ डाली। पथराव से डीएसपी सहित पांच पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं जबकि बजीदा जाटान के सरपंच, दो पंच सहित दोनों गांवों के 16 लोग जख्मी हुए हैं। जख्मी पुलिसकर्मियों को ट्रामा सेंटर भर्ती कराया गया है। डीएसपी राजेश भारद्वाज को अधिक चोट आने के कारण निजी अस्पताल में उपचार दिलाया जा रहा है। पुलिस ने सिरसी के ग्रामीणों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।
बजीदा रेलवे स्टेशन के समीप पंचायत की 24 एकड़ जमीन को लेकर पिछले कई साल से सिरसी के ग्रामीणों के साथ विवाद चल रहा है। ग्रामीण इस जमीन पर अपना मालिकाना हक जता रहे हैं, जबकि पंचायत ने कागजात के आधार पर पंचायती जमीन होने का दावा किया था। सरकारी आदेशों के अनुसार ही पिछले माह 12 एकड़ जमीन पर पंचायत ने कब्जा ले लिया था। शेष 12 एकड़ जमीन पर गेहूं की फसल खड़ी है।
रविवार की सुबह सिरसी के ग्रामीण जब फसल काट रहे थे तो प्रशासन व पंचायत को इसकी भनक लग गई। बीडीपीओ प्रितपाल सिंह व गांव के सरपंच अशोक कुमार पंचों व ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। तब सिरसी के ग्रामीण फसल काट रहे थे। प्रशासनिक अमले के साथ थाना मधुबन प्रभारी रूप सिंह दहिया भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने जब फसल काटने से रोका तो दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। अधिकारियों ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुला लिया। डीएसपी करनाल राजेश भारद्वाज भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस अमले को देख सिरसी के ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला बोलते हुए खूब पत्थरबाजी की। पुलिस को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा तो साथ ही बीडीपीओ व डीएसपी की सरकारी गाड़ी सहित एक पीसीआर को तोड़ डाला।
सिरसी के ग्रामीणों द्वारा की गई पत्थरबाजी से डीएसपी राजेश भारद्वाज के दांत टूट गए हैं जबकि एसआई रामकुमार, एएसआई सुनील कुमार व विनोद कुमार तथा एचसी बलवान सिंह के अलावा बीडीपीओ के चालक ऋषिपाल को गंभीर चोटें आई हैं। बजीदा जाटान के सरपंच अशोक कुमार के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि पंच प्रेम सिंह, कैलाश चंद व बृजेश कुमार भी जख्मी हुए हैं। झगड़े में सिरसी गांव की तीन महिलाएं मायावती, कृष्णा व उषा सहित कपिल को चोटें आई हैं, जिन्हें ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सिरसी के ग्रामीणों का कहना है कि 70 साल से वे इस जमीन पर खेती कर रहे हैं। गिरदावरी व ट्यूबवेल का कनेक्शन उनके नाम है। प्रशासन ने अगर उनके साथ जबरदस्ती की तो वह अपनी जान तक दे देंगे। पुलिस ने बीडीपीओ प्रितपाल सिंह की शिकायत पर सिरसी के ग्रामीणों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

Monday, April 18, 2011

आरक्षण नहीं मिला तो होगा चक्का जाम

करनाल, विजय काम्बोज :
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेवानिवृत्त कर्नल ओपी सिंधु ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने जाटों को ओबीसी के तहत आरक्षण देने के लिए छह महीने का समय मुकर्रर किया है। यदि इस दौरान जाटों के साथ छलावा किया गया, तो 2 अक्टूबर से आंदोलन का बिगुल बजा दिया जाएगा। पूरे उत्तर भारत में चक्का जाम किया जाएगा और दिल्ली की बिजली, पानी, दूध और सब्जी आपिूर्ति बंद की जाएगी। इसके लिए आम जनता को जो परेशानी होगी, उसकी जिम्मेदार केंद्र और प्रदेश सरकार होगी।
ओपी सिंधु ने सेक्टर 12 स्थित जाट भवन में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सरकार ने 25 सितंबर तक का समय मांगा है। उसके बाद यदि जाटों को आरक्षण नहीं दिया, तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय ने आरक्षण के मुद्दे पर शांतिप्रिय ढंग से आंदोलन किया है। जाट समाज को केवल 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण में प्रवेश करना है, जिसके अधिकार से उन्हें वंचित किया गया। यह हक उन्हें जस्टिस गुरनाम सिंह कमीशन ने दिया था। उन्होंने कहा कि वे दूसरी किसान जातियों और गरीबों को आरक्षण का समर्थन करते हैं। कुछ लोग राजनीतिक चमकाने के लिए जाट आरक्षण के विरुद्ध उल्टे-सीधे बयान कर रहे हैं। ऐसे तत्वों का दुष्प्रचार तर्कहीन तथा राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तथा हाईकोर्ट से अपील की कि जाट समुदाय के विरुद्ध किसी भी याचिका पर सुनवाई के साथ उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दे। इस मौके पर रघुवीर सिंह राणा, रणधीर सिंह गहल्याण, सतबीर सिंह भनवाला, शमशेर सिंह संधू, रामधारी नरवाल, जयपाल संधू, बलबीर सिंह पूनिया आदि मौजूद थे।



दुर्घटना में 12 लोगो की मौत

मुज़फ्फरनगर, अमित सैनी :
मुज़फ्फरनगर बस और ट्रक की जोरदार भिडंत में बारह लोगो की मौत हो गयी !और दो दर्जन से ज्याद लोग घायल हो गए जिन्हें नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया ! घटना उस समय हुई जब एक डग्गा मार बस यात्रियों को लेकर कैराना से गंगोह (सहारनपुर ) जा रही थी ! तभी सामने से रेत से भरे हुए एक ट्रक ने बस को सामने से जोरदार टक्कर मार दी जिस से बस चकना चूर हो गयी !
और बसमे बैठे दस लोगो की मोके पर ही दर्द नाक मौत हो गयी और दो दर्जन से जादा लोग घायल हो गए ! ग्रामीणों और मके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को नजदीकी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया ! घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है !
जनपद मुज़फ्फरनगर में सोमवार का दिन कला साबित हो गया जब दोपहर एक बजकर तिस मिनट पर कैराना कसबे से एक डग्गा मार बस ७० सवारियों को लेकर गंगोह के लिए रवाना हुई ! लेकिन बस गंगोह पहुचने से पहले ही कैराना और शामली के बिच भूरा कंडेला (गाँव ) के नजदीक दुर्घटना का शिकार हो गयी ! शामली की और से आरहे एक ट्रक ने बस को सामने से जोरदार टक्कर मार दी जिसे ट्रक और बस चकना चूर हो गए ! टक्कर इतनी भयंकर थी की पास के खेतो में काम कर रहे ग्रामीण घटना स्थल पर आगये और बस में फसे लोगो को निकालने लगे ! इस दर्दनाक हादशे में दस लोगो की मौत हो गयी दो बच्चे और पांच महिलाये है ! मर्ताको के सवो को जिला चिकित्सालय भिजव दिया गया है ! पुलिस के आला अधिकारियो ने मौके पर जा कार मर्ताको और घायलों के परिजनों को धेर्य बनाये रखने और सरकार की और से मुआवजा देने की बात कही है ! इस घटना से पुरे छेत्र में गम का माहोल बना हुआ है ! पुलिस दुर्घटना का कारन तेज रफ़्तार और ओवर लौड़ होने की बात कह रही है !


विजुअल के लिए सम्पर्क कर सकते है!


स्वास्थ्य की देखभाल को रहें गंभीर : सुमिता सिंह

करनाल ,विजय काम्बोज
विधायक सुमिता सिंह ने कहा कि कोई भी बीमारी लाइलाज नहीं होती। यदि समय पर उसका उपचार किया जाए। विधायक ने मॉडल टाउन स्थित श्रीगुरू सिंह सभा चेरीटेबल डिस्पेंसरी व पैथ लैब एवं मैडंटा द मैडीसिटी गुड़गाव के सौजन्य से आयोजित फ्री मेडिकल कैंप में विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को बीमारी से बचने के लिए अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि खानपान व रहन-सहन सही है तो बीमारियों से दूर रहेगे। उन्होंने कहा कि समाज में विभिन्न संस्थाओं की ओर से जरूरतमंद लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाती है जो समाजसेवा के साथ-साथ पुण्य का कार्य भी है। डॉ. गगनदीप सिंह, यूरोलॉजिस्ट डॉ. एनपी गुप्ता व नीरोलॉजिस्ट डॉ. आत्माराम बंसल ने भी विभिन्न बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिविर में करीब 200 मरीजों ने अपने स्वास्थ्य की जाच कराई। सिंह सभा ने चिकित्सकों व अतिथियों को सरोपे भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. वंदना भाटिया, सरदार त्रिलोचन सिंह, ऊषा गाबा, डॉ. महेश तोमर, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार टीपी सिंह, एसपीएस पसरीचा, डॉ. कुलवंत सिंह, गुरजीत सिंह, सरदार अमरजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, मोहन सिंह नरूला, इंद्रपाल सिंह व अमरीक सिंह चोपड़ा उपस्थित थे

सिंधी समाज पुरस्कार से सम्मानित हुई हस्तियां

नई दिल्ली, ( प्रेमबाबू शर्मा )
स्वतंत्रता आदोलन में सिंधी समाज का बहुत बडा योगदान रहा है। वर्तमान में देश की प्रगति में भी सिंधी समाज अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उक्त विचार सांसद व प्रदेश काग्रेस अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल ने भगवान झूलेलाल जयंति व सिंधी नववर्ष पर आयोजित चेटी मेले में व्यक्त किये ।
समारोह का आयोजन सिंधी जागृति सभा द्वारा पंजाबी बाग स्टेडियम में हुआ किया । इस मौके पर सांसद महाबल मिश्रा ,दिल्ली सरकार में मंत्री रमाकांत गोस्वामी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों को सिंधी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। के अलावा मोहन मखीजानी को सिंधु रत्न व मंगू एफ अहुजा को लाईफ टाईम अचिवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर संस्था से जुडे पदाधिकारी एल.डी.शाहदादपुरी,कैलाशबालानी,मनोहर बलवानी,गोपीचंद रघुवानी,विजय मंघानी,प्रेम रेहजा देव आनंद, व डी.के.आर्य भी मौजूद थे। धार्मिक कार्यक्रम साय 5 बजे यूजी रोहिरा के दीप प्रज्जवलित से शुरू होकर रात 11 बजे तक चला। जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताए, सिधीं बाजार ,सिधीं झांकियां,सिधीं प्रदर्शनी, बहराणा साहिब,छेज,होजामालो व शहनाई वादन आकर्षण का केन्द्र रही। इस मेले में सिंधी पंरपंरा के अनुसार चार और पांच पीढियों वाले परिवारों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सिंधी जागृति सभा के चैयरमेन कैलाश बालानी व जनरल सैकट्री गोपीचंद रधुवानी ने उपस्थित सिंधी समाज के लोगों को सिधीं नववर्ष की वधाई दी। संस्था के अध्यक्ष मनोहर बलवानी ने कहा कि पंजाबी बाग स्टेडियम में चेटी मेले आयोजन विगत 11 सालों से हो रहा है। मेला मे सास्कृतिक संध्या में लोकगीत संगीत व नृत्य के माध्यम से चित्रा तगलानी ग्रुप( आदिपुर ) मंगाराम म्युजिकल ग्रुप (अजमेर) के अलावा अमित जयसिंघानी ( 786 डांस अकादमी दिल्ली ) के सिंधी कलाकार कलाकार प्रस्तुति दी। इस साल मेले में करीबन पचास हजार श्रद्वालुओं ने भाग लिया था अंत में रोटचटनी प्रसाद का वितरण हुआ।



प्रदेश में अधिकांश हिस्से में आंधी के साथ ओलावृष्टि

करनाल ,विजय काम्बोज
मौसम ने रविवार को फिर विकराल रूप दिखाया। प्रदेश में अधिकांश हिस्से में आंधी के साथ ओलावृष्टि और बारिश होने से फसलों की शामत आ गई। खलियानों में रखी फसलों के अलावा अनाज मंडियों में लाखों क्विंटल गेहूं भीग गया। आंधी से हजारों पेड़ गिर गए और भूसा उड़ गया। सबसे ज्यादा नुकसान करनाल में हुआ है। गर्मी की बेलवाली फसलों को भी ओले गिरने से नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने अनाज मंडियों का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया।



करनाल में आंधी के साथ ओलावृष्टि व बारिश ने पकी फसलों को तहस-नहस कर दिया। जिले में हजारों एकड़ गेहूं, सब्जी व चारे की फसलों को नुकसान हुआ है। आंधी काटी गई गेहूं की फसल के अलावा भूसे को भी उड़ा ले गई। इससे फसल कटाई का सारा कार्य थम गया है। असंध व निसिंग क्षेत्र में आंधी से हजारों पेड़-पौधे गिर गए। इसके अलावा खीरा, करेला, भिंडी, टिंडा, तोरी, घीया, कद्दू, तरबूज व खरबूज की फसलें करीब 90 प्रतिशत तक खराब हो गई। प्याज व लहसुन को भी नुकसान हुआ है। पानीपत में करीब 20 मिनट तक हुई बारिश से मंडियों के साथ खलियानों में पड़ी फसलें खराब हो गई। झज्जर के बेरी में करीब पांच-सात मिनट तक ओले गिरने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। बहादुरगढ़ के सौलधा गाव का किसान महाबीर (60) रविवार की सुबह अपने खेतों की ओर जा रहा था। इसी दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गेहू की कटाई से लेकर थ्रेसिंग, ढुलाई तक सब कुछ बाधित हो गया है। रोहतक में हल्की बूंदाबांदी और ओले गिरने से फसलों को लेकर किसान की धड़कनें तेज हो गई हैं। जींद में बारिश के कारण सरसों और गेहूं की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मंडियों में खुले में रखी लाखों टन गेहूं की बोरियां भीग गई है। यही नहीं करीब तीन मिनट तक हुई ओलावृष्टि से खेतों में पककर तैयार फसलों को नुकसान हुआ है। कुरुक्षेत्र में भी वर्षा से फसलों को काफी क्षति हुई है। मंडियों में रखा गेहूं गीला हो गया। यमुनानगर में रविवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होने से फसलें प्रभावित हुई हैं। गेहूं और सरसों के अलावा बेल वाली फसलों खरबूज, तरबूज, घीया, करेला और तोरई को भी नुकसान हुआ है। कैथल में बरसात से काफी नुकसान की खबर है। मंडियों में रखा करीब सवा तीन लाख क्िवटल गेहूं गीला हो गया है। जिले में पांच एमएम वर्षा हुई है।

फसल काटने को लेकर सिरसी के ग्रामीणों ने प्रशासनिक अमले पर हमला

करनाल ,विजय काम्बोज :
बजीदा जाटान की विवादित पंचायती जमीन से गेहूं की फसल काटने को लेकर सिरसी के ग्रामीणों ने प्रशासनिक अमले पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों ने पथराव करते हुए पुलिस को मौके से खदेड़ दिया तो साथ ही पुलिस की तीन गाड़ियां तोड़ डाली। पथराव से डीएसपी सहित पांच पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं जबकि बजीदा जाटान के सरपंच, दो पंच सहित दोनों गांवों के 16 लोग जख्मी हुए हैं। जख्मी पुलिसकर्मियों को ट्रामा सेंटर भर्ती कराया गया है। डीएसपी राजेश भारद्वाज को अधिक चोट आने के कारण निजी अस्पताल में उपचार दिलाया जा रहा है। पुलिस ने सिरसी के ग्रामीणों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है।
बजीदा रेलवे स्टेशन के समीप पंचायत की 24 एकड़ जमीन को लेकर पिछले कई साल से सिरसी के ग्रामीणों के साथ विवाद चल रहा है। ग्रामीण इस जमीन पर अपना मालिकाना हक जता रहे हैं, जबकि पंचायत ने कागजात के आधार पर पंचायती जमीन होने का दावा किया था। सरकारी आदेशों के अनुसार ही पिछले माह 12 एकड़ जमीन पर पंचायत ने कब्जा ले लिया था। शेष 12 एकड़ जमीन पर गेहूं की फसल खड़ी है।
रविवार की सुबह सिरसी के ग्रामीण जब फसल काट रहे थे तो प्रशासन व पंचायत को इसकी भनक लग गई। बीडीपीओ प्रितपाल सिंह व गांव के सरपंच अशोक कुमार पंचों व ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। तब सिरसी के ग्रामीण फसल काट रहे थे। प्रशासनिक अमले के साथ थाना मधुबन प्रभारी रूप सिंह दहिया भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने जब फसल काटने से रोका तो दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। अधिकारियों ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुला लिया। डीएसपी करनाल राजेश भारद्वाज भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस अमले को देख सिरसी के ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला बोलते हुए खूब पत्थरबाजी की। पुलिस को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा तो साथ ही बीडीपीओ व डीएसपी की सरकारी गाड़ी सहित एक पीसीआर को तोड़ डाला।
सिरसी के ग्रामीणों द्वारा की गई पत्थरबाजी से डीएसपी राजेश भारद्वाज के दांत टूट गए हैं जबकि एसआई रामकुमार, एएसआई सुनील कुमार व विनोद कुमार तथा एचसी बलवान सिंह के अलावा बीडीपीओ के चालक ऋषिपाल को गंभीर चोटें आई हैं। बजीदा जाटान के सरपंच अशोक कुमार के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि पंच प्रेम सिंह, कैलाश चंद व बृजेश कुमार भी जख्मी हुए हैं। झगड़े में सिरसी गांव की तीन महिलाएं मायावती, कृष्णा व उषा सहित कपिल को चोटें आई हैं, जिन्हें ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सिरसी के ग्रामीणों का कहना है कि 70 साल से वे इस जमीन पर खेती कर रहे हैं। गिरदावरी व ट्यूबवेल का कनेक्शन उनके नाम है। प्रशासन ने अगर उनके साथ जबरदस्ती की तो वह अपनी जान तक दे देंगे। पुलिस ने बीडीपीओ प्रितपाल सिंह की शिकायत पर सिरसी के ग्रामीणों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।