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Saturday, January 29, 2011

समाज के चौथे स्तम्भ पर हमला

हॉस्पिटल में उपचाराधीन अमर उजाला का कैमरामेन रमेश चौहान
मुज़फ्फरनगर में समाज के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकार बंधुओ पर गुंडई पर उतरे वकीलों ने हमला किया. जिसमे वकीलों ने दैनिक अख़बार के दो फोटोग्राफरों को बंधक बनाकर कई घंटो तक पिटे, जिनको कई घंटो बाद मुक्त किया गया, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है, जोकि इस समय जिंदगी और मौत के बीच जिला हॉस्पिटल में लड़ रहे है!
शनिवार को नगर के परकाश चोक के पास पुलिस और जिला प्रसाशन अतिकर्मन हटा रहा था, जहा पर सारी मीडिया न्यूज़ कवरेज कर रही थी, की उसी दौरान एक वकील भी वह जा पंहुचा, जो की वहा पर अनाप-सनाप कमेन्ट करने लगा, जिस पर गुस्साई भीड़ ने वकील की अच्छी तेरह से फिटनेस बना डाली, जो की अमर उजाला के कैमरामेन रमेश चौहान और हिंदुस्तान के कैमरामेन मनीष चौहान ने उस दृश्य को कैमरे में कैद कर लिया, जिसको लेकर वकील उनके साथ भी गली गलोच करने लगा!
हॉस्पिटल में उपचाराधीन hindustan  का कैमरामेन मनीष चौहान
इस मामले के बाद जहा वकील कचहरी चला गया, वही दोनों कैमरामेन भी अन्य रिपोर्टर एंड कैमरामेन के साथ कचहरी चले गये, जहा पर कथित आधिवक्ता ने अपने अन्य साथी वकीलों के साथ मिलकर दोनों कैमरामेन को दबोच लिया! करीब 200 से 250 वकीलों ने दोनों को जमीं पर डालकर बुरी तरह लात-घुसो से पीटे! ये क्रम तक़रीबन 1.30 घंटे तक चला! इतना ही नही, वकीलों ने कचहरी परिसर में घुसने वाले हर रिपोर्टर को इसी तरह से पीटने की घोषणा कर दी! वकीलों ने मार-पीट कर दोनों को एक कमरे में बन्द कर दिए! जिनको उन्होंने तीन घंटो के बाद बंधन मुक्त करने के बाद पुलिस हॉस्पिटल ले गयी, जहा पर दोनों को गंभीर अवस्था के चलते उपचार हेतु भर्ती कर लिया गया है! इस घटना से पत्रकार जगत में रोष व्याप्त है! इतना ही नही पुलिस और जिला प्रशासन की निरकुश्ता पर चिंतित भी है!
आप सभी से अनुरोध है कि इस गंभीर मामले को संज्ञान में ले और अपनी opinion एवं कमेन्ट हमें ज़रूर भेजे!

- अमित सैनी
मुज़फ्फरनगर
09837739873
09259178863

2 comments:

arshid said...

ye Media pr nhi, balki Samaj ke muh pr tamacha hai........

Anonymous said...

इस तरह से पत्रकारों पर हमला करने वालो के खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई होनी चाहिए चाहे वह कोई भी सख्स क्यों ना हो |यह दो पत्रकारों पर हमला नहीं बल्कि पूरे समाज के मुंह पर तमचा है|

Saturday, January 29, 2011

समाज के चौथे स्तम्भ पर हमला

हॉस्पिटल में उपचाराधीन अमर उजाला का कैमरामेन रमेश चौहान
मुज़फ्फरनगर में समाज के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकार बंधुओ पर गुंडई पर उतरे वकीलों ने हमला किया. जिसमे वकीलों ने दैनिक अख़बार के दो फोटोग्राफरों को बंधक बनाकर कई घंटो तक पिटे, जिनको कई घंटो बाद मुक्त किया गया, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है, जोकि इस समय जिंदगी और मौत के बीच जिला हॉस्पिटल में लड़ रहे है!
शनिवार को नगर के परकाश चोक के पास पुलिस और जिला प्रसाशन अतिकर्मन हटा रहा था, जहा पर सारी मीडिया न्यूज़ कवरेज कर रही थी, की उसी दौरान एक वकील भी वह जा पंहुचा, जो की वहा पर अनाप-सनाप कमेन्ट करने लगा, जिस पर गुस्साई भीड़ ने वकील की अच्छी तेरह से फिटनेस बना डाली, जो की अमर उजाला के कैमरामेन रमेश चौहान और हिंदुस्तान के कैमरामेन मनीष चौहान ने उस दृश्य को कैमरे में कैद कर लिया, जिसको लेकर वकील उनके साथ भी गली गलोच करने लगा!
हॉस्पिटल में उपचाराधीन hindustan  का कैमरामेन मनीष चौहान
इस मामले के बाद जहा वकील कचहरी चला गया, वही दोनों कैमरामेन भी अन्य रिपोर्टर एंड कैमरामेन के साथ कचहरी चले गये, जहा पर कथित आधिवक्ता ने अपने अन्य साथी वकीलों के साथ मिलकर दोनों कैमरामेन को दबोच लिया! करीब 200 से 250 वकीलों ने दोनों को जमीं पर डालकर बुरी तरह लात-घुसो से पीटे! ये क्रम तक़रीबन 1.30 घंटे तक चला! इतना ही नही, वकीलों ने कचहरी परिसर में घुसने वाले हर रिपोर्टर को इसी तरह से पीटने की घोषणा कर दी! वकीलों ने मार-पीट कर दोनों को एक कमरे में बन्द कर दिए! जिनको उन्होंने तीन घंटो के बाद बंधन मुक्त करने के बाद पुलिस हॉस्पिटल ले गयी, जहा पर दोनों को गंभीर अवस्था के चलते उपचार हेतु भर्ती कर लिया गया है! इस घटना से पत्रकार जगत में रोष व्याप्त है! इतना ही नही पुलिस और जिला प्रशासन की निरकुश्ता पर चिंतित भी है!
आप सभी से अनुरोध है कि इस गंभीर मामले को संज्ञान में ले और अपनी opinion एवं कमेन्ट हमें ज़रूर भेजे!

- अमित सैनी
मुज़फ्फरनगर
09837739873
09259178863

2 comments:

arshid said...

ye Media pr nhi, balki Samaj ke muh pr tamacha hai........

Anonymous said...

इस तरह से पत्रकारों पर हमला करने वालो के खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई होनी चाहिए चाहे वह कोई भी सख्स क्यों ना हो |यह दो पत्रकारों पर हमला नहीं बल्कि पूरे समाज के मुंह पर तमचा है|